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जन्म तारीख के अनुसार आपको शिवजी की किन बातों का पालन करना चाहिए?

Updated: Thu, 06 Aug 2026 11:40 AM (GMT+05:30)

अंक शास्त्र के अनुसार, प्रत्येक मूलांक भगवान शिव के शाश्वत ज्ञान से जुड़कर जीवन में आगे बढ़ने और चुनौतियों पर नियंत्रण पाने में मदद करता है। ...और पढ़ें

मूलांक अनुसार जानिए भगवान शिव से जुड़ी शिक्षाओं के बारे में (Picture Credits- AI Image)

मूलांक अनुसार जानिए भगवान शिव से जुड़ी शिक्षाओं के बारे में (Picture Credits- AI Image)

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। क्या हो अगर आपकी जन्म तिथि आपको आध्यात्मिकता का ऐसा अनुभव कराए कि आपको आगे बढ़ने, चुनौतियों पर नियंत्रण पाने और जीवन को एक बड़े उद्देश्य के साथ जीवन में सहायता करें। अंक शास्त्र में प्रत्येक अंक की अपनी एक खास ऊर्जा होती है। लेकिन जब इन्हें भगवान शिव के शाश्वत ज्ञान से जोड़कर देखा जाता है, तो इनका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। ये हमें उन्हें गुणों से परिचित कराते हैं, जिन्हें हमें जीवन भर विकसित करने की जरूरत है।

अब चाहे विनम्रता के साथ जीना हो या भावनाओं पर काबू रखना, जिम्मेदारी स्वीकार करना हो या उच्चतर ज्ञान की तलाश करना हो भगवान शिव की शिक्षाएं लाखों भक्तों का हमेशा मार्गदर्शन करती हैं। आइए जानते हैं मूलांक के हिसाब से भगवान शिव से जुड़ी किन बातों का पालन करना चाहिए।

मूलांक 1 (अहंकार की जगह विनम्रता अपनाएं)

जिन भी लोगों का जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक 1 है। इस अंक के लोग सूर्य द्वारा शासित होते हैं, जो आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का प्रतीक है।

भगवान शिव इन्हें याद दिलाती हैं कि, सच्ची शक्ति विनम्रता से आती है। इन्हें अपनी शक्ति का इस्तेमाल अंहकार दिखने की जगह सेवा में लगाना चाहिए।

मूलांक 2 और 3 (भावनाओं पर काबू रखें)

2, 11, 20 और 29 तारीख को जन्में लोगों को भावनात्मक चुनौतियों के दौरान खुद को शांत करने की कोशिश करनी चाहिए। इसके लिए ध्यान, प्रार्थना और धैर्य आंतरिक संतुलन को विकसित करने में मदद करते हैं।

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वहीं मूलांक 3 के जातकों को भी अपने ज्ञान का इस्तेमाल दूसरों की भलाई और मार्गदर्शन के लिए करना चाहिए। भगवान शिव इन्हें सिखाती हैं कि, ज्ञान सिर्फ व्यक्तिगत सफलता के लिए रखने के बजाय दयालुता के साथ साझा करने पर बढ़ती है।

मूलांक 4 और 5 (अनुशासन के साथ बदलाव को स्वीकार करें)

जिन भी लोगों का जन्म 4, 13, 22 या 31 है, उनके लिए भगवान शिव का ज्ञान यही कहता है कि, जीवन में होने वाले बदलावों को अपनाना चाहिए, न कि उनका विरोध करना चाहिए। विकास आमतौर पर आपके कंफर्ट जोन से बाहर ही शुरू होता है।

5, 14 या 23 तारीख को जन्म लेने वाले लोगों को अपनी सोच और इंद्रियों पर कंट्रोल करना चाहिए। वाणी, कर्म और आदतों में अनुशासन मानसिक स्पष्टता लाने का काम करता है, जो दीर्घकालिक परिणाम के लिए बेहद जरूरी होते हैं।

जन्म संख्या 6 और 7 (प्यार और उच्च चेतना की खोज करें)

6, 15 या 24 तारीख को जन्म लेने वाले लोगों को भौतिक वस्तुओं या क्षणिक रिश्तों से मोह किए बिना गहरा प्रेम हो जाता है। इनके लिए भगवान शिव यही संदेश देते हैं कि जीवन में स्थायी शांति वैराग्य से आती है। जबकि जिन लोगों की जन्म तारीख 7, 16 या 25 है, इन लोगों को अंतर्ज्ञान और आध्यात्मिक जागरुकता विकसित करने पर ध्यान देना चाहिए।

जन्म संख्या 8 और 9 (साहस और करुणा के साथ जीवन जिएं)

8, 17 या 26 तारीख को जन्में लोगों को मुश्किल समय में जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। जिस तरह भगवान शिव ने ब्रह्मांड की रक्षा के लिए जहर ग्रहण किया था, उसी तरह इस अंक के व्यक्तियों को अपने प्रियजनों के साथ रहना चाहिए।

वैदिक अंक ज्योतिष में 9, 18 और 27 अंक को मंगल से जुड़ा माना जाता है। इस अंक के लोगों को साहस और करुणा के साथ जीवन जीना चाहिए, न कि दूसरों पर प्रभुत्व जमाना चाहिए।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।