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    बिहार में सिपाही भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी की जांच तेज, अब EOU ने संभाला जिम्मा

    Updated: Fri, 26 Jun 2026 02:00 AM (IST)

    मद्य निषेध सिपाही, कक्षपाल और चलंत दस्ता सिपाही भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने शुरू कर दी है। ...और पढ़ें

    आर्थिक अपराध इकाई बिहार। (फाइल फोटो)

    आर्थिक अपराध इकाई बिहार। (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. मद्य निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा में धांधली की जांच ईओयू कर रही।

    2. नवादा के सदर थाना में दर्ज केस संख्या 610/26 की जांच।

    3. बायोमेट्रिक कर्मियों, परीक्षार्थियों, वीक्षकों समेत 15 लोग अभियुक्त।

    राज्य ब्यूरो, पटना। मद्य निषेध सिपाही, कक्षपाल और चलंत दस्ता सिपाही भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मामले की जांच आर्थिक अपराध इकाई कर रही है।

    ईओयू ने नवादा के सदर थाना में दर्ज केस संख्या 610/26 को अपने हाथ में लेकर जांच शुरू कर दी है। यह मामला 14 जून को आयोजित भर्ती परीक्षा से जुड़ा है।

    केएल साहू कॉलेज, नवादा के केंद्राधीक्षक के बयान पर सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच के दौरान एक परीक्षार्थी के पास से आंसर की जैसा पुर्जा मिलने के बाद धांधली की आशंका सामने आई थी।

    15 लोगों को बनाया गया अभियुक्त

    प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि बायोमेट्रिक और जैमर संचालन से जुड़े कुछ लोगों ने एक संगठित गिरोह बनाकर परीक्षा में कदाचार कराने की कोशिश की। मामले में कुल 15 लोगों को अभियुक्त बनाया गया है।

    इनमें विपिन कुमार, विकास कुमार, कुणाल कुमार, रोहित कुमार, रौशन कुमार और मनीष कुमार समेत छह लोग बायोमेट्रिक और जैमर संचालन से जुड़े कर्मी बताए गए हैं। इसके अलावा सात परीक्षार्थियों और दो वीक्षकों (इनविजिलेटर) को भी आरोपी बनाया गया है।

    ईओयू अब पूरे मामले की जांच कर यह पता लगाएगी कि परीक्षा में धांधली की साजिश किस स्तर पर रची गई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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