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    मुजफ्फरपुर से नेपाल तक 400 KV डीसी ट्रांसमिशन लाइन, उत्तर बिहार में आएगी बिजली क्रांति

    By Gopal Tiwari Edited By: Ajit kumar
    Updated: Sat, 04 Apr 2026 01:57 PM (IST)

    India Nepal Energy Link: मुजफ्फरपुर से नेपाल तक 400 केवी डीसी ट्रांसमिशन लाइन भारत-नेपाल ऊर्जा सहयोग को नई गति देगी। यह परियोजना उत्तर बिहार की बिजली ...और पढ़ें

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    यह तस्वीर जागरण आर्काइव से ली गई है।

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    गोपाल तिवारी, मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur Power Project: भारत और नेपाल के बीच ऊर्जा सहयोग को नई गति मिलने जा रही है। मुजफ्फरपुर से नेपाल तक 400 केवी डीसी ट्रांसमिशन लाइन के निर्माण और उन्नयन से उत्तर बिहार की बिजली व्यवस्था में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।

    भारत-नेपाल ऊर्जा कनेक्टिविटी में अहम कड़ी

    ऊर्जा मंत्रालय की योजना के तहत मुजफ्फरपुर से नेपाल के ढल्केबार तक 400 केवी डबल सर्किट डीसी ट्रांसमिशन लाइन विकसित की जा रही है। यह लाइन दोनों देशों के बीच बिजली व्यापार की एक महत्वपूर्ण कड़ी बनेगी।

    बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना से बिजली ट्रांसमिशन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और क्षेत्रीय ऊर्जा सहयोग को मजबूती मिलेगी।

    उत्तर बिहार को मिलेगा सीधा फायदा

    इस परियोजना का लाभ मुजफ्फरपुर के साथ-साथ सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा और सीमावर्ती जिलों को मिलेगा। बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर और भरोसेमंद बनेगी, जिससे कटौती की समस्या में कमी आने की उम्मीद है।

    आपात स्थिति में भी रहेगी आपूर्ति

    विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय ग्रिड से जुड़ाव होने पर बिजली आपूर्ति की स्थिरता बढ़ती है। किसी आपात स्थिति में वैकल्पिक स्रोत उपलब्ध रहते हैं, जिससे बड़े पैमाने पर ब्लैकआउट की आशंका कम हो जाती है।

    औद्योगिक और ग्रामीण विकास को बढ़ावा

    इस ट्रांसमिशन लाइन के जरिए उत्तर बिहार अंतरराष्ट्रीय बिजली नेटवर्क से जुड़ेगा। इससे औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में भी निर्बाध बिजली आपूर्ति संभव हो सकेगी।

    एनटीपीसी की बढ़ती भूमिका

    मुजफ्फरपुर से नेपाल समेत अन्य राज्यों तक ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार में एनटीपीसी की भी अहम भूमिका है। यह परियोजना भारत-नेपाल ऊर्जा साझेदारी को नई ऊंचाई देगी।

    भूटान से बिजली आपूर्ति शुरू

    एनटीपीसी की ट्रेडिंग इकाई एनवीवीएन ने भूटान की 1020 मेगावाट क्षमता वाली पुनातसांगछू-II जलविद्युत परियोजना से बिजली की आपूर्ति शुरू कर दी है। इससे बिहार सहित कई राज्यों को फायदा मिल रहा है।

    कई राज्यों को मिल रहा लाभ

    इस परियोजना से बिहार के अलावा पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मणिपुर और तेलंगाना जैसे राज्यों को भी बिजली आवंटित की जा रही है, जिससे क्षेत्रीय ग्रिड और मजबूत हो रहा है।

    बांग्लादेश को भी बिजली निर्यात

    एनटीपीसी कांटी परियोजना का महत्व अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ गया है। यहां से करीब 25 मेगावाट बिजली बांग्लादेश को निर्यात की जा रही है, जिससे दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग और मजबूत हुआ है।

    इस तरह मुजफ्फरपुर का पावर कनेक्शन न केवल उत्तर बिहार बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए ऊर्जा क्षेत्र में गेम चेंजर साबित हो सकता है।