ठेकेदार से 20 हजार रिश्वत लेने वाले इंजीनियर को सजा, कोर्ट ने सुनाया फैसला
पटना में निगरानी अदालत ने रिश्वतखोरी के मामले में बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता विनय कुमार सिंह को एक साल की सजा सुनाई है। उन पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने उन्हें भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत दोषी पाया।

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (जागरण)
जागरण संवाददाता, पटना। बीस हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े जाने के मामले में निगरानी के विशेष न्यायाधीश मोहम्मद रुस्तम की अदालत ने शनिवार को बिहार राज्य पुल निर्माण निगम डिवीजन प्रथम, पटना के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता सह वरीय परियोजना पदाधिकारी विनय कुमार सिंह को एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
अदालत ने अभियुक्त पर चालीस हजार रुपये आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना की राशि अदा नहीं करने पर अभियुक्त को दो माह अतिरिक्त जेल में रहना होगा।
अदालत ने अभियुक्त को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाया था। मामले के विशेष लोक अभियोजक विजय भानू उर्फ पुट्टू बाबू ने बताया की निगरानी के अधिकारियों ने अभियुक्त को 24 अक्टूबर 2007 को पटना यारपुर स्थित बिहार राज्य पुल निर्माण निगम डिवीजन प्रथम के कार्यालय परिसर में मामले के परिवादी ठेकेदार हरेन्द्र सिंह से बीस हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।
अभियुक्त ने बिल पास करने के एवज में रकम की मांग की थी। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से ग्यारह लोगों ने गवाही दी है।
दानापुर रामजी राय हत्या मामले में एक गिरफ्तार |
वहीं, दूसरी ओर दानापुर में पिछले वर्ष 16 अगस्त को सगुना सर्विस लेन में राम कुमार उर्फ रामजी राय की हत्या मामले में फरार चल रहे कन्हाई सिंह को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया।
पुलिस ने सीतामढ़ी से कन्हाई सिंह को गिरफ्तार किया। इससे पूर्व पुलिस इस मामले में विकास झा को रिमांड पर ले चुकी थी, जबकि विशाल को गिरफ्तार की थी।
बताया जाता है कि रामजी राय की हत्या में सीतामढ़ी के रूनीसैदपुर अतरी निवासी कन्हाई सिंह शामिल था। घटना के बाद से वह फरार चल रहा था। घटना के पीछे आपसी वर्चस्व की बात सामने आई है। पुलिस कन्हाई सिंह से पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई में जुटी है।

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