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    बिहार के विकास की नई किरण: गयाजी में जल्द खुलेगा सीमेंट प्लांट, 50 एकड़ जमीन अधिग्रहित

    Updated: Sat, 29 Nov 2025 06:53 PM (IST)

    Bihar News: गयाजी के वजीरगंज में 860 करोड़ रुपये की लागत से एक नया सीमेंट प्लांट (Bihar Cement Plant) खुलने जा रहा है। इस प्लांट के खुलने से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। यह प्लांट गयाजी और आसपास के इलाकों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा, जिससे स्थानीय लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।

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    सीमेंट प्लांट। फाइल फोटो

    संवाद सूत्र, वजीरगंज (गया)। जिले के वजीरगंज प्रखंड में इन दिनों एक नई हलचल दिख रही है। सीमेंट उद्योग के रूप में उम्मीदों का एक नया कारवां आकार ले रहा है। दशकों से विकास की राह देख रहे इस क्षेत्र में अब औद्योगिक प्रगति की दस्तक सुनाई देने लगी है। इस बदलाव की शुरुआत करने जा रहा है बिड़ला सीमेंट समूह द्वारा प्रस्तावित एक आधुनिक और विशाल सीमेंट प्लांट।

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    बिड़ला कंपनी ने सरकार के सहयोग से इस परियोजना के लिए कोल्हना में करीब 50 एकड़ भूमि का अधिग्रहण पूरा कर लिया है। इसी भूमि पर आने वाले समय में बहुत जल्द ही एक सुसज्जित अत्याधुनिक सीमेंट उद्योग खड़ी होगी।

    कंपनी की ओर से संकेत मिल चुके हैं कि जैसे ही सभी विभागीय अनुमतियां पूर्ण होंगी, निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया जाएगा। इस सूचना से क्षेत्र के लोगों में उत्साह की लहर दौड़ गई है। विशेष तौर पर युवाओं की उम्मीदें एक बार फिर जाग उठी हैं।

    क्षेत्र के लिए रोजगार के अवसर

    वर्षों से रोजगार के लिए शहरों और दूसरे राज्यों की ओर पलायन करने वाले इन युवाओं को अब अपने ही गांव में रोजगार के अवसर मिलने की संभावना दिखने लगी है। स्थानीय युवकों का कहना है कि अगर फैक्ट्री खुलती है तो हम लोगों को काम का मौका मिलेगा। बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

    कंपनी की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्लांट के निर्माण और संचालन दोनों चरणों में कुल मिलाकर लगभग 1200 से 1500 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।

    कंपनी के एक अधिकारी ने अपना नाम बताने से परहेज करते हुए बताया कि रोजगार में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जो यहां की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को मजबूती देने वाला बड़ा कदम साबित होगा।

    क्षेत्र के विकास में भी सहायक

    केवल युवाओं को रोजगार ही नहीं, इस उद्योग से स्थानीय व्यवसायियों को भी नए अवसर मिलने वाले हैं। परिवहन सेवाओं, किराना दुकानों, निर्माण सामग्री, होटल-ढाबों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की मांग बढ़ेगी। इसका सीधा असर आसपास के गांवों की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा और बाजार में नई रौनक देखने को मिलेगी।

    अधिकारियों का अनुमान है कि यदि निर्माण कार्य समय पर शुरू हो गया तो प्लांट अगले दो वर्षों में तैयार होकर उत्पादन भी शुरू कर देगा। और अगर ऐसा हुआ तो वजीरगंज न केवल गया जिले, बल्कि पूरे मगध क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदल सकता है।

    वजीरगंज के लोगों की उम्मीदें अब सिर्फ सपने नहीं रहीं, बल्कि धरातल पर उतरने की तैयारी कर चुकी हैं। विकास की यह नई किरण आने वाले समय में किस तरह से इस क्षेत्र का भविष्य बदलती है, यह देखने वाली बात होगी, लेकिन इतना तय है कि वजीरगंज में बदलती हवा का एहसास अब हर किसी को होने लगा है।

    दो चरणों में पूरा होगा काम 

    कंपनी से जुड़े अधिकारी बताते हैं कि परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। जिसमें पहला चरण 2027 के अक्टूबर से दिसंबर तक पूरा कर लेने की तैयारी चल रही है।

    कंपनी द्वारा पूरे परियोजना पर कुल 860 करोड़ का निवेश किए जाने का प्रस्ताव पारित है। इसमें से इसी परिसर में 250 करोड़ का सोलर प्लांट भी लगाया जाएगा। उद्योग की उत्पादन क्षमता प्रति वर्ष 2.08 मिलियन टन बताया जा रहा है।