Numerology: संघर्षों की भट्टी में तपकर सोना बनते हैं ये लोग, देर से ही सही पर मिलती है 'अखंड' सफलता
मूलांक 8 के लोगों का जीवन संघर्षों से भरा क्यों होता है? जानें शनि ग्रह का प्रभाव और 8, 17 या 26 तारीख को जन्मे लोगों की सफलता का असली राज। ...और पढ़ें

Numerology 8: कैसे होते हैं मूलांक 8 वाले (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
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धर्म डेक्स, नई दिल्ली। अगर आपका या आपके किसी करीबी का जन्म किसी भी महीने की 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो उनका मूलांक 8 होगा। (जैसे: 1+7=8 या 2+6=8)। अंक ज्योतिष के अनुसार, मूलांक 8 का स्वामी ग्रह शनि (Saturn) है।
शनि देव (Shani Dev) 'न्याय के देवता' हैं और थोड़े सख्त मास्टर की तरह व्यवहार करते हैं। यही वजह है कि मूलांक 8 के लोगों को बचपन से ही संघर्षों का सामना करना पड़ता है। इन्हें जीवन की हर छोटी-बड़ी चीज के लिए दूसरों के मुकाबले दोगुनी मेहनत करनी पड़ती है।
मशक्कत के बाद ही क्यों मिलती है सफलता?
शास्त्रों के अनुसार, अंक 8 'कर्म' का अंक है। ये लोग चांदी की चम्मच लेकर पैदा नहीं होते, बल्कि अपनी किस्मत खुद अपने हाथों से लिखते हैं। शुरुआत में इन्हें कई बार असफलताएं मिलती हैं, रुकावटें आती हैं और लोग भी इनका साथ कम देते हैं। लेकिन ये हार नहीं मानते। अक्सर 35 साल की उम्र के बाद इनका असली सुनहरा समय शुरू होता है। जब ये सफल होते हैं, तो इनकी सफलता की नींव इतनी मजबूत होती है कि उसे कोई हिला नहीं सकता।

(Image Source: AI-Gene)
दूसरों के लिए एक मिसाल
मूलांक 8 के लोग बहुत गंभीर और गहरे विचारक होते हैं। ये फालतू की बातें कम और काम ज्यादा करते हैं। अपनी कड़ी मेहनत और अनुशासन के दम पर ये शून्य से शिखर तक का सफर तय करते हैं। यही वजह है कि समाज में इन्हें 'सेल्फ-मेड' इंसानों के तौर पर देखा जाता है और लोग इनकी मिसाल देते हैं।
शास्त्रों में क्या लिखा है?
अंक ज्योतिष की इन बातों का आधार प्राचीन भारतीय 'अंक विद्या' और 'समुद्रिक शास्त्र' है। इन ग्रंथों में ग्रहों की चाल और मानव स्वभाव के गहरे संबंधों को विस्तार से समझाया गया है। शनि के प्रभाव वाले लोग अक्सर 'देर से सफल होने वाले' (Late bloomers) होते हैं।
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