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    पटना में कोचिंग संस्थानों पर रहेगी कड़ी निगरानी, सुरक्षा मानकों का उल्लंघन अब नहीं होगा बर्दाश्त

    Updated: Tue, 17 Feb 2026 02:00 AM (IST)

    पटना में सभी कोचिंग संस्थान अब सख्त निगरानी में रहेंगे। डीएम और एसएसपी ने बिहार कोचिंग संस्थान अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए निर्देश दिए हैं। ...और पढ़ें

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    पटना में कोचिंग संस्थान रहेंगे सख्त निगरानी में

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    जागरण संवाददाता, पटना। अब शहर व जिले के सभी कोचिंग संस्थान सख्त निगरानी में रहेंगे। इसके लिए जिलास्तरीय निगरानी समिति गठित कर, सभी कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों की जांच करने को कहा गया है। साथ ही अनुमंडल व थानास्तर की टीमें भी नियमित निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करेंगी कि कोचिंग संस्थान मानक प्रक्रिया के अनुसार सुरक्षित व नियंत्रित तरीके से संचालित हों।

    यदि कोई संस्थान सुरक्षा मानकों का अनुपालन नहीं करता है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाए। ये निर्देश सोमवार को डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम व एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने बिहार कोचिंग संस्थान (नियंत्रण एवं विनियमन) अधिनियम 2010 के प्रभावी क्रियान्वयन को हुई बैठक में दिए।

    डीएम ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसे सुनिश्चित करने के लिए सभी कोचिंग संचालकों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा अभिभावकों की संयुक्त जिम्मेदारी है कि कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित हो।

    उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी को जिलास्तरीय कोचिंग निबंधन समिति की नियमित बैठक करने व कोचिंग संचालकों को 10 दिन में नए निबंधन या नवीकरण आवेदन देने का निर्देश दिया। कोई भी संस्थान वैध निबंधन प्रमाणपत्र के संचालित नहीं किया जा सकेगा इसलिए अधिकारियों को निर्धारित समय में आवेदनों का निष्पदान करने काे कहा गया है।

    बैठक में सभी एसपी, एडीएम आपदा प्रबंधन डीपी शाही, एडीएम विधि-व्यवस्था, अपर जिला दंडाधिकारी नगर व्यवस्था संजय कुमार, सभी एसडीओ-एसडीपीओ, जिला शिक्षा पदाधिकारी, सभी नगर कार्यपालक पदाधिकारी, जिला अग्निशमन पदाधिकारी, शिक्षा के सभी कार्यक्रम पदाधिकारी, सभी बीईओ व कोचिंग एसोसिएशन व संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

    हर थाने में बनेगी पंजी, कोचिंग का होगा पूरा विवरण

    एसएसपी ने कोचिंग संस्थानों के संचालकों को सुरक्षात्मक मानकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हर थाने में एक पंजी संधारित होगी, जिसमें उस क्षेत्र के सभी कोचिंग संस्थानों का पूर्ण विवरण रहेगा। कोचिंग संस्थानों के परिसर की सीसीटीवी से निगरानी अनिवार्य है। कोचिंग संस्थान के मुख्य प्रवेश द्वार, गलियारे व परिसर में उच्च गुणवत्ता वाले हाई रिजोल्यूसन वाले एचडी कैमरे लगाने होंगे। साथ ही कम से कम 30 दिनों का बैकअप सुरक्षित रखना होगा।

    संबंधित अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी व थानाध्यक्ष इन कैमरों की क्रियाशीलता की नियमित रूप से जांच करेंगे। छात्र-छात्राएं अपनी शिकायत दर्ज करा सकें इसलिए कोचिंग संस्थान में एक शिकायत पेटी की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए। नामांकित विद्यार्थियों के कक्षा से अनुपस्थित रहने पर उनके अभिभावकों को सूचित किया जाए। संस्थानों के रिसेप्शन व कामन एरिया में स्थानीय थाना, वरीय पुलिस पदाधिकारियों व डायल-112 जैसे इमरजेंसी व हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित किया जाए।

    मानकों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं

    डीएम ने कहा कि जिला प्रशासन ने पूर्व में जिला प्रशासन ने एडीएम आपदा व सभी अनुमंडल पदाधिकारियों की अध्यक्षता में टीम गठित कर कोचिंग संस्थानों की जांच कराई थी। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग व शिक्षा मंत्रालय ने भी कोचिंग संस्थानों के पंजीकरण एवं विनियमन हेतु समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

    जिला प्रशासन, पुलिस, शिक्षा, अग्निशमन, कोचिंग संस्थानों के संचालकों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी विद्यार्थियों के हित में आपस में समन्वय आवश्यक कार्रवाई कर कोचिंग संस्थानों में सुरक्षात्मक मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराएं। मानकों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    इन तीन मानकों का उल्लंघन हुआ तो कार्रवाई तय

    • बिना वैध निबंधन प्रमाणपत्र के अब जिले में कोई कोचिंग संस्थान संचालित नहीं होगा। प्रति छात्र न्यूनतम 1 वर्ग मीटर कक्षा क्षेत्र अनिवार्य होगा।
    • प्रवेश-निकास सुरक्षित व अवरोधमुक्त हो इसके लिए बिल्डिंग बायलाज का पालन करते हुए इमरजेंसी निकासी सुनिश्चित कराई जाए।
    • अग्नि सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की स्थिति में आवश्यक सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन अनिवार्य होगा।