करियर और व्यापार में मिलेगी अपार सफलता, मूलांक 1 वाले आज ही पहनें माणिक्य रत्न, पढ़ें नियम
अंक शास्त्र के अनुसार, मूलांक 1 के जातकों के लिए माणिक्य रत्न धारण करना बेहद शुभ माना जाता है, जिससे करियर और व्यापार में अपार सफलता मिलती है। यह रत्न ...और पढ़ें
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मूलांक 1 वाले कैसे करें सूर्य को प्रसन्न? (Image Source: AI-Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। अंक शास्त्र में सभी मूलांकों का विशेष महत्व है। ऐसा माना जाता है कि व्यक्ति के मूलांक के अनुसार उसके करियर, आर्थिक स्थिति और स्वभाव के बारे में पता चलता है। अंक शास्त्र में बताया गया है कि मूलांक के अनुसार रत्न को पहनने से व्यक्ति का गोल्डन टाइम शुरू होता है और जीवन में आने वाले सभी दुखों से छुटकारा मिलता है।
मूलांक 1 वालों को बिजनेस और करियर में सफलता प्राप्त होती है, क्योंकि इस मूलांक के स्वामी ग्रह सूर्य हैं। अगर आप सूर्य ग्रह की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं, तो इस आर्टिकल में बताया गया रत्न जरूर धारण करें। ऐसा माना जाता है कि मूलांक के अनुसार रत्न को पहनने से जीवन खुशहाल होता है और शुभ फल प्राप्त होता है।
मूलांक 1 लिए कौन सा रत्न है शुभ?
अंक शास्त्र के अनुसार, जिन लोगों का जन्म महीने किसी भी महीने की 1, 10, 19 या 28 तारीख को होता है, तो उनका मूलांक 1 होता है। इस मूलांक के ग्रह स्वामी सूर्य हैं। ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि सूर्य ग्रह को आत्मा, आत्मविश्वास और नेतृत्व का प्रतीक माना जाता है। सूर्य को नवग्रहों का राजा भी कहा जाता है।
भाग्यशाली रत्न
मूलांक 1 वालों के लिए माणिक्य रत्न को शुभ माना जाता है। इस रत्न को पहनने से व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है और आत्मविश्वास में वृद्धि, करियर, समाज में मान-सम्मान मिलता है। साथ ही सेहत में सुधार देखने को मिलता है।
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किस दिन पहनें माणिक्य रत्न?
माणिक्य रत्न को पहनने के लिए रविवार का दिन शुभ माना जाता है, क्योंकि यह दिन सूर्य देव को समर्पित है। इस दिन माणिक्य रत्न पहनने से व्यक्ति को शुभ फल की प्राप्ति होती है। साथ ही करियर और कारोबार में आ रही बाधा दूर होती है।
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माणिक्य रत्न पहनने की सरल विधि
- रविवार के दिन सुबह जल्दी उठें और स्नान करने के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें।
- इस रत्न को सोने और तांबे की अंगूठी में पहनना शुभ माना जाता है।
- इस रत्न को दाहिने हाथ की अनामिका उंगली में पहनना चाहिए।
- रत्न को धारण करने से पहले गंगाजल और कच्चे दूध शुद्ध कर लें।
- इसके बाद सूर्य देव का ध्यान कर माणिक्य रत्न को धारण करें।
- माणिक्य रत्न को पहनने के बाद तामसिक भोजन का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए।
- इसके अलावा रत्न की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और खंडित रत्न नहीं पहनना चाहिए।
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