दरभंगा में प्यार जीता, जाति हारी, दिल्ली से भागे प्रेमी, गांव में बज गई शादी की शहनाई
Love Marriage : जाले, दरभंगा में एक प्रेमी जोड़े ने जाति और पारिवारिक विरोध की बाधाओं को पार किया। राज नारायण यादव और सविता कुमारी दिल्ली भाग गए थे, ल ...और पढ़ें

प्रेमी युगल को सामाजिक पहल से राम जानकी मंदिर में शादी के मौके पर प्रेमिका के मांग में शिंदुर लगाते प्रेमी । एवं विवाह के बाद खुशी दोनों खुशी मुद्रा में।
संवाद सहयोगी, जाले (दरभंगा)। जाले थानाक्षेत्र में एक प्रेम कहानी ने आखिरकार सभी बाधाओं को पीछे छोड़ दिया। जाति की दीवारें खड़ी रहीं, परिवार ने दरवाजे बंद कर दिए, लेकिन दो दिलों ने हार नहीं मानी।
दिल्ली तक का सफर तय कर लौटे इस प्रेमी जोड़े के लिए आखिरकार गांव में ही खुशियों की शहनाई बज उठी। सामाजिक पहल के चलते मंदिर में हुए इस विवाह ने न सिर्फ दो जिंदगियों को जोड़ा, बल्कि यह भी दिखा दिया कि सच्चे प्यार के आगे हर बंदिश छोटी पड़ जाती है।
जाले थानाक्षेत्र में सामाजिक पहल से एक युगल प्रेमी की मंदिर में शादी करा दी गई। बताया जाता है कि जाले थाना क्षेत्र के खड़का वसंत गांव के मनोहर यादव के पुत्र राज नारायण यादव (22) और सीतामढ़ी जिला के बोखरा थाना क्षेत्र के कततौल लक्ष्मणिया टोल निवासी सविता कुमारी के बीच प्रेम संबंध चल रहा था।
हालांकि, दोनों के दो जाति होना शादी में बाधा बन गया। दोनों के अभिभावक शादी का विरोध कर दिए। मामला केस-मुकदमा तक पहुंच गया। ऐसी स्थिति में युगल प्रेमी अपने-अपने घर से फरार होकर दिल्ली चले गए।
जहां इलाके के एक व्यक्ति के आवास अपना ठिकाना बनाया और पूरी कहानी बताई। फिर आश्रय देने वाले दोनों के अभिभावक से बात की। बताया कि दोनों जब बालिग हैं तो शादी करने में हर्ज क्या।
लेकिन, जवाब मिला - जो घर से भाग गए, उससे अब क्या रिश्ता फिर युगल प्रेमी को दिल्ली से जाले के लतराहा स्थित रामजानकी मंदिर लाया गया। जहां सामाजिक पहल और प्रबंध समिति के अध्यक्ष सुरेश महतो की मौजूदगी में दोनों की शादी करा दी गई। इस दौरान शादी देखने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी।
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