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    'कॉकरोच जनता पार्टी' पर प्रशांत किशोर का बयान, बोले- 20 मिलियन लोग सरकार के खिलाफ बोल रहे तो यह चिंता की बात

    Updated: Sat, 23 May 2026 10:37 PM (IST)

    प्रशांत किशोर ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' ट्रेंड पर कहा कि 20 मिलियन लोगों का सरकार के खिलाफ बोलना चिंता का विषय है। उन्होंने बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद ...और पढ़ें

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    युवाओं की समस्याओं को बताया अहम मुद्दा

    HighLights

    1. 20 मिलियन लोगों की नाराजगी सरकार के लिए चिंताजनक।

    2. बेरोजगारी, महंगाई युवाओं में असंतोष का मुख्य कारण।

    3. सोशल मीडिया ट्रेंड को सरकार गंभीरता से ले।

    राज्य ब्यूरो, पटना। Prashant Kishor ने सोशल मीडिया पर चर्चा में चल रही ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर 20 मिलियन लोग किसी एक प्लेटफॉर्म पर आकर सरकार के खिलाफ अपनी बात रख रहे हैं तो यह सरकार के लिए चिंता का विषय होना चाहिए।

    व्यवस्था से नाराज लोगों की संख्या बढ़ी

    प्रशांत किशोर ने कहा कि यह ट्रेंड दिखाता है कि बड़ी संख्या में लोग मौजूदा व्यवस्था से खुश नहीं हैं। उनके अनुसार युवाओं और आम लोगों के भीतर नाराजगी लगातार बढ़ रही है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

    युवाओं की समस्याओं को बताया अहम मुद्दा

    पीके ने कहा कि बेरोजगारी, महंगाई और अवसरों की कमी जैसे मुद्दों ने युवाओं में असंतोष पैदा किया है। सोशल मीडिया पर उभर रहे ऐसे कैंपेन उसी नाराजगी की अभिव्यक्ति हैं।

    सरकार को चेतावनी की तरह देखना चाहिए ट्रेंड

    उन्होंने कहा कि सरकार को इसे केवल मजाक या मीम कल्चर समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह संकेत है कि लोगों के भीतर व्यवस्था को लेकर असंतोष गहराता जा रहा है।

    बिहार की राजनीति में फिर सक्रिय हुए पीके

    जन सुराज अभियान के जरिए बिहार की राजनीति में सक्रिय प्रशांत किशोर लगातार सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर बयान दे रहे हैं। हाल के दिनों में वे रोजगार, शिक्षा और शासन व्यवस्था पर सरकार को घेरते रहे हैं।

    सोशल मीडिया से राजनीति तक पहुंची बहस

    ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का मुद्दा अब सोशल मीडिया से निकलकर राजनीतिक बहस का हिस्सा बन चुका है। युवा वर्ग के बीच यह तेजी से वायरल हो रहा है और अलग-अलग राजनीतिक दल भी इस पर नजर बनाए हुए हैं।

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    आने वाले समय में बढ़ सकती है राजनीतिक चर्चा

    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि युवाओं से जुड़े मुद्दों पर जल्द समाधान नहीं निकला तो ऐसे ऑनलाइन कैंपेन आने वाले समय में राजनीतिक माहौल को और प्रभावित कर सकते हैं।