रोहतास: डेहरी-डालमियानगर बनेगा नगर निगम, 24 राजस्व गांव होंगे शामिल
डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद को नगर निगम में बदलने की प्रक्रिया तेज हो गई है, जिसमें 24 राजस्व गांवों को शामिल किया जाएगा और कुल आबादी 2.11 लाख होगी।

डेहरी-डालमियानगर बनेगा नगर निगम, 24 राजस्व गांव होंगे शामिल
HighLights
डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद अब नगर निगम में होगा उत्क्रमित।
प्रस्तावित निगम में 24 राजस्व गांवों को शामिल किया जा रहा है।
शहरी बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं का होगा व्यापक विस्तार।
राम अवतार चौधरी, डेहरी आन रोहतास। डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद को नगर निगम में उत्क्रमित करने की प्रशासनिक कवायद तेज हो गई है। प्रस्तावित नगर निगम में नगर परिषद के वर्तमान 39 वार्डों के अलावा 24 राजस्व गांवों को शामिल किया जा रहा है। इसकी आबादी 2.11 लाख होगी। गठन के लिए प्रारंभिक प्रक्रिया पूरी कर कार्यपालक पदाधिकारी ने डीएम के पास प्रस्ताव भेज दिया है।
नगर परिषद के अधिकारियों के अनुसार नगर निगम गठन के लिए न्यूनतम दो लाख की आबादी का मानक निर्धारित है। नई जनगणना पूरी नहीं होने के कारण प्रस्ताव तैयार करने में वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों को आधार बनाया गया है। प्रस्तावित क्षेत्र की आबादी करीब 2.11 लाख है।
69.72 वर्ग किलोमीटर होगा प्रस्तावित क्षेत्र:
प्रस्ताव के अनुसार नवगठित नगर निगम का क्षेत्रफल लगभग 69.72 वर्ग किलोमीटर होगा। इसमें डेहरी डालमियानगर नगर परिषद में शामिल सभी 39 वार्ड भी शामिल रहेंगे।
प्रस्तावित नगर निगम में इन गांवों को किया जा रहा शामिल:
प्रस्तावित नगर निगम में डेहरी प्रखंड के बर्डीहा, सुजानपुर, मानिकपुर, भैंसहा, सखरा, खैराहा, मथुरी, मनौरा, गंगौली, अहिबरनपुर, भरकुरिया, बस्तीपुर, सिधौली, हुरका, बेरकप, चैनपुर, भुसहौला, कटार, दरिहट समेत अन्य गांवों को शामिल करने का प्रस्ताव है। वहीं अकोढ़ीगोला प्रखंड के मथुरापुर, उगरा, बांक और धरहरा को भी शामिल किया जा रहा है।
प्रस्ताव में डेहरी प्रखंड की भैंसहा, चकान्हा, मथुरी, गंगौली और बेरकप तथा अकोढ़ीगोला प्रखंड की बांक, चांदी और अकोढ़ी पंचायतों के क्षेत्रों को भी शामिल करने की योजना है।
दूर-दराज के गांव नहीं बनेंगे नगर निगम का हिस्सा:
अधिकारियों के अनुसार प्रस्ताव तैयार करते समय डेहरी से सटे और नजदीकी क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। अनावश्यक रूप से दूर-दराज के गांवों को प्रस्तावित निगम क्षेत्र में शामिल नहीं किया गया है। प्रस्ताव निर्धारित मापदंडों के आधार पर डीएम को भेजा गया है।
अब अंतिम निर्णय विभागीय स्तर से होगा। प्रस्ताव पर अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद नगर निगम गठन की आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। नगर निगम बनने से क्षेत्र में शहरी बुनियादी ढांचे, सड़क, जल निकासी, स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद है।
प्रारंभिक खर्च के लिए 40 करोड़ रुपए की होगी आवश्यकता:
प्रस्तावित निगम के संभावित आय स्रोतों में होल्डिंग टैक्स, जल कर, ट्रेड लाइसेंस, दुकान किराया, विज्ञापन शुल्क, भवन निर्माण अनुमति शुल्क और दाखिल-खारिज शुल्क शामिल हैं।
प्रारंभिक खर्च के लिए करीब 40 करोड़ रुपये, जबकि आवर्ती एवं अनावर्ती व्यय के लिए लगभग 80 करोड़ रुपये की आवश्यकता का आकलन किया गया है। निकाय को पूरी तरह आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होने में करीब 20 वर्ष लगने का अनुमान भी रिपोर्ट में व्यक्त किया गया है।
क्या कहते हैं ईओ?
डेहरी डालमियानगर नगर परिषद को उत्क्रमित कर नगर निगम बनाने की कवायद तेज की गई है। इसमें 24 राजस्व गांवों को शामिल किया गया है। प्रारंभिक प्रारूप बनाकर डीएम को भेजा गया है। राज्य स्तर से स्वीकृति मिलने के बाद डेहरी-डालमियानगर को विधिवत नगर निगम का दर्जा मिल सकेगा। - अमर ज्योति, कार्यपालक पदाधिकारी, डेहरी डालमियानगर नगर परिषद
