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    “राम-कृष्ण है तेरो नाम, सबको सन्मति दे भगवान” स्वामी आगमानंद के सानिध्य से श्रद्धालु हुए भावविभोर, कहा- कल्याण करो गुरुदेव

    Updated: Fri, 17 Apr 2026 11:49 PM (IST)

    भागलपुर के जमसी में जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी आगमानंद जी महाराज के सानिध्य में भव्य कल्याणकारी सत्संग हुआ। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भजन, प्रवचन और ग ...और पढ़ें

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    सत्संग से जग उठा भक्ति भाव: भागलपुर के जमसी में स्वामी आगमानंद जी के सानिध्य में गूंजा आध्यात्मिक संदेश

    ड‍िज‍िटल डेस्‍क, भागलपुर। भागलपुर के जमसी में एक भव्य कल्याणकारी सत्संग का आयोजन जगद्गुरु रामानुजाचार्य श्री रामचंद्राचार्य परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज के पावन सानिध्य में किया गया। इस आध्यात्मिक कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए और भक्ति रस में डूब गए। कार्यक्रम का आयोजन आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें भजन, प्रवचन और गुरु वंदना ने सभी को भावविभोर कर दिया।

    आयोजन की रूपरेखा और संचालन

    इस सत्संग कार्यक्रम का सफल संयोजन परमानंद सिंह, मृत्युंजय कुमार स‍िंंह और विकास कुमार शर्मा द्वारा किया गया। मंचीय संचालन की जिम्मेदारी दिलीप शास्त्री ने निभाई, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली, जो सुबह से ही आयोजन स्थल पर पहुंचने लगी थी। पूरे परिसर में भक्ति और आध्यात्मिकता का माहौल बना रहा।

    स्वामी आगमानंद महाराज का प्रेरक प्रवचन

    स्वामी आगमानंद जी महाराज ने सत्संग के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सत्संग ही वह मार्ग है, जिससे मनुष्य ईश्वर की ओर अग्रसर होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं को नाम जप करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि कलियुग में ईश्वर से साक्षात्कार का सबसे सरल और प्रभावी मार्ग सत्संग और नामस्मरण ही है।

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    पूर्वजों के कल्याण का बताया महत्व

    अपने प्रवचन में स्वामी आगमानंद जी ने यह भी कहा कि सत्संग में संतों के प्रवचन सुनने से न केवल वर्तमान जीवन का कल्याण होता है, बल्कि पूर्वजों का भी उद्धार होता है। उन्होंने कहा कि सत्संग के दौरान पूर्वज सूक्ष्म रूप में उपस्थित रहते हैं और संतों की वाणी से वे भी प्रसन्न होते हैं। इससे संपूर्ण परिवार और पीढ़ियों का कल्याण होता है।

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    भजनों से गूंजा पूरा वातावरण

    स्वामी आगमानंद महाराज ने “रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीता राम, “राम-कृष्ण है तेरो नाम, सबको सन्मति दे भगवान” भजन का गायन किया। इन भजनों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे और पूरा पंडाल भक्ति रस में डूब गया। इससे पहले स्वामी आगमानंद महाराज का पूजन एवं चरण पादुका पूजन पंडित अनिरुद्ध शास्त्री और गौतम पांडेय सामवेदी के वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पीएन सिंह, मृत्युंजय कुमार सिंह सहित उनके स्वजनों ने विधि-विधान से किया। 

    अन्य संतों और वक्ताओं की सहभागिता

    इस अवसर पर स्वामी जीवनानंद महाराज (प्रो. ज्योतिन्द्र चौधरी), गीतकार राजकुमार, कुंदन बाबा, पंडित प्रेम शंकर भारती, भजन सम्राट डॉ. हिमांशु मोहन मिश्र 'दीपक जी' और आचार्य पंकज अर्थव ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने सत्संग, भक्ति और सनातन परंपरा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए समाज को आध्यात्मिक मार्ग पर चलने का संदेश दिया।

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    संत के वचन और यज्ञ का महत्व

    सत्‍संग कार्यक्रम के संचालन के दौरान दिलीप शास्त्री ने कहा कि संत का क्षण और अन्न का कण कभी भी बर्बाद नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन में इन दोनों का विशेष महत्व होता है और इनका सम्मान करना आवश्यक है।

    20 से 31 मई तक चलेगा महायज्ञ

    आचार्य पंकज अर्थव ने बताया कि 20 से 31 मई तक भागलपुर में श्री श्री 108 लक्ष्मी पीतांवरा महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह धार्मिक आयोजन भगवती की कृपा से संभव हो रहा है। उन्होंने स्वामी आगमानंद महाराज से आग्रह किया कि यज्ञ के सफल संचालन और व्यवस्थाओं के लिए वे अपना मार्गदर्शन और आशीर्वाद प्रदान करें। आचार्य पंकज अथर्व ने स्वामी आगमानंद जी को यज्ञ के उद्घाटन समारोह में आने का निमंत्रण भी दिया।

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    भजन संध्या और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

    भजन सम्राट डॉ. हिमांशु मोहन मिश्र 'दीपक जी' ने अपनी मधुर वाणी से कई भजन प्रस्तुत किए, जिनमें “गाइए गणपति जग वंदन”, “जरा बोलो मेरी माँ”, “तेरा राम जी करेंगे बेड़ा पार” और “बस राम का नाम लिए जा” “हमारी स्वामनी वो हैं जो सब रानिन में महारानी” प्रमुख रहे। साढ़े चार घंटे तक उनकी प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भक्ति भाव से सराबोर कर दिया।

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    वाद्ययंत्र संगत और कलाकारों की भूमिका 

    कार्यक्रम में तबला पर आकाशवाणी कलाकार प्रो. गोपाल कृष्ण मिश्र और ऑर्गन पर आकाशवाणी कलाकार ओमप्रकाश मंडल ने संगत की। तबला वादक गोपाल जी ने कन्हैया तुझे एक नजर देखना है से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। श्री शिवशक्ति योगपीठ से जुड़े पवन दुबे ने गुरु वंदना प्रस्तुत कर वातावरण को और आध्यात्मिक बना दिया। 

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    विशिष्ट अतिथि, आयोजक और समापन

    इस अवसर पर आयोजन समिति के दयानंद स‍िंंह, डॉ. रेवती रमण सिंंह, मनीष कुमार स‍िंह, कृष्‍णानंद स‍िंंह, धनंजय स‍िंह ने सक्रिय भूमिका निभाई। परमानंद सिंह और मृत्युंजय कुमार स‍िंंह ने स्वागत संबोधन और धन्यवाद ज्ञापन किया। आत्मा भागलपुर के परियोजना निदेशक प्रभात कुमार सिंह, ज‍िला बॉस्‍केटबॉल एसोस‍िएशन के सच‍िव सौरभ कुमार, पीयूष तिवारी, ब‍िल्‍टज, अमरेंद्र त‍िवारी, मधुव्रत चौधरी, आलोक कुंदन, डा. व‍िवेक कुमार, राजीव कुमार स‍िंह, स्वीटी शेखर सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया और भक्ति भाव के साथ आयोजन का समापन हुआ।