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    Chandra Grahan 2026 : खत्म हुआ चंद्र ग्रहण, अब शुद्धिकरण और दान का शुभ समय, उत्साह से मनाएं होली

    By Digital Desk Edited By: Dharmendra Singh
    Updated: Tue, 03 Mar 2026 07:24 PM (IST)

    Chandra Grahan Ends : चंद्र ग्रहण समाप्त हो गया है, जो शुद्धिकरण और दान के लिए शुभ समय है। ज्योतिषियों के अनुसार, ग्रहण के बाद पवित्र नदियों में या गं ...और पढ़ें

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    मुजफ्फरपुर में इस तरह दिखा चंद्र ग्रहण व समापन के बाद सफेद कलर में दिखा चांद। जागरण

    डिजिटल डेस्क, मुजफ्फरपुर । रंगों का पर्व होली इस बार एक विशेष खगोलीय संयोग के साथ आया। होलिका दहन के बाद लगा चंद्र ग्रहण अब समाप्त हो चुका है। ज्योतिष शास्त्र और सनातन परंपरा के अनुसार, ग्रहण की समाप्ति के बाद का समय शुद्धिकरण, स्नान और दान-पुण्य के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। अब जब ग्रहण का साया हट गया है, तो सकारात्मक ऊर्जा के साथ नए आरंभ का अवसर है।

    स्नान और घर का शुद्धिकरण

    ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि ग्रहण के बाद प्रातःकाल स्नान करना विशेष फलदायी होता है। यदि संभव हो तो पवित्र नदी में स्नान करें। घर पर रहने वाले लोग स्नान के जल में गंगाजल मिलाकर भी शुद्धिकरण कर सकते हैं।

    कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालय के पंचांग गणित कर्ता सह संपादक डा. राकेश कुमार झा ने बताया कि ज्योतिष-ग्रंथों एवं धर्मशास्त्रों में ग्रहण-काल को अत्यंत पुण्यप्रद तथा साधना-सुलभ समय माना गया है।

    ग्रहण माला सहित अनेक ग्रंथों में वर्णित विधानानुसार ग्रहणारम्भ में स्नान, मध्यकाल में जप-तप-होम एवं देव चिंतन तथा मोक्ष के समय दान का विशेष महत्व है।

    स्नान के बाद घर में, विशेषकर पूजा स्थल और रसोईघर में गंगाजल का छिड़काव करना शुभ माना गया है। सूतक काल के दौरान जिन देव प्रतिमाओं को स्पर्श नहीं किया गया था, उन्हें अब गंगाजल से स्नान कराकर विधि-विधान से पूजन और नई ज्योति प्रज्ज्वलित की जा सकती है।

    दान से बढ़ेगा सौभाग्य

    ग्रहण के बाद दान का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि सफेद वस्तुओं और अन्न का दान चंद्र दोष को शांत करता है। चावल, दूध, चीनी, सफेद वस्त्र, गुड़ और सप्तधान्य का दान लाभकारी माना गया है।

    इसके अलावा काले तिल और नए वस्त्र दान करने से राहु-केतु से जुड़े दोष कम होते हैं। मंदिर में कपूर या शुद्ध घी अर्पित करना वातावरण को शुद्ध करता है। स्नान के बाद गाय को पहली रोटी या हरा चारा खिलाना भी शुभ फलदायी बताया गया है।

    अब उत्साह से मनाएं होली

    भद्रा और सूतक को लेकर जो संशय था, वह ग्रहण समाप्ति के साथ खत्म हो गया है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, अब पूरे उत्साह और सकारात्मकता के साथ होली खेली जा सकती है।

    ग्रहण के बाद किया गया शुद्धिकरण आध्यात्मिक शांति देता है और पूरे वर्ष सुख-समृद्धि का मार्ग भी प्रशस्त करता है। बाबा गरीबनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी विनय पाठक ने पहले ही बताया था कि सुबह 8:51 बजे से ही सूतक लग जाएगा। इसके ठीक पहले, सुबह 8:30 बजे बाबा गरीबनाथ मंदिर के भारी कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए जाएंगे। यह मंदिर शाम 6:00 बजे तक मौन साधना में रहेगा।