'India-US Trade Deal से जेम्स-ज्वैलरी, टेक्सटाइल, एग्री और डेयरी सेक्टर को मिलेगा बूस्टर डोज', गोयल का बड़ा दावा
India-US Trade Deal: वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में है, जिससे जेम्स-ज्वैलरी, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग औ ...और पढ़ें

'India-US Trade Deal से जेम्स-ज्वैलरी, टेक्सटाइल, एग्री और डेयरी सेक्टर को मिलेगा बूस्टर डोज', गोयल का बड़ा दावा
नई दिल्ली| भारत-अमेरिका ट्रेड डील अब आखिरी दौर में है और इसका सीधा फायदा जेम्स-ज्वैलरी, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग और मरीन सेक्टर को मिलने वाला है। यह दावा वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने किया है।
पीयूष गोयल ने मंगलवार को साफ कहा कि भारत अमरेरिका ट्रेड डील (India US Trade Deal) में भारत ने कृषि और डेयरी सेक्टर के हितों से कोई समझौता नहीं किया। उन्होंने बताया कि यह समझौता भारतीय उद्योगों के लिए बड़े एक्सपोर्ट मौके खोलेगा, खासकर MSME सेक्टर को इसका बड़ा लाभ मिलेगा।
इस #IndiaUSTradeDeal से हमारे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग, हमारे engineering सेक्टर के सभी players, हमारे textiles क्षेत्र, हमारा gems & jewellery सेक्टर, हमारा leather and footwear सेक्टर, marine सेक्टर, सभी को ढेर सारे अवसर मिलेंगे। pic.twitter.com/bxVttOaQP2
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) February 3, 2026
इन्हें अमेरिकी बाजार में मिलेंगे नए अवसर
गोयल के मुताबिक, इस डील से इंजीनियरिंग गुड्स बनाने वाली कंपनियों को, टेक्सटाइल इंडस्ट्री, जेम्स और ज्वैलरी कारोबार, लेदर-फुटवियर सेक्टर और मरीन प्रोडक्ट्स एक्सपोर्टर्स को अमेरिकी बाजार में नए अवसर मिलेंगे। उन्होंने समझौते की पूरी डिटेल साझा नहीं की, लेकिन कहा कि संयुक्त बयान जल्द जारी होगा, जिससे डील की रूपरेखा साफ हो जाएगी।
पीयूष गोयल ने कहा कि कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने अमेरिका के साथ बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौता पूरा किया है और देश उन्हें बधाई दे रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के व्यक्तिगत रिश्तों ने इस समझौते को संभव बनाने में मदद की।
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जवाबी शुल्क 50% से घटकर 18% हो जाएगा
गोयल के मुताबिक, इस डील के तहत भारतीय उत्पादों पर लगने वाला जवाबी शुल्क 50% से घटकर 18% हो जाएगा, जिससे एक्सपोर्ट और प्रतिस्पर्धा दोनों बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि यह समझौता सिर्फ उद्योगों के लिए नहीं, बल्कि गरीबों, किसानों, मछुआरों और युवाओं के लिए भी नए अवसर लेकर आएगा। सरकार इसे भारत के उज्ज्वल आर्थिक भविष्य की मजबूत नींव मान रही है।


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