'NDA के भीतर चक्रव्यूह में अकेला पड़ गया', बिहार MLC चुनाव में हार के बाद JDU समर्थित प्रत्याशी का छलका दर्द
Bihar MLC Election: बिहार एमएलसी चुनाव में तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जदयू समर्थित प्रत्याशी अभिषेक झा ने अपनी हार ...और पढ़ें

अभिषेक झा की फाइल फोटो। सौ: एफबी पोस्ट
HighLights
अभिषेक झा ने एमएलसी चुनाव में अपनी हार पर दर्द बयां किया।
एनडीए के भीतर 'चक्रव्यूह' में अकेले पड़ने का आरोप लगाया।
लगभग 4700 वोटों के रद्द होने पर गंभीर सवाल उठाए।
अमरेंद्र तिवारी, मुजफ्फरपुर। Tirhut Graduate Constituency: बिहार विधान परिषद चुनाव 2026 के परिणाम आने के बाद राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी और समीक्षा का दौर शुरू हो गया है।
जीत का जश्न मनाने के साथ ही इस बात पर भी मंथन हो रहा है कि किसने साथ निभाया और किसने किनारा किया।
इसी बीच तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जदयू समर्थित प्रत्याशी अभिषेक झा ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी हार पर बड़ा दर्द बयां किया है।
राजनीतिक चक्रव्यूह
अभिषेक झा ने अपनी हार के बाद फेसबुक पर एक लंबा पोस्ट लिखकर सनसनी फैला दी है। उन्होंने खुद की तुलना महाभारत के पात्र अभिमन्यु से करते हुए कहा कि वे एनडीए के भीतर रचे गए चक्रव्यूह में अकेले पड़ गए थे।
उनके इस बयान से राजनीतिक गलियारों में गठबंधन के भीतर समन्वय की कमी और अंदरूनी खींचतान को लेकर नई बहस छिड़ गई है।
वोट रद होने पर सवाल
अपने संदेश में अभिषेक झा ने चुनाव प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके पक्ष में पड़े लगभग 4700 वोटों को केवल इस आधार पर रद कर दिया गया कि उनके नाम के सामने सही (टिक) का निशान लगा हुआ था।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इतनी बड़ी संख्या में जागरूक स्नातक मतदाता खुद गलती कर सकते हैं।
रिश्तों की हार नहीं
जदयू नेता ने इशारों-इशारों में अपनों पर ही सवाल उठाते हुए कहा कि यदि ये वोट रद नहीं होते तो चुनावी परिणाम कुछ और ही होते।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में एक-एक वोट पवित्र धरोहर होता है और इस तरह बड़ी संख्या में मतों का रद होना कई तरह के संदेह पैदा करता है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस चुनाव में केवल एक प्रत्याशी की हार हुई है, राजनीतिक रिश्तों की नहीं।
विरोधियों को बधाई
चुनाव जीतने वाले निर्दलीय प्रत्याशी बंशीधर ब्रजवासी को बधाई देते हुए अभिषेक झा ने कहा कि चुनाव के दौरान उन्हें जितनी भी आलोचनाएं या तीखे शब्द सुनने को मिले, उन्हें वे सहर्ष स्वीकार करते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि यह सहनशीलता उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सीखी है और विरोध करने वाले भी इसी लोकतंत्र का हिस्सा हैं।
अटूट रिश्ता
अपने समर्थकों और मतदाताओं का आभार जताते हुए अभिषेक झा ने भावुक संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि पद मिले या न मिले, जीत हो या हार, वे हमेशा जनता के सुख-दुख में उनके बीच उपस्थित रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका राजनीतिक सफर और जनता के साथ उनका रिश्ता किसी पद का मोहताज नहीं है।
गौरतलब है कि अभिषेक झा का यह बयान उस समय सामने आया है जब नवनिर्वाचित विधान पार्षद वंशीधर व्रजवासी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिले हैं। वहीं शिक्षक सीट से चुने गए नरेंद्र प्रसाद सिंह भी सीएम से मिले हैं।
तिरहुत स्नातक निर्वाचन चुनाव परिणाम
| उम्मीदवार का नाम | पार्टी / समर्थित दल | प्राप्त वोट | स्थिति |
| बंशीधर ब्रजवासी | निर्दलीय | 31,832 | विजेता (9,147 वोटों के अंतर से जीते) |
| अभिषेक झा | जदयू (एनडीए समर्थित) | 22,685 | पराजित |
| डॉ. रश्मि विनायक गौतम | राष्ट्रीय जनता दल (राजद) | 14,931 | पराजित |
| डॉ. बी. मोहन | जन सुराज | 2,327 | पराजित |
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तिरहुत के मेरे अपने स्नातक भाई-बहनों, साथियों और शुभचिंतकों, सबसे पहले तो आप तक अपनी बात पहुँचाने में हुई इस देरी के लिए मैं हृदय से क्षमा प्रार्थी हूँ। चुनाव के परिणाम भले ही मेरे पक्ष में नहीं आए, लेकिन इन बीते दिनों में आपने मुझे जो स्नेह, विश्वास और अपनापन दिया है, सच कहूँ तो वह मेरे लिए किसी ऐतिहासिक जीत से कम नहीं है। तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के हर उन मतदाता—चाहे वे हमारे आदरणीय शिक्षक हों, युवा साथी हों, व्यवसायी, चिकित्सक, अधिवक्ता या किसान हों—आप सभी का हृदय से आभार। जिन्होंने मुझे प्रथम वरीयता देकर अपना विश्वास सौंपा और जिन्होंने द्वितीय वरीयता से मेरा साथ दिया, आपका यह अपनत्व ही मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी पूँजी है। चुनाव में केवल एक प्रत्याशी की हार हुई है, हमारे और आपके रिश्ते की नहीं। आपका अभिषेक कल भी आपके बीच था, आज भी है और हमेशा रहेगा। ❤️ हाँ, एक बात जो लोकतंत्र के एक सच्चे सिपाही के नाते आपके सामने रखना जरूरी समझता हूँ—शायद आपमें से बहुतों को यह मालूम न हो कि लगभग 4700 मतों में मेरे नाम के सामने ✓(टिक) का निशान होने के कारण उन्हें निरस्त (Invalid) कर दिया गया। आप स्वयं विचार कीजिए, क्या यह सामान्य घटना है कि जो जागरूक मतदाता हैं वो मेरे नाम के सामने ✓(टिक) लगाएंगे? यह तथ्य मैं इसलिए साझा कर रहा हूँ क्योंकि एक-एक वोट लोकतंत्र की पवित्र धरोहर है और हमने चुनाव में इसकी मर्यादा बनाए रखने का हर संभव प्रयास किया था। यदि यह नहीं हुआ होता तो हमलोग बहुत आसानी से यह चुनाव जीत जाते। मन में कभी-कभी यह सवाल भी उठता है कि क्या मैं अपने ही राजनीतिक परिवार (NDA) के भीतर रचे गए चक्रव्यूह में अभिमन्यु की तरह अकेला पड़ गया था? यह मेरी व्यक्तिगत पीड़ा और आत्ममंथन का विषय है। पर यकीन मानिए, मैं किसी के प्रति मन में कोई कटुता या द्वेष लेकर आगे नहीं बढ़ना चाहता। समय और सत्य, दोनों खुद अपनी कहानी कहेंगे। मेरे साथ डटकर खड़े रहने वाले हर साथी को मेरा एक वचन है: हमारा रिश्ता किसी पद, चुनाव या सियासी गणित का मोहताज नहीं है। अगर भविष्य में किसी भी साथी को राजनीतिक कारणों से प्रताड़ित करने की कोशिश की जाती है, तो याद रखिएगा—आप अकेले नहीं हैं। मुझे बस एक आवाज़ दीजिएगा, आपका यह भाई आपकी हर मुश्किल में आपके साथ ढाल बनकर खड़ा मिलेगा। मैं माननीय बंशीधर ब्रजवासी जी को उनके पक्ष में मिले आशीर्वाद के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूँ। उम्मीद करता हूँ कि वे शिक्षकों की समस्याओं और तिरहुत के विकास को प्राथमिकता देंगे। उनके हर उस कदम में मेरा पूरा सहयोग रहेगा जो स्नातकों और समाज के हित में उठेगा। उन्होंने आज तक मेरी जितनी भी आलोचना की हो जितने भी अपशब्द कहे हों या जो श्राप दिया हो सबको मैं सहर्ष स्वीकार करता हूं। आदरणीय नीतीश कुमार जी से मैंने यह गुण सीखा है। पूरे चुनाव की प्रक्रिया में जिन साथियों ने मेरा विरोध किया उनको भी धन्यवाद प्रेषित करता हूं। यह भी लोकतंत्र का एक हिस्सा है। चुनाव की इस पूरी यात्रा में, अगर अनजाने में भी मेरे किसी शब्द या व्यवहार से किसी सहयोगी, समर्थक या विरोधी की भावनाओं को ठेस पहुँची हो, तो मैं दोनों हाथ जोड़कर क्षमा माँगता हूँ। लोकतंत्र में विचारों का मतभेद हो सकता है, लेकिन मनभेद कभी नहीं होना चाहिए। अंत में, बस अपने दिल की ये तीन बातें आपसे कहना चाहता हूँ— ✨ आपने मुझे वोट दिया, इसके लिए मैं आभारी हूँ। ✨ आपने मुझ पर अटूट विश्वास किया, इसके लिए मैं ऋणी हूँ। ✨ और आपने मुझे अपना समझा, इस पवित्र रिश्ते को मैं जीवन भर निभाने का वचन देता हूँ। पद मिले या न मिले, जीत हो या हार—आपके हर सुख-दुःख में आपके बीच उपस्थित रहने का मेरा संकल्प कल भी था और आज और भी मजबूत हो गया है। आपका अपना, अभिषेक झा ❤️🙏 #अभिषेक_झा #TirhutGraduateConstituency #AbhishekJha #BiharPolitics
— Abhishek Jha (@AbhishekJhaNITP) October 30, 2026
