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    Bihar Weather Alert: बाढ़-सुखाड़ को लेकर सरकार हाई अलर्ट पर, 15 जून से पहले सभी जिलों की तैयारी जांचेंगे प्रभारी मंत्री

    Updated: Thu, 21 May 2026 09:00 PM (IST)

    बिहार सरकार ने संभावित बाढ़ और सुखाड़ से निपटने के लिए सभी जिलों में तैयारियों की समीक्षा शुरू कर दी है। प्रभारी मंत्रियों को 15 जून से पहले बैठकें कर ...और पढ़ें

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    बाढ़ और सुखाड़ को लेकर सरकार अलर्ट

    HighLights

    1. प्रभारी मंत्री 15 जून से पहले करेंगे समीक्षा बैठकें।

    2. बाढ़-सुखाड़ से निपटने की तैयारियों का लिया जाएगा जायजा।

    3. तटबंध, राहत शिविर, खाद्यान्न भंडारण पर रहेगा जोर।

    राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में संभावित बाढ़ और सुखाड़ की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने सभी जिलों में तैयारियों की समीक्षा शुरू कर दी है। सरकार ने सभी प्रभारी मंत्रियों को निर्देश दिया है कि वे 15 जून से पहले अपने-अपने जिलों में बैठक कर तैयारियों का जायजा लें।

    मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि मानसून के दौरान किसी भी आपदा से निपटने के लिए प्रशासनिक स्तर पर पहले से तैयारी सुनिश्चित करना जरूरी है।

    जिलों में होगी हाई लेवल समीक्षा बैठक

    सरकार के निर्देश के बाद अब जिलों में प्रभारी मंत्रियों की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी।

    इन बैठकों में जिला पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल होंगे।

    आपदा प्रबंधन, जल संसाधन, कृषि, स्वास्थ्य, पशुपालन, बिजली और पेयजल विभाग के अधिकारियों को भी बैठक में मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है।

    तटबंध से लेकर राहत शिविर तक होगी जांच

    समीक्षा बैठक में तटबंधों की स्थिति, राहत शिविरों की तैयारी और नावों की उपलब्धता की जांच की जाएगी।

    इसके अलावा खाद्यान्न भंडारण, दवा और पशुचारा की व्यवस्था पर भी फोकस रहेगा।

    सरकार चाहती है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके। इसके लिए सभी विभागों के बीच समन्वय पर जोर दिया गया है।

    सुखाड़ प्रभावित इलाकों पर भी नजर

    सिर्फ बाढ़ ही नहीं, सरकार ने संभावित अल्पवृष्टि और सुखाड़ की स्थिति को लेकर भी तैयारी शुरू कर दी है।

    जिन इलाकों में कम बारिश की आशंका है, वहां सिंचाई सुविधा और किसानों को राहत देने की योजना पर चर्चा होगी।

    बैठक में डीजल अनुदान, बीज की उपलब्धता और खेती बचाने के उपायों की भी समीक्षा की जाएगी, ताकि किसानों को समय रहते सहायता मिल सके।

    बिजली और पेयजल व्यवस्था पर रहेगा फोकस

    मानसून के दौरान अक्सर कई इलाकों में बिजली और पेयजल संकट गहरा जाता है।

    इसे देखते हुए सरकार ने अधिकारियों को पहले से तैयारी करने को कहा है।

    बैठक में बिजली आपूर्ति, ट्रांसफॉर्मर की स्थिति और पेयजल व्यवस्था की समीक्षा भी की जाएगी, ताकि आपदा के समय लोगों को परेशानी न हो।

    सरकार को भेजी जाएगी ग्राउंड रिपोर्ट

    राज्य सरकार ने प्रभारी मंत्रियों से कहा है कि वे अपने जिलों की वास्तविक स्थिति का फीडबैक सरकार को उपलब्ध कराएं।

    जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन और सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।

    सरकार का कहना है कि समय रहते तैयारी पूरी कर लेने से बाढ़ और सुखाड़ जैसी स्थिति में नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।