क्या डीलर ने नई बताकर बेच दी है पुरानी कार? तो इन तरीकों से तुरंत पा सकते हैं न्याय
Dealer Sold Old Car: अगर कार डीलर आपको धोखे से पुरानी कार को नई बताकर बेच दिया है तो इन तरीकों से उसके खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकते हैं। ...और पढ़ें

HighLights
रायपुर में मारुति डीलर ने ग्राहक को बेची पुरानी कार।
उपभोक्ता फोरम ने डीलर को कार बदलने का दिया आदेश।
धोखाधड़ी से बचने के लिए PDI और VIN जांचें हमेशा।
ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। रायपुर में एक कार मालिक के साथ हुआ धोखा अब Maruti Suzuki के डीलर के लिए भारी पड़ गया है। ग्राहक ने शोरूम ने नई कार खरीदी थी जो सिर्फ 21,913 किमी चलने के बाद से ही खराब हो गई और रास्ते में बार-बार बंद होने लगी। दरअसल, डीलर ने ग्राहक को पुरानी कार बेची थी जिसकी वजह से यह समस्या आई। आइए जानते हैं कि अगर आपके साथ ऐसा होता है तो आप कैसे इसका समाधान निकाल सकते हैं। बता दें कि, कंज्यूमर कोर्ट ने डीलर को गाड़ी रिप्लेस करने का आदेश दिया है।
डीलर और कंपनी को शिकायत
अगर आपके साथ भी ऐसा हुआ है तो आप डीलर और कंपनी के खिलाफ कई कदम उठा सकते हैं। सबसे पहले कानूनी रास्ता अपनाने के लिए पहले सीधे डीलर और कार निर्माता कंपनी को लिखित में शिकायत भेजें। शिकायत में कार की मैन्युफैक्चरिंग डेट और खरीद की तारीख का साफ-साफ जिक्र करें। उनसे कार को रिप्लेस करने या पूरा पैसा वापस करने की मांग करें।
कई बार ऐसा भी होता है कि कि अपनी साख को बचाने के लिए कंपनी डीलर पर दबाव डालती है और मामला यहीं सुलझ जाता है।
उपभोक्ता फोरम में जाएं
अगर डीलर आपकी बात नहीं सुनता है तो आप Consumer Protection Act का सहारा ले सकते हैं। आप राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर शिकायत कर सकते हैं या सीधे कंज्यूमर कोर्ट भी जा सकते हैं। Consumer Court डीलर को कार बदलने का, पूरा पैसा रिफंड करने का या फिर मुआवजे का आदेश दे सकता है।

पुलिस में शिकायत दर्ज करें
अगर डीलर ने नई कार का झांसा देकर आपको महीनों पुरानी कार बेची है तो यह सीधे तौर पर धोखाधड़ी का मामला है। आप स्थानीय पुलिस स्टेशन या डीलर के खिलाफ धोखाधड़ी के तहत FIR दर्ज करवा सकते हैं। कई बार पुलिस की कार्रवाई से भी डीलर समझौते के लिए तैयार हो जाते हैं जिससे समय की बचत होती है।
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इन बातों का रखें ध्यान
भविष्य में इस तरह के धोखे से बचने के लिए कार की डिलीवरी लेते समय हमेशा PDI (Pre-Delivery Inspecton) करें। इसके लिए, कार का VIN (Vehicle Identification Number) चेक करें। VIN 17 अंकों और अक्षरों का एक कोड होता है जिससे कार के निर्माता, मॉडल, Manufacturing Year और इंजन की पूरी जानकारी मिलती है। इन सभी को जांचन के बाद ही डिलीवरी के कागजों पर साइन करें।