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    नेपाल में भारतीय सामानों पर कस्टम ड्यूटी लगाने के फैसले का विरोध, Gen Z Parsa ने दी आंदोलन की चेतावनी 

    Updated: Sat, 18 Apr 2026 08:10 AM (IST)

    नेपाल के वीरगंज में जेन-जी पर्सा संगठन ने 100 रुपये से अधिक के भारतीय सामान पर भंसार शुल्क लगाने का विरोध किया है। नई सरकार द्वारा लागू यह नियम सीमावर ...और पढ़ें

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    पर्सा के प्रमुख जिला अधिकारी भोला दाहाल को ज्ञापन सौंपते हुए। फोटो जागरण

    जागरण संवाददाता, रक्सौल (पूच): पड़ोसी देश नेपाल के पर्सा जिले के वीरगंज में सक्रिय संगठन जेनजी पर्सा ने भारत से 100 रुपये से अधिक मूल्य के सामान लाने पर भंसार (कस्टम) शुल्क वसूलने के प्रावधान को तत्काल समाप्त करने की मांग की है।

    बताया गया है कि वीरगंज सहित अन्य सीमा नाकों पर पिछले कुछ दिनों से सुरक्षाकर्मी और भंसार कार्यालय के कर्मचारी भारतीय सीमावर्ती बाजारों से घरेलू उपयोग के लिए खरीदकर लाए गए 100 रुपये से अधिक मूल्य के सामान पर भंसार शुल्क वसूल रहे हैं।

    नई सरकार के गठन के बाद सरकारी निर्देश पर इस नियम को लागू किया गया है, जिसका व्यापक स्तर पर विरोध हो रहा है।इसी मुद्दे को लेकर जेनजी पर्सा ने शुक्रवार को पर्सा के प्रमुख जिला अधिकारी भोला दाहाल को ज्ञापन सौंपते हुए इस नियम को अव्यावहारिक बताते हुए इसे तत्काल खारिज करने की मांग की।

    सीमा क्षेत्र के लोगों पर पड़ रहा असर

    जेनजी पर्सा के संयोजक महादेव प्रसाद ने कहा कि इस नियम के कारण पर्सा सहित पूरे मधेश क्षेत्र के लोगों को इस शादी विवाह के मौके पर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    उन्होंने कहा कि नेपाल और भारत के बीच सदियों पुराना सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक संबंध (बेटी–रोटी का रिश्ता) रहा है, जो केवल सीमा तक सीमित नहीं बल्कि दोनों देशों के नागरिकों की भावना और आजीविका से जुड़ा विषय है।

    उन्होंने कहा कि आम नागरिक एक दूसरे देश के सिमावर्ती क्षेत्र में मजदूरी करते है। इसके अलावा बहु-बेटियों के विदाई के समय कपड़ा व अन्य सामग्री गिफ्ट देने की परंपरा है।

    इस परिस्थिति यदि सीमावर्ती भारतीय बाजारों से दैनिक उपयोग की वस्तुएं खरीदकर लाते हैं, तो उन पर भंसार शुल्क लगाना अनुचित है। इससे सीमा क्षेत्र के लोगों पर अनावश्यक बोझ पड़ रहा है।

    नियम वापस नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी

    संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि सरकार को संगठित तस्करी रोकने पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन इसके नाम पर आम नागरिकों को परेशान करना उचित नहीं है।

    उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों के लोग अक्सर सस्ते दाम पर दैनिक उपभोग की वस्तुएं खरीदकर लाते हैं, लेकिन अब उन पर भी कर देना पड़ रहा है।

    जेनजी पर्सा के संयोजक ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि यह नियम जल्द वापस नहीं लिया गया, तो संगठन वीरगंज नाका बंद सहित विभिन्न चरणों में आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।

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