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    मुजफ्फरपुर में आयुष्मान योजना पर सवाल, निजी अस्पतालों में मरीजों से वसूली का आरोप

    By Keshav Kumar Edited By: Ajit kumar
    Updated: Sun, 05 Apr 2026 06:28 PM (IST)

    Ayushman Yojana Issues Bihar:  हड्डी, पथरी और सिजेरियन जैसे ऑपरेशन में यह समस्या अधिक है। अधिकारी शिकायत न मिलने की बात कह रहे हैं, लेकिन टोल-फ्री नंब ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Ayushman Bharat Beneficiary Issues: गरीबों और बुजुर्गों को मुफ्त इलाज देने वाली आयुष्मान भारत योजना पर सवाल उठने लगे हैं।

    आरोप है कि निजी अस्पताल इस योजना के तहत इलाज के बावजूद मरीजों से अतिरिक्त राशि वसूल रहे हैं, जिससे लाभुकों को आर्थिक बोझ झेलना पड़ रहा है।

    इलाज से पहले मांगी जाती राशि

    कई मामलों में देखा गया है कि आयुष्मान कार्ड दिखाने के बावजूद मरीजों को भर्ती करने से पहले अस्पताल प्रबंधन द्वारा हजारों रुपये जमा कराने को कहा जाता है। खासकर हड्डी, पथरी और सिजेरियन जैसे ऑपरेशन में यह स्थिति अधिक देखने को मिल रही है।

    क्रिटिकल केस में बढ़ती परेशानी

    परिजनों का आरोप है कि गंभीर स्थिति में मरीज को देखकर मजबूरी में पैसे देने पड़ते हैं। यदि राशि देने से इनकार किया जाए तो अस्पताल या तो सुविधा उपलब्ध नहीं होने का हवाला देते हैं या केस को अत्यधिक गंभीर बताकर टाल देते हैं।

    मरीजों ने साझा किया अनुभव

    एक मामले में श्यामा देवी के परिजनों ने बताया कि कूल्हे के ऑपरेशन के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराने पर उनसे स्टील के नाम पर 40 हजार और अन्य खर्च के लिए 20 हजार रुपये मांगे गए। भुगतान के बाद भी अस्पताल ने स्पष्ट बिल देने से इनकार कर दिया।

    वहीं, एक अन्य मरीज ने बताया कि हर्निया ऑपरेशन के बाद भी समस्या बनी रही, जबकि आयुष्मान योजना से राशि निकासी कर ली गई थी।

    हकीकत और दावे में अंतर

    अहियापुर, ब्रह्मपुरा और रून्नीसैदपुर के कई लाभुकों ने बताया कि योजना कागजों पर मुफ्त है, लेकिन जमीन पर स्थिति अलग है। अस्पताल में भर्ती के दौरान मरीज की हालत को देखते हुए परिजन विरोध नहीं कर पाते और अतिरिक्त खर्च उठाने को मजबूर हो जाते हैं।

    अधिकारियों का पक्ष

    आयुष्मान भारत की डीओसी विमला कुमारी ने कहा कि अभी तक इस तरह की कोई आधिकारिक शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि योजना से जुड़े अस्पतालों को अपनी सुविधाओं की जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया है।

    शिकायत के लिए हेल्पलाइन

    उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मरीजों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए। यदि कहीं ऐसा होता है तो लाभुक टोल-फ्री नंबर 14555 या 1800-11-4477 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा राज्य हेल्पलाइन 104 और ऑनलाइन सीजीआरएमएस पोर्टल पर भी शिकायत की जा सकती है।

    कार्रवाई की चेतावनी

    हाल ही में जूरन छपरा स्थित एक निजी अस्पताल पर कार्रवाई भी की गई थी। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिलने पर दोषी अस्पतालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि योजना का लाभ सही लोगों तक पहुंच सके।