रामकुमार सिंह हत्याकांड: आरा में 3 आरोपितों को कराया पैदल मार्च, बिना नकाब डेढ़ किमी ले गई पुलिस
आरा में सेवानिवृत्त अधिकारी रामकुमार सिंह हत्याकांड के तीन आरोपितों को पुलिस ने नवादा थाना से सिविल कोर्ट तक पैदल ...और पढ़ें

रामकुमार सिंह हत्याकांड के तीन आरोपितों को पैदल ले जाती पुलिस। जागरण
HighLights
रामकुमार सिंह हत्याकांड के तीन आरोपितों को किया गया गिरफ्तार।
पुलिस ने आरोपितों को डेढ़ किमी पैदल कोर्ट तक ले गई।
भोजपुर पुलिस के इतिहास में यह पहली बार हुआ।
जागरण संवाददाता, आरा। भोजपुर जिले के आरा शहर में सेवानिवृत्त अधिकारी रामकुमार सिंह हत्याकांड में गिरफ्तार तीनों आरोपितों को गुरुवार को पुलिस पैदल ही नवादा थाना से आरा सिविल कोर्ट लेकर पहुंची।
करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी तक तीनों आरोपितों को बिना नकाब पहनाए ले जाया गया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए 40 से 50 पुलिसकर्मी तैनात रहे।
पुलिसकर्मी आरोपितों के साथ पैदल चलते रहे। इस दौरान उन्हें देखने के लिए सड़क के दोनों ओर लोगों की भीड़ लग गई।
भोजपुर पुलिस के इतिहास में किसी हाई-प्रोफाइल हत्याकांड के आरोपितों को इस तरह थाने से सिविल कोर्ट तक पैदल ले जाकर पेश करने की कार्रवाई को पहली बार बताया जा रहा है।

15 अक्टूबर को गोलियों से छलनी कर दिए गए थे रामकुमार सिंह
रामकुमार सिंह की हत्या 15 अक्टूबर की सुबह नवादा थाना क्षेत्र के कनकपुरी मोहल्ले में कर दी गई थी। अपराधियों ने उन्हें गोलियों से छलनी कर दिया था।
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और अब तक तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। हत्याकांड के पीछे की साजिश और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
दो लाख रुपये अग्रिम देने की बात आई सामने
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान टाउन थाना क्षेत्र के सिंगही निवासी चंदन सिंह, नवादा थाना क्षेत्र के चंदवा निवासी टीपू कुमार और टाउन थाना क्षेत्र के बिंद टोली निवासी अभिषेक के रूप में हुई है।
पुलिस की जांच में सुपारी देकर हत्या कराने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, रामकुमार सिंह की हत्या के लिए दो लाख रुपये अग्रिम राशि के तौर पर दिए गए थे।
जांच में शूटरों की संलिप्तता, सुपारी की रकम और हत्या की साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की साजिश में और कौन-कौन शामिल थे तथा वारदात को अंजाम देने वाले शूटरों की भूमिका क्या थी। मामले में आगे की जांच जारी है।
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जागरण संवाददाता, आरा। भोजपुर जिले के आरा शहर में सेवानिवृत्त अधिकारी सह क्षत्रिय कल्याण संगठन के अध्यक्ष रामकुमार सिंह हत्याकांड में गिरफ्तार तीनों आरोपितों को गुरुवार को पुलिस पैदल ही नवादा थाना से आरा सिविल कोर्ट लेकर पहुंची। करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी तक तीनों आरोपितों को बिना नकाब पहनाए ले जाया गया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए 40 से 50 पुलिसकर्मी तैनात रहे।
पुलिसकर्मी आरोपितों के साथ पैदल चलते रहे। भोजपुर पुलिस के इतिहास में किसी हाई-प्रोफाइल हत्याकांड के आरोपितों को इस तरह थाने से सिविल कोर्ट तक पैदल ले जाकर पेश करने की कार्रवाई को पहली बार बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस की ओर से इस तरीके से आरोपितों को ले जाने के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं किया गया है।
15 अक्टूबर की सुबह गोलियों से छलनी कर दी गई थी रामकुमार सिंह की देह
रामकुमार सिंह की हत्या 15 अक्टूबर की सुबह नवादा थाना क्षेत्र के कनकपुरी मोहल्ले में कर दी गई थी। अपराधियों ने उन्हें गोलियों से छलनी कर दिया था। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और अब तक तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। हत्याकांड के पीछे की साजिश और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
दो लाख रुपये अग्रिम देने की बात आई सामने
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान टाउन थाना क्षेत्र के सिंगही निवासी चंदन सिंह, नवादा थाना क्षेत्र के चंदवा निवासी टीपू कुमार और टाउन थाना क्षेत्र के बिंद टोली निवासी अभिषेक के रूप में हुई है।
पुलिस की जांच में सुपारी देकर हत्या कराने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, रामकुमार सिंह की हत्या के लिए दो लाख रुपये अग्रिम राशि के तौर पर दिए गए थे। जांच में शूटरों की संलिप्तता, सुपारी की रकम और हत्या की साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की साजिश में और कौन-कौन शामिल थे तथा वारदात को अंजाम देने वाले शूटरों की भूमिका क्या थी। मामले में आगे की जांच जारी है।
