बिहार बजट में मुजफ्फरपुर डेयरी उद्योग को मिला बढ़ावा, बनेगी 16 सौ दुग्ध समितियां; 373 सुधा पार्लर भी खुलेंगे
बिहार बजट से मुजफ्फरपुर के डेयरी उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। जिले के 1600 से अधिक गांवों में दुग्ध समितियों का गठन होगा, और 373 पंचायतों में सुधा पार्लर ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। बिहार बजट में जिले के डेयरी उद्योग को रफ्तार मिलने की उम्मीद जगी है। इसका लाभ मुजफ्फरपुर के भी ग्रामीण क्षेत्र के किसानों को मिलेगी। वित्त मंत्री ने सभी गांवों में दुग्ध समिति के गठन की बात कही है।
जिले में 16 सौ से अधिक राजस्व गांव हैं। यहां दुग्ध समितियों का गठन होगा। सी तरह करीब 373 पंचायत होने के कारण इतनी संख्या में सुधा पार्लर खुलेंगे। इससे पशुपालकों को काफी लाभ मिलेगा। साथ ही रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।
वर्तमान में मुजफ्फरपुर जिले में प्रतिदिन लगभग दो से तीन लाख लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। बजट में दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों और दूध संग्रह केंद्रों को बढ़ावा देने की घोषणा से गांव स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
पशुपालक किसान शंकर प्रसाद ने कहा कि इस बजट से पशुपालकों की उम्मीदें बढ़ी हैं। सरकार के सहयोग से दूध संग्रह केंद्रों को बढ़ावा मिलेगा और छोटे पशुपालकों को अपने उत्पाद का उचित मूल्य मिल सकेगा।
उन्होंने कहा कि यदि योजनाओं का सही ढंग से क्रियान्वयन हुआ तो पशुपालन जिले के किसानों की आय का मजबूत आधार बन सकता है। बिहार बजट ने पशुपालन क्षेत्र को सशक्त करने की दिशा में सकारात्मक संकेत दिए हैं, जिससे जिले के ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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