बहुत हेल्पिंग नेचर के होते हैं इस मूलांक के जातक, कई बार लोग इनका यूज करते हैं और फिर भूल जाते हैं
मूलांक 9 के जातक बेहद मददगार और दयालु होते हैं, लेकिन अपनी भावनाओं पर नियंत्रण न रख पाने और 'ना' न कह पाने के कारण अक्सर लोग उनका फायदा उठाते हैं। ...और पढ़ें
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मूलांक-9 वालों को दूसरों का दुख इन्हें अपना दुख लगता है। (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। अंक ज्योतिष में मूलांक 9 को सबसे ज्यादा निस्वार्थ माना जाता है। यह अंक मंगल का अंक है। जिन लोगों का जन्म किसी भी महीने की 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक 9 होता है। इन जातकों पर मंगल ग्रह का प्रभाव सबसे ज्यादा रहता है। मंगल ऊर्जा, साहस, सेवा और समर्पण का प्रतीक है। यही वजह है कि मूलांक 9 के लोग स्वभाव से बेहद मददगार और दयालु होते हैं।
साथ ही, यह लोग दिल के सच्चे और वफादार स्वभाव वाले भी होते हैं। कई बार लोग इनका फायदा उठा लेते हैं। इनकी मदद तो ले लेते हैं, मगर बाद में इन्हें भूलकर आगे बढ़ जाते हैं। इनके साथ ऐसा क्यों होता है चलिए जानते हैं।
भावनाएं नहीं कर पते हैं कंट्रोंल
मूलांक 9 वाले लोग भावनाओं के बहुत पक्के होते हैं। इनका दिल शीशे की तरह साफ होता है। किसी को तकलीफ में देखना इन्हें बिल्कुल पसंद नहीं। अगर आसपास कोई परेशान है तो ये बिना सोचे उसकी मदद के लिए सबसे पहले खड़े हो जाते हैं। दूसरों का दुख इन्हें अपना दुख लगता है। रिश्तों में ये पूरी वफादारी निभाते हैं। दोस्त हो या परिवार, सबके लिए ये जान भी दे सकते हैं। इनके लिए इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है। इसी गुण के कारण लोग इन पर बहुत जल्दी भरोसा कर लेते हैं। मूलांक 9 के जातक भी कभी किसी को मायूस नहीं करते। पैसा हो, समय हो या सलाह, जरूरत पड़ने पर ये पीछे नहीं हटते। समाज सेवा, दान-पुण्य और जरूरतमंदों की मदद करना इनकी फितरत में शामिल है।
नहीं कर पाते हैं अपनी सीमाएं तय
मूलांक 9 की सबसे बड़ी ताकत ही कई बार इनकी कमजोरी बन जाती है। ये लोग 'ना' कहना नहीं जानते। कोई मदद मांगे तो चाहे खुद को परेशानी हो, फिर भी ये मना नहीं कर पाते। इसी वजह से कई बार लोग इनके भोलेपन और अच्छे स्वभाव का फायदा उठाते हैं। काम के ऑफिस में हो या दोस्तों के बीच, सभी को पता होता है कि फलां काम इस व्यक्ति से करवा लो, ये मना नहीं करेगें। धीरे-धीरे लोग इन्हें आदतन इस्तेमाल करने लगते हैं। आर्थिक मदद, भावनात्मक सपोर्ट या कोई जिम्मेदारी मूलांक 9 के लोग सब निभाते हैं। लेकिन जब उनकी जरूरत खत्म हो जाती है तो वही लोग इन्हें नजरअंदाज करने लगते हैं। फोन कम आते हैं, पूछना बंद हो जाता है। ऐसे में इन्हें बहुत चोट पहुंचती है।
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बहुत ज्यादा स्वाभिमानी होते हैं।
फिर भी मूलांक 9 के जातक टूटते नहीं हैं। ये बेहद स्वाभिमानी होते हैं। अगर कोई इनके साथ गलत करता है तो ये लड़ते-झगड़ते नहीं हैं। पीठ पीछे बुराई करना या बदला लेना इनके संस्कार में नहीं है। ये बस चुपचाप अपना रास्ता बदल लेते हैं और फिर से अपने काम में लग जाते हैं। मंगल का प्रभाव इन्हें हार न मानने वाला बनाता है। गिरकर फिर उठना और दूसरों की मदद करते रहना ही इनका जीवन दर्शन है। इन्हें दिखावे से नफरत है। ये जो भी करते हैं दिल से करते हैं।
अत: मूलांक 9 वालों को अपनी अच्छाई के साथ थोड़ी समझदारी भी रखनी चाहिए। हर किसी की मदद करना अच्छी बात है, लेकिन अपनी सीमाएं तय करना भी जरूरी है।
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