एक्सपायरी दवा मामला: राजद ने खोला मोर्चा, डीएम से कार्रवाई की गुहार
लखीसराय में राजद बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद साहू ने अस्पताल में एक्सपायर दवाओं के मुद्दे पर सरकार और जिला प्रशासन की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के बावजूद दवाओं का वितरण और नष्टीकरण नहीं किया गया।
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प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (जागरण)
संवाद सूत्र, लखीसराय। राजद बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ, लखीसराय के जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद साहू ने सदर अस्पताल और सूर्यगढ़ा सीएचसी में करोड़ों रुपये की एक्सपायर दवाओं के मामले पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
उन्होंने चिंता जताते हुए सरकार और जिला प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया है। एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके उन्होंने कहा कि महालेखाकार, बिहार, पटना द्वारा जांच रिपोर्ट भेजे जाने और जिला प्रशासन को पत्र लिखने के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने न तो दवाओं का वितरण किया और न ही एक्सपायर होने के बाद उन्हें नष्ट करने की कार्रवाई की।
उन्होंने इस लापरवाही को लोकतंत्र का भद्दा मजाक बताते हुए कहा कि जब गरीब जनता दवा खरीदने में असमर्थ है, तब सरकारी दवाओं का गोदामों में सड़ जाना बेहद शर्मनाक है।
साहू के अनुसार सरकार के मंत्री और अधीनस्थ अधिकारी सत्ता-सुख में मदमस्त हैं, जबकि जनता उपचार के अभाव में परेशान है।
उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि सभी संबंधित कर्मचारियों व अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि सुशासन के दावों को कुछ हद तक सार्थकता मिल सके।
आपको बता दें, सदर अस्पताल लखीसराय और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सूर्यगढ़ा को कुल 567 प्रकार की दवाएं उपलब्ध कराई गई थीं, लेकिन दोनों संस्थानों ने मरीजों को यह दवाएं वितरित ही नहीं कीं।
लेखा परीक्षा के दौरान यह भी पाया गया कि ये सभी दवाएं एक्सपायर हो चुकी हैं, जिन्हें विनिष्टिकरण की प्रक्रिया पूरी कर नष्ट कर देना चाहिए था, लेकिन आज तक ऐसा भी नहीं किया गया। दोनों संस्थानों में रखी एक्सपायर दवाओं की कुल कीमत 2 करोड़ 33 लाख 45 हजार 601 रुपये 30 पैसे बताई जा रही है।

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