Mustard Oil: सरसों तेल 200 पार, सर्फ-शैंपू से लेकर ब्यूटी प्रोडक्ट तक महंगे
रोजमर्रा की जरूरतों की चीजें जैसे खाद्य तेल, सर्फ, शैंपू और ब्यूटी प्रोडक्ट्स महंगे हो गए हैं। पाम ऑयल, ग्लिसरीन और पैकेजिंग सामग्री की कीमतों में बढ़ ...और पढ़ें

सरसों और खाद्य तेल के दाम में उछाल
HighLights
खाद्य तेल, सर्फ, शैंपू और ब्यूटी प्रोडक्ट्स महंगे हुए।
पाम ऑयल, ग्लिसरीन, पैकेजिंग सामग्री के दाम बढ़े।
आने वाले दिनों में कीमतें 5-10% और बढ़ेंगी।
जागरण संवाददाता, पटना। रोजमर्रा की जरूरतों पर महंगाई का असर अब और तेज होता दिख रहा है। पाम ऑयल, ग्लिसरीन और पैकेजिंग सामग्री की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण खाद्य तेल, सर्फ, शैंपू और ब्यूटी प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ने लगे हैं।
कारोबारियों का कहना है कि अगर कच्चे माल की कीमतों में जल्द राहत नहीं मिली तो आने वाले दिनों में आम लोगों की जेब पर और बोझ बढ़ सकता है।
सरसों और खाद्य तेल के दाम में उछाल
खुदरा बाजार में खाद्य तेलों की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। 750 ग्राम सोयातेल की कीमत अब 145 रुपये तक पहुंच गई है।
वहीं धारा ब्रांड का तेल 180 रुपये, सलोनी 180 रुपये, पतंजलि का तेल 200 रुपये और इंजन ब्रांड का तेल 205 रुपये तक बिक रहा है।
पाम ऑयल महंगा होने से बढ़ी परेशानी
खुदरा विक्रेता महासंघ के अनुसार पिछले तीन महीनों में पाम ऑयल की थोक कीमतों में 12 से 18 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है।
पहले 92 से 95 रुपये प्रति किलो मिलने वाला पाम ऑयल अब 108 से 112 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।
सर्फ, साबुन और शैंपू पर असर
पाम ऑयल महंगा होने का सीधा असर डिटर्जेंट और एफएमसीजी उद्योग पर पड़ा है।
साबुन, सर्फ, शैंपू और हैंडवॉश बनाने वाली कंपनियों की उत्पादन लागत तेजी से बढ़ी है।
कारोबारियों का कहना है कि कंपनियां फिलहाल पूरा बोझ ग्राहकों पर नहीं डाल रही हैं, लेकिन जल्द कीमतें बढ़ सकती हैं।
ग्लिसरीन की कीमतों में भी भारी बढ़ोतरी
ग्लिसरीन के दाम भी तेजी से बढ़े हैं। पहले 62 से 65 रुपये प्रति किलो मिलने वाली ग्लिसरीन अब 78 से 82 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।
इसका असर क्रीम, फेसवॉश, कॉस्मेटिक और औषधीय उत्पाद बनाने वाली कंपनियों पर साफ दिख रहा है।
ब्यूटी प्रोडक्ट भी हुए महंगे
स्किन केयर और ब्यूटी प्रोडक्ट्स के दामों में भी तेजी देखी जा रही है। बाजार में कई फेस किट और फेसपैक पहले के मुकाबले महंगे हो गए हैं।
पटेलनगर निवासी प्रियंका सिंह के अनुसार जो गोल्ड फेस किट पहले 350 रुपये में मिलती थी, उसकी कीमत अब 400 रुपये के पार पहुंच गई है।
पैकेजिंग सामग्री ने बढ़ाया खर्च
प्लास्टिक ग्रैन्यूल, कार्टन और पेपर पैकेजिंग सामग्री के दामों में भी बड़ा उछाल आया है।
प्लास्टिक ग्रैन्यूल करीब 8 से 10 प्रतिशत और कार्टन-पेपर पैकेजिंग लगभग 12 प्रतिशत तक महंगी हुई है।
कंपनियों पर बढ़ा अतिरिक्त दबाव
बोतल, रैपर और पैकेट निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल के महंगे होने से एफएमसीजी कंपनियों पर अतिरिक्त दबाव बन गया है।
उद्योग जगत का कहना है कि लगातार बढ़ती लागत के कारण कंपनियों के लिए पुराने दाम पर उत्पाद बेचना मुश्किल होता जा रहा है।
पैकेट छोटा कर रही कंपनियां
महंगाई से निपटने के लिए कुछ कंपनियां उत्पादों की पैकिंग का साइज छोटा करने लगी हैं।
ग्राहकों को एक ही कीमत पर अब कम मात्रा में सामान मिल रहा है, जिससे आम लोगों की चिंता बढ़ गई है।
आने वाले दिनों में और बढ़ सकते हैं दाम
कारोबारियों का अनुमान है कि आने वाले समय में साबुन, सर्फ, शैंपू, बिस्कुट और खाद्य तेलों की कीमतों में 5 से 10 प्रतिशत तक और बढ़ोतरी हो सकती है।
महंगाई की इस नई मार से आम उपभोक्ताओं का घरेलू बजट और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।
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