10 सर्कुलर रोड आवास: पहचान और प्रतिष्ठा ही नहीं, राबड़ी-लालू परिवार को सता रही एक और आशंका
Bihar Politics: 10 सर्कुलर रोड, राबड़ी-लालू परिवार का आवास, सिर्फ पहचान नहीं, बल्कि उनकी भावनाएं भी इससे जुड़ी हैं। यह आवास राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र रहा है, और परिवार को डर है कि भविष्य में कोई विवाद उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा सकता है।

लालू प्रसाद व राबड़ी देवी से 10 सर्कुलर रोड का गहरा नाता। जागरण आर्काइव
राज्य ब्यूरो, पटना। राबड़ी देवी (Ex CM Rabri Devi) अभी जिस बंगला (10, सर्कुलर रोड) में रह रहीं, वह उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री की हैसियत से मिला था। जनवरी, 2006 से वह इस बंगला में हैं।
लेकिन हाई कोर्ट के एक निर्देश के बाद 2019 से पूर्व मुख्यमंत्रियों के लिए ऐसी कोई व्यवस्था नहीं रही। सरकार की कृपा से राबड़ी उस आवास में थीं। अब विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष की हैसियत से उन्हें नए बंगला (39, हार्डिंग रोड) में शिफ्ट होने का निर्देश है।
लालू परिवार (Lalu Family) की प्रतिष्ठा का हवाला देते हुए राजद पुराना बंगला नहीं खाली करने की सोच रहा। पहचान और प्रतिष्ठा के साथ इसका एक बड़ा कारण देर-सबेर नए बंगला से भी वंचित होने की आशंका है।
विधान परिषद में भी नेता प्रतिपक्ष पद पर आ सकता संकट
दरअसल, विधायकों की कम संख्या के कारण विधान परिषद में भी राजद का वजन कम होना तय है। विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के लिए न्यूनतम नौ विधान पार्षद चाहिए।
अभी अपने 15 विधान पार्षदों के बूते राबड़ी को यह सौभाग्य है। उनमें से नौ विधान पार्षद तो विधानसभा कोटे से ही हैं। बाकी सीटें शिक्षक, स्नातक व स्थानीय प्राधिकार कोटे की हैं।
2030 में मई तक एक-एक कर विधानसभा कोटे वाले राजद के सभी विधान पार्षदों का कार्यकाल पूरा हो जाएगा। उनके स्थानापन्न पार्टी का प्रतिनिधित्व बमुश्किल होगा।
भविष्य की आशंका सता रही
दो सीटों का कार्यकाल तो अगले वर्ष ही पूरा हो रहा है। राजद के 25 सहित महागठबंधन के अभी कुल 35 विधायक हैं। विधानसभा कोटे की सात सीटों पर एक साथ चुनाव हो तो महागठबंधन के लिए एक सीट की संभावना बनेगी।
ऐसी परिस्थिति शायद ही आए। अंदरूनी सूत्र बता रहे कि भविष्य की आशंका भांप कर ही पुराना बंगला खाली करने में राजद आनाकानी कर रहा।
10 सर्कुलर रोड आवास से पहचान
राबड़ी को आवंटित होने वाला नया बंगला मंत्रियों के कोटे का दूसरा बड़ा बंगला है। इसमें छह कमरे, बड़ा हाल और बाकी सारी सुविधाएं हैं। बहरहाल इसे निर्धारित प्रविधान के दायरे में रहते हुए लालू परिवार की आवश्यकता के अनुसार सुसज्जित भी किया जा रहा।
दो मंजिल वाले 10, सर्कुलर रोड में लालू परिवार ने अभी आवश्यकतानुसार कई निर्माण कराए हैं। उसमें भूतल और प्रथम तल पर पांच-पांच की संख्या में कुल 10 कमरे हैं।
यह राजद की राजनीति का केंद्र भी रहा है। यहीं से लालू बिहार की राजनीति की नब्ज टटोलते रहे हैं। बंगला खाली करने पर पहचान का भी एक संकट है!

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