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    बड़हरा गोदाम मजदूरों का फूटा गुस्सा: सरकारी दर से कम मजदूरी, सुविधाओं से भी वंचित

    Updated: Sat, 28 Feb 2026 01:55 PM (IST)

    बड़हरा (भोजपुर) स्थित बिहार राज्य खाद्य निगम गोदाम के मजदूरों ने न्यूनतम मजदूरी से कम भुगतान का आरोप लगाया है। उन्हें प्रति बोरा 11.64 रुपये की जगह 8. ...और पढ़ें

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    बड़हरा गोदाम मजदूरों का फूटा गुस्सा

    संवाद सूत्र, बड़हरा (भोजपुर)। बिहार राज्य खाद्य निगम के बड़हरा गोदाम में कार्यरत मजदूरों ने निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से कम भुगतान किए जाने का आरोप लगाया है। मजदूरों का कहना है कि उन्हें सरकारी दर से कम राशि दी जा रही है। इसको लेकर उन्होंने आवाज उठाई है।
    मजदूर वर्षों से गोदाम में कार्यरत हैं। उनका कहना है कि अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।

    प्रति बोरा 11.64 रुपये तय, मिल रहे केवल 8.50

    फूड एंड एलाइड वर्कर्स यूनियन के प्रतिनिधि उमेश पासवान ने बताया कि श्रम संसाधन विभाग, बिहार सरकार द्वारा प्रति बोरा 11.64 रुपये मजदूरी निर्धारित है।

    इस संबंध में पटना उच्च न्यायालय का 3 सितंबर 2025 का आदेश भी प्राप्त है। इसके बावजूद मजदूरों को केवल 8.50 रुपये प्रति बोरा भुगतान किया जा रहा है।

    मजदूरों का आरोप है कि यह निर्धारित दर से काफी कम है। उन्होंने इसे श्रम कानूनों का उल्लंघन बताया है।

    न्यायालय के आदेश की अवहेलना का आरोप

    मजदूर भीम कुमार ने कहा कि सरकार द्वारा निर्धारित दर से राशि भेजी जाती है। इसके बावजूद उन्हें पूरी मजदूरी नहीं मिलती। मजदूरों का कहना है कि उच्च न्यायालय के आदेश की अनदेखी की जा रही है।

    दिनेश राम ने इसे गंभीर मामला बताया। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है।

    ईपीएफ और ईएसआईसी जैसी सुविधाओं से वंचित

    मजदूरों का आरोप है कि उन्हें ईपीएफ, ईएसआईसी और अन्य श्रम सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। वे ठेकेदारों के माध्यम से अनाज की ढुलाई, तौल, सिलाई, भराई और लोडिंग-अनलोडिंग का काम करते हैं।

    इसके बावजूद उन्हें बुनियादी अधिकार नहीं मिल रहे। मजदूरों ने कहा कि कई बार विभागीय अधिकारियों और मंत्रियों को आवेदन दिया गया। लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

    मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव

    मजदूर उपेंद्र कुमार ने बताया कि गोदाम में कुल 27 मजदूर कार्यरत हैं। साल 2013 से सभी यहां काम कर रहे हैं। लेकिन बैठने की व्यवस्था, पीने के पानी और शौचालय तक की सुविधा नहीं है।

    रामनिवास सिंह समेत अन्य मजदूरों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई और सम्मानजनक मजदूरी दिलाने की अपील की है।