बिहार में बेटियों के सपनों को मिली नई उड़ान: डुमरांव में OBC कन्या आवासीय स्कूल का शुभारंभ, 6-12 तक मुफ्त शिक्षा
डुमरांव के अदफा गांव में 520 क्षमता वाले ओबीसी कन्या आवासीय प्लस टू विद्यालय का उद्घाटन हुआ। बिहार सरकार की मंत्री रमा निषाद ने इसका शुभारंभ किया। ...और पढ़ें
-1775386661390_m.webp)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सहयोगी, डुमरांव (बक्सर)। अनुमंडल क्षेत्र के अदफा (हरनीचट्टी) गांव में रविवार को पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग की बेटियों के लिए 520 क्षमता वाले ओबीसी कन्या आवासीय प्लस टू विद्यालय का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस मौके पर बिहार सरकार के पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की मंत्री रमा निषाद ने फीता काटकर विद्यालय का उद्घाटन किया।
कार्यक्रम में प्रभारी डीएम सह डीडीसी निहारिका छवि, एडीएम अरुण कुमार और एसडीओ राकेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी व बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
उद्घाटन के बाद मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि समाज के हर वर्ग विशेषकर पिछड़े वर्ग की बेटियों को सुरक्षित माहौल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।
कक्षा 6-12 तक छात्राओं को मिलेगा निःशुल्क आवासीय सुविधा
इस आवासीय विद्यालय के शुरू होने से अब क्षेत्र की छात्राओं को शिक्षा के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़ेगा। यहां कक्षा 6 से 12 तक की छात्राओं को निःशुल्क शिक्षा के साथ आवास, भोजन, पुस्तकें और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
प्रभारी डीएम ने कहा कि यह विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि बालिकाओं के भविष्य को संवारने की मजबूत नींव है। विद्यालय में आधुनिक भवन, विशाल कक्षाएं, अत्याधुनिक प्रयोगशाला, पुस्तकालय और कंप्यूटर लैब की व्यवस्था की गई है। साथ ही खेलकूद के लिए आवश्यक संसाधन भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे छात्राओं का सर्वांगीण विकास संभव हो सके।
सीसीटीवी, वार्डेन और सुरक्षा कर्मियों से लैस हुआ परिसर
छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परिसर में सीसीटीवी कैमरे, प्रशिक्षित वार्डेन, मेडिकल सुविधा और 24 घंटे सुरक्षा कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की गई है। एडीएम अरुण कुमार ने कहा कि सरकार की यह पहल सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त समाज के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगी।
इस दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। स्थानीय ग्रामीणों ने इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए खुशी जताई। अंत में अधिकारियों ने विद्यालय परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
यह भी पढ़ें- सोन नदी में नियमों कोताक पर रख कर हो रहा खनन, अवैध खुदाई से बने 'मौत के कुएं', विभाग की चुप्पी से बढ़ रहा खतरा
यह भी पढ़ें- खेती ने बदली किस्मत: भोजपुर के किसान ने पट्टे पर जमीन लेकर बनाई नर्सरी, सब्जी से सालाना कमा रहे लाखों रुपए
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।