ज्यादा है फ्लैट-घर का किराया? HRA पर मिल सकती है 50% की टैक्स छूट; नोएडा-गुड़गांव वालों के लिए क्या होगा खास?
Draft Income Tax Rules 2026 HRA: सरकार पुराने टैक्स सिस्टम के तहत हाउस रेंट अलाउंस (HRA) छूट के लिए शहरों की सूची बढ़ाने पर विचार कर रही है। ड्राफ्ट न ...और पढ़ें

ज्यादा है फ्लैट-घर का किराया? HRA पर मिल सकती है 50% की टैक्स छूट; नोएडा-गुड़गांव वालों के लिए क्या होगा खास?
New HRA Cities 2026: क्या आपके शहर किसी बड़े शहर में जॉब करते हैं? क्या आपके फ्लैट-घर का किराया ज्यादा है? अगर हां, तो आपके लिए खुशखबरी है। क्योंकि, सरकार देश के बड़े शहरों में रहने वाले सैलरीड प्रोफेशनल्स को जल्द ही टैक्स में बड़ी राहत देने जा रही है। सरकार ने पुराने टैक्स सिस्टम (Old Tax Regime) के तहत ज्यादा हाउस रेंट अलाउंस (HRA) छूट पाने वाले शहरों की सूची बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। यह जानकारी ड्राफ्ट इनकम टैक्स नियम 2026 में दी गई है।
50% तक का HRA कर सकेंगे क्लेम
प्रस्तावित बदलाव के तहत बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद (Bengaluru, Hyderabad, Pune Ahmedabad HRA 50%) को उन शहरों की सूची में शामिल किया जा सकता है, जहां रहने वाले कर्मचारी अपनी सैलरी का 50% तक HRA छूट के रूप में क्लेम कर सकेंगे।
अगर यह लागू होता है, तो इन चार शहरों को मिलाकर कुल आठ बड़े शहर ऐसे हो जाएंगे, जहां 50% तक की छूट (50% HRA exemption cities) मिलेगी। बाकी देश में यह सीमा पहले की तरह 40% ही रहेगी।
फिलहाल मुंबई, दिल्ली, कोलकाता और चेन्नई में रहने वाले टैक्सपेयर्स को सैलरी का 50% तक HRA छूट मिलती है, जबकि अन्य सभी शहरों के कर्मचारियों के लिए यह सीमा 40% तय है। हालांकि, अभी इसमें नोएडा और गुड़गांव का नाम शामिल नहीं है।
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बड़ा सवालः HRA में किसे मिलती है छूट?
अधिकारियों का मानना है कि नया ढांचा देश के बदलते शहरी हालात को बेहतर तरीके से दर्शाता है, क्योंकि अब ऊंचे किराए सिर्फ पारंपरिक मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं रहे। जो कर्मचारी पुराने टैक्स सिस्टम (Old Tax Regime) को चुनते रहेंगे, उनके लिए यह बदलाव टैक्स योग्य आय कम कर सकता है और हाथ में आने वाली सैलरी बढ़ा सकता है।
HRA छूट इनकम टैक्स एक्ट की धारा 10(13A) के तहत मिलती है, लेकिन यह सिर्फ उन्हीं लोगों के लिए है जो ओल्ड टैक्स रिजीम (Old Tax Regime) चुनते हैं। नए टैक्स सिस्टम में टैक्स दरें कम जरूर हैं, लेकिन HRA सहित ज्यादातर छूटें हटा दी गई हैं।
HRA नियमों को आधुनिक बनाने की कोशिश
सरकार का यह कदम देश के बदलते आर्थिक नक्शे के अनुरूप HRA नियमों को आधुनिक बनाने की कोशिश माना जा रहा है। पिछले एक दशक में बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे जैसे शहर बड़े टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस हब बन चुके हैं, जहां बड़ी संख्या में नौकरीपेशा लोग बस रहे हैं।
इस तेज विकास के साथ इन शहरों में घरों का किराया भी तेजी से बढ़ा है, जो अब कई मामलों में मेट्रो शहरों के बराबर पहुंच चुका है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह प्रस्ताव खासतौर पर उन सैलरीड टैक्सपेयर्स के लिए पुराने टैक्स सिस्टम को ज्यादा आकर्षक बना सकता है, जो ऊंचा मासिक किराया दे रहे हैं।
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