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    लखीसराय में 2.33 करोड़ की दवाएं एक्सपायर, मरीजों तक नहीं पहुंची एक भी गोली

    Updated: Sat, 29 Nov 2025 05:20 AM (IST)

    लेखा परीक्षण में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि सितंबर 2024 तक इनकी विनिष्टिकरण प्रक्रिया पूरी हो जानी चाहिए थी, लेकिन संस्थानों ने दवाओं को छिपाकर रखा और कमेटी द्वारा नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू भी नहीं की गई।

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    लखीसराय में 2.33 करोड़ की दवाएं एक्सपायर। सांकेतिक तस्वीर

    मनोज कुमार सिंह, लखीसराय। प्रधान महालेखाकार, बिहार पटना द्वारा की गई विशेष लेखा परीक्षा में लखीसराय जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही उजागर हुई है।

    पता चला है कि सदर अस्पताल लखीसराय और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सूर्यगढ़ा को कुल 567 प्रकार की दवाएं उपलब्ध कराई गई थीं, लेकिन दोनों संस्थानों ने मरीजों को यह दवाएं वितरित ही नहीं कीं।

    लेखा परीक्षा के दौरान यह भी पाया गया कि ये सभी दवाएं एक्सपायर हो चुकी हैं, जिन्हें विनिष्टिकरण की प्रक्रिया पूरी कर नष्ट कर देना चाहिए था, लेकिन आज तक ऐसा भी नहीं किया गया। दोनों संस्थानों में रखी एक्सपायर दवाओं की कुल कीमत 2 करोड़ 33 लाख 45 हजार 601 रुपये 30 पैसे बताई जा रही है।

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    लेखा परीक्षण में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि सितंबर 2024 तक इनकी विनिष्टिकरण प्रक्रिया पूरी हो जानी चाहिए थी, लेकिन संस्थानों ने दवाओं को छिपाकर रखा और कमेटी द्वारा नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू भी नहीं की गई।

    जांच टीम ने चेताया है कि मानवीय भूल से एक्सपायर दवा मरीजों तक पहुंच सकती है, जो गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। प्रधान महालेखाकार ने इस संबंध में 15 जून 2025 को सिविल सर्जन और मुख्य मेडिकल अफसर लखीसराय को रिपोर्ट भेजने का आदेश दिया था, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं भेजा गया है।

    जिले के ड्रग स्टोर में 41 प्रकार की दवाएं (मूल्य 8,96,218.24), सदर अस्पताल में 144 प्रकार (मूल्य 1,11,24,990.68) तथा सूर्यगढ़ा सीएचसी में 412 प्रकार की दवाएं (मूल्य 1,13,24,932.38) उपलब्ध कराई गई थीं।

    इन सभी दवाओं को मरीजों को नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाना चाहिए था, लेकिन अधिकारियों की मनमानी और लापरवाही के कारण मरीजों को एक भी दवा नहीं मिली। जब इस मामले में सिविल सर्जन डॉ. उमेश प्रसाद सिंह से सवाल किया गया तो पहले उन्होंने अनभिज्ञता जताई, बाद में कहा कि कार्यालय से संपूर्ण जानकारी ली जाएगी और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने माना कि यह अत्यंत गंभीर मामला है, जिसकी जांच अनिवार्य है।