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    बिना अनुमति मुख्यालय से गायब रहने और रुस्तमपुर झड़प पर सख्ती: राघोपुर सीओ पर गिरी गाज, DM ने पद से हटाया

    Updated: Sun, 05 Apr 2026 08:14 PM (IST)

    हाजीपुर में जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने राघोपुर के अंचलाधिकारी दीपक कुमार को कर्तव्यहीनता और अनुशासनहीनता के आरोप में तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया है ...और पढ़ें

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    वर्षा सिंह, डीएम वैशाली

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    जागरण संवाददाता, हाजीपुर। कर्तव्यहीनता और अनुशासनहीनता के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने राघोपुर के अंचलाधिकारी दीपक कुमार को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया है।

    उन्हें राघोपुर से हटाकर जिला जन शिकायत कोषांग, वैशाली में योगदान देने का आदेश दिया गया है। जिलाधिकारी ने यह कड़ी कार्रवाई सीओ द्वारा कार्यों में रुचि न लेने, बिना अनुमति मुख्यालय से गायब रहने और बीते रविवार को रुस्तमपुर में हुई एक हिंसक झड़प में उनकी भूमिका के मद्देनजर की है। वहीं, राघोपुर के राजस्व अधिकारी राजीव रंजन चौधरी को अंचलाधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    मालूम बीते रविवार को रुस्तमपुर थाना क्षेत्र के रुस्तमपुर गांव में भूमि विवाद के दौरान दो पक्षों के बीच अंचलाधिकारी दीपक कुमार और राघोपुर थाना के पुलिस पदाधिकारी की मौजूदगी में हिंसक झड़प हो गई थी।

    इस घटना में दो महिलासमेत 15 लोग घायल हो गए थे। पीड़ित पक्ष ने विवाद के लिए अंचलाधिकारी को जिम्मेदार ठहराया था। मारपीट का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुआ था। मामले को दैनिक जागरण में प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद जिलाधिकारी ने त्वरित कार्रवाई की।

    डीएम ने आदेश में गिनाईं कमियां

    जारी आदेश में कहा गया है कि बार-बार निर्देश देने के बावजूद दीपक कुमार द्वारा कार्य में अभिरुचि नहीं ली जा रही थी और न ही अपेक्षित गंभीरता दिखाई जा रही थी। वे अक्सर बिना पूर्व अनुमति के मुख्यालय से अनुपस्थित रहते थे।

    किसी भी मामले में पूछे जाने पर संतोषजनक उत्तर नहीं देना, कर्मियों से समन्वय स्थापित नहीं करना तथा दिए गए आदेशों का अनुपालन नहीं करना उनकी कार्यशैली को दर्शाता है, जो पदीय दायित्वों एवं नेतृत्व क्षमता के प्रतिकूल है।

    आदेश के अनुसार, राजीव रंजन चौधरी, राजस्व अधिकारी, राघोपुर को पूर्व आवंटित कार्यों के अतिरिक्त अंचलाधिकारी के रूप में अगले आदेश तक कार्य करने के लिए अधिकृत किया गया है। साथ ही वित्तीय कार्यों के निष्पादन हेतु बिहार कोषागार संहिता 2011 के नियम 84 एवं बिहार वित्तीय नियमावली के नियम 110 के तहत उन्हें वित्तीय शक्तियां भी प्रदान की गई हैं।

    पूर्व में भी लगते रहे हैं आरोप

    पूर्व में भी अंचलाधिकारी के खिलाफ कई शिकायतें सामने आ चुकी हैं। वर्ष 2025 में राघोपुर में बाढ़ के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों, राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने कई दिनों तक विरोध प्रदर्शन किया था। उन पर खाद्य सामग्री, पालीथिन शीट वितरण में गड़बड़ी तथा जीआर सूची में धांधली कर बाढ़ पीड़ितों के खातों में राशि भेजने में अनियमितता के आरोप लगाए गए थे।

    स्थानीय लोगों का आरोप था कि बिचौलियों के माध्यम से जीआर सूची तैयार कर एक ही परिवार के कई लोगों के खातों में राशि भेज दी गई, जबकि पात्र होने के बावजूद कई लोग वंचित रह गए। बाढ़ के दौरान संचालित सामुदायिक किचन एवं राहत वितरण की जांच की भी मांग की गई थी।

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