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    Bhagalpur Blackout : 42 घंटे बाद लौटी बिजली, पानी के लिए लोगों ने खर्च किए हजारों रुपये; 10 से ज्यादा ट्रांसफार्मर जले

    Updated: Wed, 27 May 2026 11:15 PM (IST)

    भागलपुर में भीषण आंधी-बारिश के बाद 42 घंटे तक बिजली गुल रही, जिससे पांच लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए और पानी के लिए हजारों रुपये खर्च करने पड़े। बिजली ...और पढ़ें

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    Bhagalpur Power Crisis: 42 घंटे तक अंधेरे में रहा शहर, पानी के लिए लोगों ने किराये पर मंगवाए जनरेटर

    HighLights

    1. भागलपुर में आंधी-बारिश से 42 घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही।

    2. पानी के लिए लोगों ने 1000-1200 रुपये तक खर्च किए।

    3. बिजली बहाली में सुरक्षा मानकों की अनदेखी, 10 ट्रांसफार्मर जले।

    जागरण संवाददाता, भागलपुर। शहर में सोमवार रात आई भीषण आंधी और बारिश के बाद बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। मंगलवार देर रात फिर आए तेज तूफान ने हालात और खराब कर दिए। लगातार हुई क्षति के कारण शहर के कई इलाकों में 42 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। बुधवार दोपहर तक अधिकांश इलाकों में बिजली बहाल हो सकी। लंबे ब्लैकआउट से पांच लाख से अधिक आबादी प्रभावित रही और लोगों को पानी व बिजली के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

    तिलकामांझी और दक्षिणी क्षेत्र में सबसे ज्यादा संकट

    सबसे अधिक परेशानी तिलकामांझी के पूर्वी इलाके, बरारी, ग्रीन सिटी, नीलकंठ नगर, लोदीपुर, मानिकपुर, मिरजानहाट और आसपास के क्षेत्रों में देखने को मिली। तिलकामांझी के आधा दर्जन इलाकों में सोमवार देर रात गई बिजली बुधवार दोपहर करीब एक बजे बहाल हुई। वहीं दक्षिणी क्षेत्र के मानिकपुर, शिवपुरी कॉलोनी, गुड़हट्टा चौक और सिकंदरपुर इलाके में रात आठ बजे के बाद बिजली आपूर्ति शुरू हो सकी।

    पानी के लिए लोगों ने उठाई भारी परेशानी

    बिजली नहीं रहने से घरों की पानी टंकियां पूरी तरह खाली हो गईं। लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए पानी जुटाने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। कई परिवारों ने निजी जनरेटर किराये पर मंगवाए। सिर्फ घरों की पानी टंकी भरवाने के लिए लोगों ने एक-एक घंटे के लिए 1000 से 1200 रुपये तक खर्च किए।

    मोहल्लों में लोग बाल्टी, डिब्बे और बोतलों में पानी भरते नजर आए। कई लोग मोमबत्ती, इमरजेंसी लाइट और बैटरी के सहारे रात गुजारते दिखे। राशन और पीने के पानी की अतिरिक्त व्यवस्था भी लोगों को करनी पड़ी।

    युद्धस्तर पर चला बिजली बहाली कार्य

    बिजली कंपनी की टीमें मंगलवार सुबह से ही युद्धस्तर पर बहाली कार्य में जुटी रहीं। शहर के अलग-अलग इलाकों में टूटे तार, क्षतिग्रस्त पोल और तकनीकी फाल्ट को दुरुस्त करने का काम लगातार चलता रहा। करीब 37 घंटे बाद सेंट्रल जेल फीडर से बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी।

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    इसके बाद जवारीपुर, तिलकामांझी, सच्चिदानंद नगर, शिवपुरी कॉलोनी, प्राणवती लेन, न्यू विक्रमशिला कॉलोनी और विक्रमशिला कॉलोनी के हजारों उपभोक्ताओं को राहत मिली। हालांकि कई इलाकों में देर शाम तक अंधेरा पसरा रहा।

    मिरजानहाट और मानिकपुर में देर रात तक बाधा

    हवाई अड्डा क्षेत्र के पीछे 11 केवी लाइन की मरम्मत और तार जोड़ने का काम पूरे दिन चलता रहा। इसके बावजूद शाम 6:30 बजे तक मिरजानहाट फीडर से जुड़े कई इलाकों में बिजली नहीं पहुंच सकी। शिवपुरी कॉलोनी, गुड़हट्टा चौक, कोबीबाड़ी और सिकंदरपुर पानी टंकी क्षेत्र के लोग देर शाम तक बिजली का इंतजार करते रहे।

    विक्रमशिला फीडर के आधे हिस्से में भी रात आठ बजे तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। मोजाहिदपुर सबडिवीजन के मानिकपुर फीडर क्षेत्र में भी स्थिति सामान्य होने में देर लगी। यहां तीन ट्रांसफॉर्मरों से जुड़े इलाकों में रात 8:30 बजे तक बिजली बाधित रही, जिसे रात नौ बजे के बाद बहाल किया गया।

    बिजली आते ही बढ़ा लोड, कई ट्रांसफार्मर जले

    42 घंटे बाद बिजली आपूर्ति शुरू होते ही शहर में ट्रांसफार्मरों पर अचानक लोड बढ़ गया। लोग एक साथ मोटर, पानी की टंकियां और अन्य उपकरण चलाने लगे। इससे कई जगह ट्रांसफार्मर फाल्ट हो गए।

    सच्चिदानंद नगर में अधिक भार के कारण एक ट्रांसफार्मर जल गया, जबकि लालबाग में ट्रांसफार्मर फाल्ट के कारण करीब आधे घंटे तक बिजली बाधित रही। मानिकपुर क्षेत्र में भी आधा दर्जन ट्रांसफार्मरों में खराबी की शिकायत मिली।

    बिजली कंपनी के अनुसार शहरभर में 10 से अधिक ट्रांसफार्मर जल गए हैं, जबकि 60 से अधिक ट्रांसफार्मरों में तकनीकी गड़बड़ी की सूचना दर्ज की गई। हालांकि देर रात तक अधिकांश जगहों पर स्थिति सामान्य कर ली गई।

    सुरक्षा मानकों की अनदेखी आई सामने

    बिजली बहाली कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी भी सामने आई। मायागंज क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान बिजली कंपनी के एमडी के सामने ही कर्मी बिना सुरक्षा उपकरणों के 11 केवी लाइन पर काम करते नजर आए।

    तिलकामांझी सब डिवीजन के सहायक अभियंता की मौजूदगी में कर्मचारी बिना सेफ्टी किट और सुरक्षा बेल्ट के पोल पर चढ़कर मरम्मत कार्य कर रहे थे। हवाई अड्डा क्षेत्र और आसपास के इलाकों में भी कई कर्मी बिना हेलमेट और ग्लव्स के काम करते दिखाई दिए। स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि सुरक्षा उपकरणों की खरीद और उनके उपयोग की जांच होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।

    एजेंसियों और ठेकेदारों के भरोसे चला काम

    आंधी-तूफान के बाद बिजली बहाली में बिजली कंपनी को एजेंसियों और ठेकेदारों का सहारा लेना पड़ा। सूत्रों के मुताबिक भागलपुर सर्कल में स्थायी तकनीशियन और लाइनमैन की संख्या आवश्यकता से काफी कम है।

    ऐसे में सोमवार रात से शुरू हुए बहाली कार्य में एजेंसी कर्मियों ने अहम भूमिका निभाई। उनकी मदद से जिलेभर में गिरे 300 से अधिक बिजली पोल, क्षतिग्रस्त लाइनों और विभिन्न फाल्टों को दुरुस्त किया गया। बरारी-सबौर बाइपास क्षेत्र में मंगलवार देर रात बिजली बहाल करने के लिए जुगाड़ तकनीक का भी इस्तेमाल किया गया। कई स्थानों पर संसाधनों और उपकरणों की कमी भी साफ दिखाई दी।