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    महिला रोजगार योजना: CM नीतीश ने 14,066 महिलाओं को 10-10 हजार ट्रांसफर किए, पटना में अब तक 626 करोड़ से ज्यादा बंटे

    Updated: Sat, 29 Nov 2025 07:02 AM (IST)

    जिलाधिकारी डॉ. त्यागराज एस एम ने बताया कि जिले में इस योजना के तहत अब तक कुल 6,26,937 महिला लाभुकों को 626 करोड़ 93 लाख 70 हजार रुपये की सहायता राशि दी जा चुकी है।

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    पटना की 14 हजार से अधिक महिलाओं को मिला आर्थिक संबल

    जागरण संवाददाता, पटना। महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत जिले की 14,066 महिला लाभार्थियों के बैंक खातों में कुल 14 करोड़ छह लाख 60 हजार की राशि हस्तांतरित की।

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    इस राज्यस्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण जिला मुख्यालय तथा सभी 23 प्रखंडों में किया गया, जिसमें 2,568 जीविका दीदियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने अनुभव साझा किए।

    जीविका दीदियों ने बताया कि सरकारी योजनाओं ने उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाया है और सामाजिक स्तर पर आत्मनिर्भर होने का अवसर प्रदान किया है। योजनाओं के प्रभाव को लेकर दिए गए उनके फीडबैक में यह स्पष्ट हुआ कि रोजगार के नए अवसरों ने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। समाहरणालय में आयोजित जिलास्तरीय कार्यक्रम में लगभग 100 जीविका दीदियां मौजूद रहीं।

    इस अवसर पर जिलाधिकारी डॉ. त्यागराज एस एम ने बताया कि जिले में इस योजना के तहत अब तक कुल 6,26,937 महिला लाभुकों को 626 करोड़ 93 लाख 70 हजार रुपये की सहायता राशि दी जा चुकी है।

    इससे महिलाओं की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिली है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से महिलाओं के विकास तथा सशक्तीकरण के प्रयास को काफी बल मिल रहा है। राज्य सरकार ने महिलाओं के लिए आरक्षण, स्वयं सहायता समूहों का सशक्तीकरण, जीविका परियोजना, शराबबंदी और अन्य सामाजिक सुधार कार्यक्रमों के जरिए ऐतिहासिक पहल की है।

    मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत हर घर की एक महिला को स्वरोजगार शुरू करने के लिए 10,000 रुपये की पहली किस्त दी जाती है। छह महीने बाद कार्य का आकलन करते हुए दो लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।

    उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से महिलाएं न सिर्फ आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि अपने परिवार, बच्चों और बुजुर्गों का बेहतर देखभाल करने में सक्षम हो रही हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक स्थिति में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया जा रहा है।