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क्रूड ऑयल $107 के पार, क्या अब महंगा होगा पेट्रोल-डीजल? इन वजहों से लगी तेल में आग

Published: Mon, 14 Sep 2026 08:46 AM (IST)

Crude Oil Price Hike: मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतें $107 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं।

किन वजहों से बढ़ें तेल के दाम?

किन वजहों से बढ़ें तेल के दाम?

HighLights

  1. मध्य पूर्व तनाव, अमेरिका-ईरान संघर्ष से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं।

  2. ब्रेंट क्रूड $107.63, WTI क्रूड $102.48 प्रति बैरल पर पहुंचा।

  3. वैश्विक अर्थव्यवस्था पर महंगाई और पेट्रोल-डीजल महंगा होने का खतरा।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में लगातार गहराते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष ने ग्लोबल मार्केट में खलबली मचा दी है। इस अस्थिरता का सीधा असल कच्चे तेल (Crude Oil) की सप्लाई चेन पर पड़ रहा है, जिसके चलते ब्रेंट क्रूड में भारी उछाल दर्ज किया गया है।

कितने बढ़े दाम?

युद्ध और अस्थिरता की आशंकाओं के बीच अंचरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अपने मई के बाद के सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। बता दें कि ब्रेंट क्रूड (Brent Crude Price) $107.63 प्रति बैरल लगभग 6.34% की तेजी के साथ बढ़ा है। वहीं WTI क्रूड $102.48 प्रति बैरल लगभग 6.69% के जबरदस्त उछाल के साथ आगे बढ़ा है।

कच्चे तेल में इस भारी उछाल के 4 बड़े कारण

1. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तनातनी और दोनों देशों के बीच जारी सैन्य संघर्ष ने दुनिया भर के तेल निवेशकों में सप्लाई रुकने का डर पैदा कर दिया है।

2. दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्ग होर्मुज स्ट्रेट में भारी अस्थिरता है। युद्ध से पहले जहां यहां से 8 से 9 मिलियन बैरल प्रति तेल का एक्सपोर्ट होता था, वह अब गिरकर 2 मिलियन बैरल से भी नीचे आ गया है।

3. ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा यमन के मोचा पोर्ट पर कब्जा और लाल सागर में ऑयल टैकर्स पर हो रहे हमलों ने संकट को और गहरा कर दिया है।

4. जहां चीन की ओर तेल की भारी खरीदारी हो रही है, वहीं सऊदी अरब के उत्पादन में भारी गिरावट दर्ज की गई है। अगस्त में सऊदी अरब का उत्पादन लगभग 23% मिलियन बैरल प्रतिदिन पर आ गया, जा इस साल का सबसे निचला स्तर है।

महंगाई बढ़ने का खतरा

कच्चे तेल की कीमतों में आई यह तेजी वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरे की घंटी है। अमेरिका और यूरोप में पेट्रोल और डीजल के दाम अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट महंगी होने से दुनिया भर में रोजमर्रा की जरूरी चीजों की महंगाई दर (Inflation Rate) फिर से बढ़ने का अंदेशा है। वहीं महंगाई बढ़ने के डर से अमेरिका का केंद्रीय बैंक (Federal Reserve) जल्द ही ब्याज दरों (Interest Rates) में इजाफा कर सकता है, जिससे ग्लोबल मार्केट पर दबाव और बढ़ेगा।

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