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आस्था के महाकुंभ में टूटा रिकॉर्ड: अजगैवीनाथ धाम से 75.76 लाख कांवड़ियों ने भरी हुंकार; AI ने की 99% सटीक गिनती

Updated: Sat, 29 Aug 2026 06:15 AM (IST)

श्रावणी मेला 2026 में अजगैवीनाथ धाम से 75.76 लाख कांवड़ियों ने जल उठाया, जो एक नया रिकॉर्ड है। पहली बार ...और पढ़ें

Shravani Mela 2026: अजगैवीनाथ धाम से 75.76 लाख कांवड़ियों ने उठाया जल, पिछले साल से 15.13% ज्यादा; बना नया रिकॉर्ड

Shravani Mela 2026: अजगैवीनाथ धाम से 75.76 लाख कांवड़ियों ने उठाया जल, पिछले साल से 15.13% ज्यादा; बना नया रिकॉर्ड

HighLights

  1. श्रावणी मेला 2026 में 75.76 लाख कांवड़ियों का नया रिकॉर्ड।

  2. पहली बार AI आधारित मशीन से श्रद्धालुओं की सटीक गिनती।

  3. दूसरे पखवाड़े में कांवड़ियों की संख्या में 58.09% की वृद्धि।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 में आस्था और श्रद्धा के साथ-साथ श्रद्धालुओं की आमद ने भी सर्वकालिक नया रिकॉर्ड कायम किया है।

29 जुलाई से 28 अगस्त तक की एक माह की मेला अवधि में सुल्तानगंज स्थित अजगैवीनाथ धाम के पावन गंगा तट से कुल 75 लाख 76 हजार 330 कांवड़ियों ने पवित्र उत्तरवाहिनी गंगाजल उठाया और बाबा वैद्यनाथ धाम (देवघर) के लिए प्रस्थान किया।

मेले के अंतिम दिन (शुक्रवार) 2 लाख 96 हजार 33 श्रद्धालुओं ने गंगाजल भरकर करीब 105 किलोमीटर की पैदल व वाहन यात्रा शुरू की।

बीते वर्ष 2025 में 65 लाख 80 हजार 776 कांवड़ियों ने जल उठाया था, जिसकी तुलना में इस वर्ष 9 लाख 95 हजार 554 अधिक यानी करीब 15.13 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।

वहीं, वर्ष 2024 के 62 लाख 44 हजार 03 कांवड़ियों के मुकाबले इस बार 13 लाख 32 हजार 327 अधिक श्रद्धालु पहुंचे।

पूरे मेले के दौरान 16 अगस्त को सर्वाधिक 3 लाख 93 हजार 404 कांवड़ियों ने जल उठाया, जबकि 29 जुलाई को सबसे कम 44 हजार 729 संख्या दर्ज हुई।

पहली बार AI आधारित मशीन से हुई श्रद्धालुओं की हाई-टेक गिनती

श्रावणी मेले में भीड़ प्रबंधन और कांवड़ियों की संख्या के सटीक आकलन के लिए पहली बार अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लिया गया।

'राठौर सॉल्यूशंस' की ओर से भागलपुर क्षेत्र के कृष्णगढ़ और धांधी बेलारी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित पीपल काउंटिंग मशीनें स्थापित की गई थीं।

  • 29 जुलाई से 28 अगस्त तक कृष्णगढ़ पीपल काउंटिंग मशीन में 75,76,330 कांवड़ियों का आंकड़ा दर्ज; वर्ष 2025 से 9.95 लाख अधिक।

  • मेला अवधि में 16 अगस्त को सर्वाधिक 3.93 लाख, जबकि 29 जुलाई को सबसे कम 44,729 कांवड़ियों ने उठाया पवित्र गंगाजल।

  • श्रावणी मेले में 35,92,103 महिला और 36,88,194 पुरुष कांवड़िया पहुंचे; पुरुषों की तादाद महिलाओं से 96,091 अधिक रही।

  • राठौर सॉल्यूशंस की AI आधारित 'पीपल काउंटिंग मशीन' से 99% एक्यूरेसी के साथ पहली बार हुई श्रद्धालुओं की हाई-टेक गिनती।

  • पहले पखवाड़े की तुलना में दूसरे पखवाड़े में 58.09 प्रतिशत अधिक कांवड़ियों ने की बाबाधाम के लिए पदयात्रा।

कंपनी के तकनीकी विशेषज्ञ साहिल सिंह ने बताया कि मेले में पहली बार प्रयुक्त इस एआई प्रणाली की एक्यूरेसी (सटीकता) लगभग 99 प्रतिशत रही।

इस हाई-टेक मॉनिटरिंग से प्रशासन को भीड़ के दबाव, रूट मैनेजमेंट और सुरक्षा इंतजामों को सुचारू बनाए रखने में मदद मिली।

पुरुष कांवड़ियों का रहा दबदबा, महिलाओं से 96 हजार अधिक

श्रावणी मेला 2026 के आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि इस बार पुरुष कांवड़ियों की भागीदारी अधिक रही। दर्ज आंकड़ों के अनुसार, कुल 36,88,194 पुरुष और 35,92,103 महिला कांवड़िया अजगैवीनाथ धाम पहुंचे। इस प्रकार पुरुष कांवड़ियों की संख्या महिलाओं की तुलना में 96,091 अधिक रही।

पुरुषों की सर्वाधिक उपस्थिति 16 अगस्त को दर्ज की गई, जब एक ही दिन में 2,02,700 पुरुष श्रद्धालु पहुंचे। वहीं, 17 अगस्त को सर्वाधिक 1,96,961 महिला कांवड़ियों ने जल उठाया।

मेले के शुरुआती दिन यानी 29 जुलाई को दोनों वर्गों की संख्या सबसे कम (23,046 पुरुष और 21,683 महिलाएं) रही।

दूसरे पखवाड़े में उमड़ा आस्था का सैलाब, 58.09% की बढ़ोतरी

ई-पीपल काउंटिंग मशीन के डेटा के अनुसार, मेले के पहले पखवाड़े की तुलना में दूसरे पखवाड़े में श्रद्धालुओं की संख्या में भारी उछाल आया:

  • पहला पखवाड़ा (29 जुलाई से 12 अगस्त): 15 दिनों में कुल 26,86,633 कांवड़ियों ने जल उठाया।

  • दूसरा पखवाड़ा (13 अगस्त से 28 अगस्त): अगले 15 दिनों में यह संख्या बढ़कर 42,47,767 तक पहुंच गई।

इस प्रकार दूसरे पखवाड़े में पहले पखवाड़े की अपेक्षा 15,61,134 अधिक श्रद्धालु पहुंचे, जो कि 58.09 प्रतिशत की सीधी बढ़ोतरी दर्शाता है।