भागलपुर नगर निगम: अब बड़े व्यापारियों की जेब होगी ढीली, ट्रेड लाइसेंस शुल्क के नए स्लैब की तैयारी
भागलपुर नगर निगम ट्रेड लाइसेंस शुल्क स्लैब में बदलाव कर रहा है। अब बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अधिक शुल्क देना होगा। 25-50 लाख टर्नओवर पर 5000 रुप ...और पढ़ें

भागलपुर नगर निगम
जागरण संवाददाता, भागलपुर। शहरी क्षेत्र में व्यवसाय करने को लेकर नगर निगम से ट्रेड लाइसेंस लेना अनिवार्य है। इस कड़ी में निगम अब ट्रेड लाइसेंस के शुल्क स्लैब में बदलाव करने जा रहा है। इस बार बड़े व्यवसायिक संस्थानों की जेब थोड़ी ढीली होगी।
निगम प्रशासन द्वारा ऐसे बड़े व्यवसायी की सूची आयकर व सेल टैक्स कार्यालय से सूची मांगी जाएगी। इसके आधार पर भी व्यवसायी की पहचान की जाएगी। इसके साथ निगम के स्तर से भी प्रतिष्ठानों का मूल्यांकन किया जाएगा।
2500 प्रति वर्ष ट्रेड लाइसेंस का शुल्क
नगर निगम 10 लाख तक व्यापार करने वालों से एक हजार और इससे अधिक के व्यापार पर 2500 प्रति वर्ष ट्रेड लाइसेंस का शुल्क लेता है। लेकिन अब नए स्लैब को निगम के सामान्य बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद लागू किया जाएगा।
अब 25 से 50 लाख तक पांच हजार और 50 लाख रुपये से अधिक व्यापार पर 10 हजार रुपये ट्रेड लाइसेंस शुल्क लेने की तैयारी है।
सर्वे के आधार पर 17 हजार प्रतिष्ठानों की सूची तैयार
दरअसल, नगर निगम में गत वर्ष तक छह हजार के करीब ट्रेड लाइसेंस निर्गत किया गया था। लेकिन यह आंकड़ा बढ़कर 13 हजार को पार कर गया है। इन सभी का आवेदन ऑनलाइन जमा किया गया है। अब तक ताजा सर्वे के आधार पर 17 हजार प्रतिष्ठानों की सूची तैयार की गई है।
पूरे शहर में करीब 30 हजार प्रतिष्ठानों का आकलन किया जा चुका है। तहसीलदारों द्वारा वार्ड स्तर पर व्यवसायिक प्रतिष्ठानों का आकलन किया जा रहा है। इसकी सूची लगातार नगर निगम को उपलब्ध कराई जा रही है।
नोटिस भेजकर प्रतिष्ठान को सील करने की चेतावनी
जिन दुकानों ने ट्रेड लाइसेंस नहीं लिया उन्हें नोटिस भेजकर प्रतिष्ठान को सील करने की चेतावनी भी दी जा रही है। ट्रेड लाइसेंस से निगम को दो करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो सकता है। उक्त फंड को शहर के विकास कार्य पर लगाया जाएगा।
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