India US Trade Deal: दाल-दूध से लेकर लैपटॉप तक... ट्रेड डील से क्या सस्ता, क्या महंगा होगा; देखें पूरी लिस्ट
भारत और अमेरिका के बीच होने वाले व्यापार समझौते से देश में कई सामान सस्ते हो सकते हैं। रेसिप्रोकल टैरिफ कटौती से लैपटॉप, मोबाइल गैजेट्स, कंज्यूमर इलेक ...और पढ़ें
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India US Trade Deal: दाल-दूध से लेकर लैपटॉप तक..., ट्रेड डील से क्या सस्ता, क्या महंगा होगा; देखें पूरी लिस्ट
नई दिल्ली। India US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच रेसिप्रोकल टैरिफ घटाने को लेकर हुए समझौते से देश में कई तरह के सामान सस्ते हो सकते हैं। इसमें टेक्नोलॉजी से जुड़े उत्पादों से लेकर कुछ कृषि उत्पाद तक शामिल हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस डील से लैपटॉप, मोबाइल गैजेट्स और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे टेक हार्डवेयर और उनके पार्ट्स की कीमतें कम हो सकती हैं।
इसके अलावा प्रोसेस्ड फूड, पैकेज्ड सामान और घरेलू उपकरण भी कम इंपोर्ट खर्च की वजह से सस्ते हो सकते हैं। दालें, डेयरी प्रोडक्ट्स और प्रोसेस्ड फूड जैसे कृषि उत्पादों पर लगने वाला आयात शुल्क घट सकता है, जिससे बढ़ती खाद्य महंगाई के दबाव को कुछ हद तक कम करने में मदद मिल सकती है।
India US Trade Deal से भारत में ये सामान हो सकते हैं सस्ते
- लैपटॉप, मोबाइल गैजेट्स, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और उनके कंपोनेंट्स/पार्ट्स — टेक हार्डवेयर सस्ता होने की सबसे ज्यादा संभावना।
- घरेलू उपकरण (हाउसहोल्ड अप्लायंसेज) — जैसे फ्रिज, वॉशिंग मशीन आदि के कुछ अमेरिकी ब्रांड या पार्ट्स।
- दालें (pulses) — अमेरिकी दालों के आयात पर ड्यूटी कम होने से कीमतों में राहत।
- डेयरी प्रोडक्ट्स (dairy products) — जैसे मिल्क पाउडर, चीज, बटरमिल्क आदि (हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में अभी भी हाई ड्यूटी का जिक्र है, लेकिन डील से कुछ राहत संभव)।
- प्रोसेस्ड फूड और पैकेज्ड सामान — जैसे प्रोसेस्ड फूड आइटम्स, स्नैक्स आदि।
- कुछ अन्य कंज्यूमर प्रोडक्ट्स — जैसे पैकेज्ड गुड्स और कुछ फूड आइटम्स जो अमेरिका से आते हैं।
भारत के इन बिजनेसस को हो सकता है फायदा
भारत-अमेरिका ट्रेड डील दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों के बीच व्यापार के तरीके को नया रूप दे सकती है। इससे भारत के टेक्सटाइल और रेडीमेड कपड़ा सेक्टर को टैरिफ कटौती का फायदा मिल सकता है।
ये प्रोडक्ट्स रह सकते हैं महंगे
- जेम्स और ज्वेलरी सेक्टर, जो भारत का बड़ा निर्यात क्षेत्र है, को इस ट्रेड डील से फायदा मिल सकता है। इसके अलावा स्टील और केमिकल जैसे औद्योगिक और इंजीनियरिंग सामान को भी बाजार में आसानी से पहुंच मिल सकती है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि स्टील, एल्युमिनियम और कॉपर जैसे कुछ उत्पादों पर अभी भी करीब 50 प्रतिशत तक ड्यूटी लग सकती है।
- विश्लेषकों के अनुसार, कुछ ऑटोमोबाइल पार्ट्स पर नई ट्रेड डील के बाद भी ज्यादा टैरिफ लगे रह सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत के बाद भारत और अमेरिका के बीच यह ट्रेड डील हुई।
इसके तहत अमेरिका ने भारतीय सामान पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है और भारत ने भी अमेरिकी उत्पादों पर व्यापारिक बाधाएं कम की हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस समझौते में भारत द्वारा रूस से तेल की खरीद कम करने और अमेरिका व संभवतः वेनेजुएला से तेल आयात बढ़ाने की बात भी शामिल है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "आज मेरे प्रिय मित्र राष्ट्रपति ट्रंप से बात करके बहुत अच्छा लगा। यह जानकर खुशी हुई कि अब 'मेड इन इंडिया' उत्पादों पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। इस शानदार घोषणा के लिए भारत के 1.4 अरब लोगों की ओर से राष्ट्रपति ट्रंप का धन्यवाद।"


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