₹2550 करोड़ से इस शहर में EV बैटरी के सबसे खास हिस्सा बनाने का प्लांट, 105 एकड़ में विकसित...
आंध्र प्रदेश सरकार ने चित्तूर जिले में ₹2550 करोड़ के ईवी बैटरी कैथोड मटेरियल प्लांट को मंजूरी दी है। एनपीएसपीएल स्पेशलिटी केमिकल्स द्वारा 105 एकड़ मे ...और पढ़ें

चित्तूर जिले में 2,550 करोड़ रुपये की लागत से एक विशाल प्लांट लगने जा रहा है। (AI फोटो- प्रतीकात्मक रूप में)
नई दिल्ली। इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के तेजी से बढ़ते बाजार और 'आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, आंध्र प्रदेश सरकार ने एक अहम प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है। चित्तूर जिले में 2,550 करोड़ रुपये की लागत से एक विशाल प्लांट लगने जा रहा है, जो ईवी बैटरी के सबसे महत्वपूर्ण घटकों में से एक का निर्माण करेगा।
यह ₹2550 करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट कहां और कौन लगा रहा है?
आंध्र प्रदेश सरकार ने एनपीएसपीएल स्पेशलिटी केमिकल्स (NPSPL Specialty Chemicals) की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। यह अत्याधुनिक विनिर्माण इकाई (मैन्युफैक्चरिंग यूनिट) चित्तूर जिले के गुडुपल्ले मंडल में स्थापित की जाएगी। इस विशाल प्लांट को विकसित करने के लिए कुल 105 एकड़ जमीन तय की गई है।
इस प्लांट में क्या बनेगा और यह EV के लिए इतना खास क्यों है?
इस संयंत्र में मुख्य रूप से लिथियम आयन (Lithium-ion) बैटरी में इस्तेमाल होने वाले एक प्रमुख घटक कैथोड मटेरियल का उत्पादन किया जाएगा। कैथोड सामग्री किसी भी बैटरी के प्रदर्शन (परफॉर्मेंस) की रीढ़ होती है। यह बैटरी के ऊर्जा घनत्व (Energy Density), उसकी सुरक्षा और उसके लाइफ साइकल को बेहतर बनाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस प्लांट में बनने वाली कैथोड सामग्री का इस्तेमाल न सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को शक्ति देने के लिए होगा, बल्कि इसका उपयोग उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स और ऊर्जा भंडारण प्रणालियों (Energy Storage Systems) में भी किया जाएगा।
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इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से भारत को क्या बड़ा फायदा होगा?
वर्तमान में भारत बैटरी निर्माण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सामग्रियों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर है। इस बड़ी परियोजना का मुख्य उद्देश्य भारत के घरेलू बैटरी और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण परिवेश (इकोसिस्टम) को मजबूत करना है।
कैथोड सामग्री का देश में ही बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू होने से इन महत्वपूर्ण सामग्रियों के लिए हमारी आयात निर्भरता काफी हद तक कम हो जाएगी। यह कदम भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और उन्नत सामग्री क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर मजबूती प्रदान करेगा।
राज्य सरकार इस प्लांट के लिए कंपनी को क्या विशेष छूट दे रही है?
इस प्रोजेक्ट को आंध्र प्रदेश सरकार की नई इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण विनिर्माण नीति (2025-30) के तहत मंजूरी मिली है। राज्य सरकार के आधिकारिक आदेश के मुताबिक, विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए कंपनी को कई तरह के खास प्रोत्साहन (Incentives) दिए जाएंगे। इनमें बिजली शुल्क से पूरी तरह छूट और बिजली लागत में विशेष आर्थिक सहायता जैसी अहम रियायतें शामिल हैं, जिससे कंपनी को प्लांट के निर्बाध संचालन में बड़ी मदद मिलेगी।
भाषा इनपुट के साथ
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