औरंगाबाद में सड़क हादसा, 2 युवकों की मौत के बाद अस्पताल में हंगामा
औरंगाबाद के कामा बिगहा मोड़ पर हुए सड़क हादसे में दो युवकों की मौत हो गई और एक गंभीर रूप से घायल हो गया। ...और पढ़ें
-1784313468493_m.webp)
अस्पताल में जमकर हंगामा। (जागरण)
HighLights
कामा बिगहा मोड़ पर अज्ञात वाहन की टक्कर से हादसा।
हादसे में दो युवकों की मौके पर ही मौत।
इलाज में लापरवाही को लेकर अस्पताल में परिजनों का हंगामा।
जागरण संवाददाता, औरंगाबाद। नगर थाना क्षेत्र के कामा बिगहा मोड़ के समीप शुक्रवार की रात हुए सड़क हादसे में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया।
घायल को बेहतर इलाज के लिए गया स्थित अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। हादसे के बाद सदर अस्पताल में स्वजनों व मित्रों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए करीब दो घंटे तक हंगामा किया।
मृतकों की पहचान मूल रूप से सिमरा थाना क्षेत्र के पड़रिया गांव निवासी तथा पिछले 20-25 वर्षों से शाहपुर में रह रहे रामजन्म यादव के पुत्र अभय कुमार तथा गया जिले के निवासी एवं वर्तमान में शाहपुर निवासी प्रेम सोनी के पुत्र लक्की कुमार के रूप में हुई है। घायल युवक की पहचान समाचार लिखे जाने तक नहीं हो सकी थी।
बताया जाता है कि तीनों युवक एक ही बाइक पर सवार थे। कामा बिगहा मोड़ के पास सड़क पार करने के दौरान किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी और चालक वाहन लेकर फरार हो गया।
-1784313573497.jpg)
स्थानीय लोगों की मदद से तीनों को सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने अभय कुमार और लकी कुमार को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल युवक को गया रेफर कर दिया गया।
अस्पताल में हंगामा
हादसे के बाद आक्रोशित स्वजनों और मित्रों ने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। कुछ लोगों ने बताया कि युवक रात में रील्स बना रहे थे। इसी दौरान अज्ञात वाहन ने तीनों को धक्का मार दी।
खबरें और भी
सूचना मिलने पर नगर थानाध्यक्ष बबन बैठा, सर्किल इंस्पेक्टर फहीम अहमद खान तथा जिला परिषद सदस्य अनिल यादव मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को समझाकर शांत कराया और पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी किया।
रात करीब 11 बजे पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कराई गई। समाचार लिखे जाने तक अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में स्वजन व मित्र मौजूद थे। किसी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए पुलिस देर रात तक अस्पताल परिसर में तैनात रही।