Tejashwi Yadav: तकरार के बीच तेजस्वी यादव चुने गए महागठबंधन विधायक दल के नेता, सदन में आक्रामक रहेगा तेवर
पटना में महागठबंधन विधायक दल की बैठक में तेजस्वी यादव को नेता चुना गया। घटक दलों ने उनके नाम पर सहमति जताई। विधान मंडल सत्र में जनहित के मुद्दों पर आक्रामक रणनीति अपनाने पर चर्चा हुई। कांग्रेस ने रचनात्मक सहयोग का आश्वासन दिया। महागठबंधन अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ मुखर रहेगा और जनहित के मुद्दों पर समझौता नहीं करेगा।

महागठबंधन विधायक दल के नेता बने तेजस्वी यादव। जागरण आर्काइव
राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Politics: तेजस्वी यादव को महागठबंधन विधायक दल ने अपना नेता चुन लिया है। इस उद्देश्य से शनिवार को तेजस्वी के सरकारी आवास पर हुई बैठक में सभी घटक दल उनके नाम पर एकमत रहे।
बैठक में विधान मंडल सत्र के दौरान महागठबंधन की रणनीति पर चर्चा हुई। जन-हित के मुद्दों पर आक्रामक और राष्ट्र-राज्य हित में सकारात्मक रणनीति पर सहमति बनी।
कांग्रेस ने दिया रचनात्मक सहयोग का आश्वासन
बैठक में राजद के साथ कांग्रेस, वाम दल और इंडियन इंक्लूसिव पार्टी (आइआइपी) का प्रतिनिधित्व रहा। कांग्रेस की ओर से विधान पार्षद समीर सिंह ने रचनात्मक सहयोग का आश्वासन दिया और कहा कि महागठबंधन की एकता के लिए कांग्रेस प्रतिबद्ध है।
तय हुआ कि अब हार के कारणों पर पश्चाताप के बजाय भविष्य की चिंता करनी है। चूंकि संख्या बल में सत्ता पक्ष इस बार बहुत ही भारी है, लिहाजा महागठबंधन को हर हमेशा एकजुट रहना है।
जन-हित के मुद्दों से कोई समझौता नहीं होगा। अपराध और भ्रष्टाचार के विरुद्ध निरंतर आक्रामक रुख बनाए रखना है। इसके अलावा रोजी-रोजगार, महिला सुरक्षा व सशक्तीकरण, किसानों के उत्थान और महागठबंधन के घोषणा-पत्र में दर्ज मुद्दों पर मुखर रहना है।
इन मुद्दों पर आवश्यकतानुसार रचनात्मक आंदोलन भी होगा। समीर सिंह ने तेजस्वी को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बताया। बैठक में विस्मय के साथ हार पर चिंता भी प्रकट की गई।
अप्रत्याशित रही पराजय
चुनाव के दौरान विभिन्न सर्वे रिपोर्ट में भी तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री का सर्वाधिक पसंदीदा चेहरा (42 प्रतिशत तक) बताया गया। ऐसे में पराजय अप्रत्याशित रही, जो कि सुनियोजित थी।
इस बार की हार वस्तुत: प्रशासनिक मशीनरी और चुनाव आयोग की मिलीभगत का परिणाम है। उल्लेखनीय है कि विधानसभा में इस बार महागठबंधन की सदस्य संख्या कुल 35 की है।
उनमें राजद के 25, कांग्रेस के छह, भाकपा-माले के दो, माकपा और आइआइपी के एक-एक विधायक हैं। तेजस्वी को मुख्यमंत्री और विकासशील इंसान पार्टी (वीआइपी) के नेता मुकेश सहनी को उप मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित कर महागठबंधन चुनाव मैदान में उतरा था। वीआइपी एक भी सीट पर सफल नहीं रही। अब विधानसभा में महागठबंधन के पांच घटक दलों की उपस्थिति रह गई है।

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