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    चीन की दुखती रग पर भारत-जापान ने मिलकर रखा हाथ, साथ मिलकर रेगिस्तान में करेंगे रेयर अर्थ से जुड़ा ये काम!

    Updated: Tue, 03 Mar 2026 04:25 PM (IST)

    भारत और जापान मिलकर राजस्थान में रेयर अर्थ डिपॉजिट की खोज और खनन पर काम कर रहे हैं। इसका उद्देश्य रेयर अर्थ मेटल के लिए चीन पर निर्भरता कम करना है। ...और पढ़ें

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    चीन की दुखती रग पर भारत-जापान ने मिलकर रखा हाथ, साथ मिलकर रेगिस्तान में करेंगे रेयर अर्थ से जुड़ा ये काम!

    नई दिल्ली। रेयर अर्थ मेटल के लिए दुनिया के अधिकतर देश चीन पर निर्भर हैं। हालांकि, 2025 के बाद से यह निर्भरता धीरे-धीरे कम हो रही है। 2025 में चीन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के टैरिफ के जवाब में रेयर अर्थ एलिमेंट्स के निर्यात पर कई कड़े प्रतिबंध लगा दिए थे। इसके बाद से दुनिया के तमाम देशों ने रेयर अर्थ मेटल में खुद को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई कदम उठाए। इसमें भारत भी शामिल है।

    भारत ने तो अपने आम बजट में रेयर अर्थ कॉरिडोर बनाने की भी बात कही है। इन सबके बीच अब खबर है कि जापान, भारत के साथ मिलकर रेगिस्तानी राज्य राजस्थान में रेयर अर्थ डिपॉजिट की खोज करने के लिए बातचीत कर रहा है।

    राजस्थान में रेयर अर्थ को लेकर क्या करेंगे भारत और जापान?

    न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार इस बातचीत से जुड़े दो लोगों ने बताया कि टोक्यो मैग्नेट बनाने के लिए जरूरी सप्लाई के लिए चीन पर निर्भरता कम करना चाहता है। पिछले महीने, भारत के माइंस मिनिस्टर जी. किशन रेड्डी ने कहा था कि राजस्थान और पश्चिमी भारत के गुजरात राज्य में 1.29 मिलियन मीट्रिक टन रेयर अर्थ ऑक्साइड वाले तीन हार्ड रॉक रेयर अर्थ डिपॉजिट की पहचान की गई है।

    एक सूत्र ने बताया कि पिछले साल जापान और भारत के बीच जरूरी मिनरल्स पर हुए शुरुआती समझौते के बाद, टोक्यो ने राजस्थान के डिपॉजिट में दिलचस्पी दिखाई है और साइट पर एक्सपर्ट्स भेजने का प्लान बनाया है।

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    सूत्रों ने बताया कि राजस्थान में, जापानी सरकार रेयर अर्थ्स को जापान ले जाने के लिए स्टेबल तरीके से निकालने के बदले में टेक्नोलॉजी और फंडिंग देने पर विचार कर रही है। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि हार्ड रॉक डिपॉजिट को निकालने के लिए ऐसी टेक्नीक की जरूरत होती है जो भारत के पास अभी नहीं है।

    चीनी इंपोर्ट पर डिपेंडेंसी कम करने का प्लान

    जापान की तरह, भारत भी रेयर अर्थ एलिमेंट्स को हाई प्योरिटी लेवल तक प्रोसेस करने के लिए इंडस्ट्रियल लेवल की फैसिलिटी डेवलप करके चीनी इंपोर्ट पर डिपेंडेंस कम करना चाहता है, और जापान भी शायद जरूरी टेक्नोलॉजी दे सकता है।

    रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट के लिए जरूरी हैं, जिनका इस्तेमाल इलेक्ट्रिक गाड़ी की मोटर, विंड टर्बाइन, फाइटर जेट और ड्रोन में होता है, जो दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी इकॉनमी भारत के लिए बहुत जरूरी है।

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