स्पाइसजेट को डार्क पैटर्न का इस्तेमाल करना पड़ा महंगा, CCPA ने ठोका जुर्माना
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने ग्राहकों से ज्यादा पैसे वसूलने के लिए 'डार्क पैटर्न' का इस्तेमाल करने पर स्पाइसजेट पर 1 लाख रुपये का जुर ...और पढ़ें

CCPA ने स्पाइसजेट पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
HighLights
CCPA ने स्पाइसजेट पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
एयरलाइन ने बुकिंग प्लेटफॉर्म पर 'डार्क पैटर्न' का इस्तेमाल किया।
ग्राहकों को गुमराह कर लॉयल्टी प्रोग्राम में शामिल किया गया।
नई दिल्ली। ग्राहकों से ज्यादा पैसा वसूलने के लिए डार्क पैटर्न का इस्तेमाल करने वाली स्पाइसजेट पर एक्शन हुआ है। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने एयरलाइन पर एक लाख रुपये का जुर्माना ठोका है।
चीफ कमिश्नर निधि खरे और कमिश्नर अनुपम मिश्रा की अगुवाई वाली सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने जांच में पाया कि एयरलाइन ने अपने फ्लाइट बुकिंग प्लेटफॉर्म पर गुमराह करने वाले तरीके जिसे डार्क पैटर्न कहा जाता है का इस्तेमाल किया। यह कारण की CCPA ने एयरलाइन पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री ने दी जानकारी
केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि ग्राहकों की पसंद जानकारी पर आधारित होनी चाहिए, न कि उन्हें गुमराह करके तय की जानी चाहिए।
प्रह्लाद जोशी ने बताया- "सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने स्पाइसजेट एयरलाइंस पर अपने फ्लाइट बुकिंग प्लेटफॉर्म पर गुमराह करने वाले "डार्क पैटर्न" का इस्तेमाल करने के लिए जुर्माना लगाया है और एयरलाइन को डिफॉल्ट-सहमति वाले तरीकों को हमेशा के लिए बंद करने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई इस बात पर जोर देती है कि ग्राहकों की सहमति हमेशा साफ-साफ, जानकारी के साथ और अपनी मर्जी से दी जानी चाहिए।"
Consumer choice must be informed, not manipulated.
— Pralhad Joshi (@JoshiPralhad) July 17, 2026
The Central Consumer Protection Authority (CCPA) has imposed a penalty on SpiceJet airlines for deploying deceptive "dark patterns" on its flight booking platform and directed the airline to permanently discontinue… pic.twitter.com/4WNtTP8cfA
CCPA ने अपनी जांच में पाईं ये बातें
सीसीपीए ने अपनी जांच में निम्नलिखित बातें पाईं
- ग्राहकों को पहले से टिक किए गए चेकबॉक्स के जरिए अपने-आप 'स्पाइस क्लब लॉयल्टी प्रोग्राम' में शामिल कर लिया जाता था।
- ग्राहकों को प्रमोशनल मैसेज पाने के लिए सहमत माना जाता था क्योंकि डिफॉल्ट विकल्प पहले से ही चुना हुआ होता था, और इसके लिए ग्राहकों को कुछ भी नहीं करना पड़ता था।
- CCPA का नोटिस मिलने के बाद भी, कंपनी ने भविष्य में टेक्स्ट मैसेज, WhatsApp और ईमेल के जरिए मैसेज भेजने के लिए पहले वाले तरीके को बदलकर एक और 'पहले से टिक किए गए चेकबॉक्स' वाला तरीका अपना लिया, यानी उसी तरीके को अलग रूप में जारी रखा।
स्पाइसजेट बोली- तकनीकी दिक्कत
इस मामले की कार्यवाही के दौरान स्पाइसजेट ने कहा कि उसके टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म पर यह समस्या टेक्निकल खराबी के कारण हुई थी। इसके बाद CCPA ने कंपनी से एक अंडरटेकिंग देने को कहा गया, जिसमें यह पुष्टि की जाए कि जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं और उन्हें स्थायी रूप से जारी रखा जाएगा।
खबरें और भी
अथॉरिटी ने पाया कि ऐसी हरकतें ग्राहकों की आजादी को कम करती हैं। सही जानकारी के आधार पर फ़ैसला लेने की क्षमता को कमजोर करती हैं और ग्राहकों के साथ निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवहार के सिद्धांतों के खिलाफ हैं।
यह भी पढ़ें- दुबई के शेख के हाथों में जाते ही 83 साल पुराने भारतीय बैंक का मुनाफा 27% उछला, NII 1600 करोड़ रुपये के पार