चेन्नई-महाराष्ट्र के बाद बिहार का पहला ट्रैफिक पार्क मुंगेर में, बच्चे खेल-खेल में सीखेंगे नियम
मुंगेर में बिहार का पहला अत्याधुनिक ट्रैफिक पार्क बनने जा रहा है। परिवहन विभाग की इस पहल से बच्चे खेल-खेल में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों को सीखेंग ...और पढ़ें

मुंगेर में बनेगा बिहार का पहला ट्रैफिक पार्क, खेल-खेल में बच्चे सीखेंगे यातायात नियम
संवाद सूत्र, मुंगेर। बच्चों को सड़क सुरक्षा और सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूक करने के लिए परिवहन विभाग नई पहल करने जा रहा है। इसके तहत शहर में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस ट्रैफिक पार्क का निर्माण किया जाएगा, जहां बच्चे खेल-खेल में ट्रैफिक नियमों की जानकारी प्राप्त करेंगे।
बिहार में पहली बार होगी पहल
खास बात यह है कि यह बिहार का पहला ट्रैफिक पार्क होगा। अभी इस तरह की सुविधा चेन्नई और महाराष्ट्र जैसे शहरों में ही उपलब्ध है। मुंगेर को इस पहल के लिए चुना गया है, जिससे यह जिला राज्य में एक नई शुरुआत करेगा।
कंपनी गार्डेन में बनेगा पार्क
नगर निगम के अधीन संचालित कंपनी गार्डेन को ट्रैफिक पार्क के लिए चिन्हित किया गया है। नगर आयुक्त द्वारा इसकी अनुमति दे दी गई है। इस संबंध में परिवहन विभाग ने प्रस्ताव मुख्यालय को भेज दिया है और स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
आधुनिक सुविधाओं से होगा लैस
जिला परिवहन पदाधिकारी सुरेंद्र कुमार अलबेला ने बताया कि पार्क में बच्चों को प्रैक्टिकल और ऑटोमेटिक तरीके से यातायात नियम सिखाए जाएंगे। यहां मिनी रोड नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जिसमें सात मीटर चौड़ी सड़क, ट्रैफिक सिग्नल, जेब्रा क्रॉसिंग और विभिन्न संकेतक लगाए जाएंगे। इससे बच्चों को वास्तविक सड़क जैसी स्थिति का अनुभव मिलेगा।
खेल-खेल में सीखेंगे नियम
ट्रैफिक पार्क में बच्चों को हेलमेट और सीट बेल्ट के महत्व, वाहन चलाने के नियम और सड़क पर बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही मोटर व्हीकल एक्ट के तहत निर्धारित जुर्माने के बारे में भी बताया जाएगा।
इस पार्क की खासियत यह होगी कि पूरा सिस्टम ऑटोमेटिक रहेगा। पार्क में प्रवेश करते ही बच्चों को सभी जरूरी जानकारी स्वतः मिल जाएगी, जिससे उन्हें किसी प्रशिक्षक की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, निगरानी के लिए एक केयरटेकर तैनात रहेगा।
नि:शुल्क होगा प्रवेश
कंपनी गार्डेन घूमने आने वाले बच्चों के लिए ट्रैफिक पार्क में प्रवेश पूरी तरह नि:शुल्क होगा। परिवार के साथ आने वाले बच्चे यहां आधुनिक तकनीक के माध्यम से सुरक्षित यातायात के नियम आसानी से समझ सकेंगे।
जागरूकता बढ़ाने की पहल
परिवहन विभाग का मानना है कि इस पहल से बच्चों में प्रारंभिक स्तर से ही यातायात नियमों के प्रति समझ विकसित होगी। इससे वे भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बनेंगे और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में भी मदद मिलेगी।
यह पहल न केवल बच्चों को शिक्षित करेगी, बल्कि समाज में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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