तय फीस 850, वसूले 1050 : भागलपुर के सरकारी स्कूल में ओवरचार्जिंग का खेल उजागर, छात्रों ने कहा- रुपये वापस करें
भागलपुर के मदारगंज स्थित एक सरकारी स्कूल में नामांकन के दौरान अतिरिक्त शुल्क वसूली का मामला सामने आया है। 12वीं कला संकाय के छात्रों से निर्धारित 850 ...और पढ़ें

सरकारी स्कूल में ओवरचार्जिंग का खेल, छात्रों से 200 रुपये अतिरिक्त वसूली का आरोप
जागरण संवाददाता, भागलपुर। जिले में सरकारी स्कूलों में नामांकन प्रक्रिया के दौरान अतिरिक्त शुल्क वसूली का मामला सामने आने से शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। ताजा मामला सन्हौला प्रखंड के उत्क्रमित इंटर स्तरीय माध्यमिक विद्यालय मदारगंज का है, जहां 12वीं कला संकाय में नामांकन के लिए तय शुल्क से अधिक राशि लेने का आरोप लगाया गया है।
छात्रों के अनुसार, जहां निर्धारित शुल्क 850 रुपये है, वहीं उनसे 1050 रुपये वसूले जा रहे हैं। इसको लेकर एक दर्जन से अधिक छात्र-छात्राओं ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) और जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) को लिखित शिकायत सौंपी है।
छात्रों ने लगाए गंभीर आरोप
शिकायत में छात्रों ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक अनिल कुमार ठाकुर और उनके सहयोगी शिक्षक संजीव कुमार पर मिलकर अतिरिक्त राशि वसूलने का आरोप लगाया है। छात्रों का कहना है कि यह वसूली सिर्फ सामान्य वर्ग ही नहीं, बल्कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों से भी की जा रही है।
छात्रों ने यह भी बताया कि इस मुद्दे पर कुछ शिक्षकों ने आपत्ति जताई थी, लेकिन उन्हें निलंबन की धमकी देकर चुप करा दिया गया। इससे विद्यालय के अंदर भय का माहौल बनने की बात कही जा रही है।
निजी स्कूलों पर सख्ती, सरकारी में सवाल
गौरतलब है कि हाल ही में जिला प्रशासन ने निजी स्कूलों को अतिरिक्त शुल्क वसूली के खिलाफ सख्त निर्देश जारी किए थे। ऐसे में सरकारी स्कूल में ही इस तरह की शिकायत सामने आना व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है।
शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार निर्धारित शुल्क से अधिक राशि लेना पूरी तरह से अवैध है और इस पर कार्रवाई का प्रावधान है।
विभिन्न संकायों के लिए तय है शुल्क
सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालयों में इंटरमीडिएट कक्षाओं के लिए शुल्क पहले से निर्धारित है। 11वीं कक्षा में कला और वाणिज्य संकाय के लिए 940 रुपये, जबकि विज्ञान संकाय के लिए 1200 रुपये शुल्क तय किया गया है।
वहीं 12वीं कक्षा में कला और वाणिज्य संकाय के लिए 850 रुपये तथा विज्ञान संकाय के लिए 1110 रुपये निर्धारित हैं। इन शुल्कों में प्रवेश, शिक्षण, विकास, खेल, पुस्तकालय और परीक्षा सहित अन्य मद शामिल हैं।
आरक्षित वर्ग को दी गई है राहत
अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के छात्रों को शुल्क में विशेष छूट दी गई है। 11वीं कक्षा में इन वर्गों के लिए कला/वाणिज्य में 560 रुपये और विज्ञान में 760 रुपये शुल्क निर्धारित है।
इसी तरह 12वीं कक्षा में कला/वाणिज्य के लिए 470 रुपये और विज्ञान संकाय के लिए 670 रुपये शुल्क तय किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इससे अधिक वसूली नियम के विरुद्ध है।
प्राचार्य ने दी सफाई
मामले में विद्यालय के प्रधानाध्यापक अनिल कुमार ठाकुर ने अतिरिक्त वसूली के आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि निर्धारित 850 रुपये के अलावा जिन विषयों में प्रैक्टिकल शामिल है, उसके लिए 200 रुपये अतिरिक्त लिए जा रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2013 में जारी एक पत्र के आधार पर यह शुल्क लिया जा रहा है, हालांकि फिलहाल वह दस्तावेज उपलब्ध नहीं है। अन्य स्कूलों में शुल्क को लेकर उन्होंने अनभिज्ञता जताई और कहा कि छात्रों को गुमराह किया जा रहा है।
अन्य स्कूलों में नहीं ली जा रही अतिरिक्त राशि
जब सन्हौला प्रखंड के अन्य माध्यमिक विद्यालयों में जानकारी ली गई तो सामने आया कि वहां 12वीं कला संकाय के लिए केवल 850 रुपये ही शुल्क लिया जा रहा है।
ऐसे में मदारगंज विद्यालय में अतिरिक्त वसूली के आरोपों ने मामले को और गंभीर बना दिया है। अब सभी की नजर शिक्षा विभाग की जांच और कार्रवाई पर टिकी है।
नामांकन को लेकर अतिरिक्त शुल्क लेने की जानकारी मिली है। जो गलत है। इसको लेकर मैं खुद बुधवार को संबंधित स्कूल का भौतिक निरीक्षण करूंगा और बच्चों से बात करूंगा। अगर वास्तव में ऐसा होता है तो संबंधित शिक्षक और प्रधानाध्यापक पर कार्रवाई होगी। सभी स्कूलों को निर्देश है कि जो तय दर नामांकन का है वही लें। अगर कहीं से भी अतिरिक्त राशि लेने की सूचना मिलती है तो संबंधित पर कार्रवाई होगी।
विनय कुमार सुमन, डीपीओ माध्यमिक शिक्षा
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