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    India-US Trade Deal: 'भारत 500 अरब डॉलर का अमेरिकी सामान खरीदेगा', ट्रंप का बड़ा दावा, लेकिन ये कितना सही?

    Updated: Tue, 03 Feb 2026 12:41 AM (IST)

    India-US Trade Deal:अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि भारत अमेरिका से 500 अरब डॉलर का सामान खरीदेगा और रूस से तेल खरीद कम करेगा। उन्होंने 25% स ...और पढ़ें

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    India-US Trade Deal: 'भारत 500 अरब डॉलर का अमेरिकी सामान खरीदेगा', ट्रंप का ये दावा कितना सही? ये रही पूरी सच्चाई

    स्मार्ट व्यू- पूरी खबर, कम शब्दों में

    India-US Trade Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सोशल पोस्ट में कहा है कि उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की। जिसके बाद भारत, अमेरिका से 500 अरब डॉलर का सामान खरीदने पर सहमत हुआ है। ट्रंप ने बताया कि भारत अब रूस से तेल लेना कम करेगा और अमेरिका तथा संभावित तौर पर वेनेज़ुएला से ज्यादा खरीद करेगा।

    साथ ही, उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच एक ट्रेड डील भी हुई है, जिसमें अमेरिका ने रेसिप्रोकल टैरिफ 25% से घटाकर 18% (Trump India tariff cut) कर दिया है। भारत भी अपने टैरिफ और नॉन-टैरिफ बाधाओं को जीरो करने की ओर बढ़ेगा।

    ट्रंप का कहना है कि यह सब युद्ध को समाप्त करने में मदद करेगा और भारत 500 अरब डॉलर का अमेरिकी ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, कृषि, कोयला और अन्य सामान खरीदेगा।

    यह भी पढ़ें- अमेरिका से देर रात आई गुड न्यूज! ट्रंप ने भारत के लिए घटाया रेसिप्रोकल टैरिफ, अब 25% नहीं सिर्फ 18% लगेगा

    500 अरब डॉलर का दावा कितना सही?

    आंकड़े बताते हैं कि ट्रंप का 500 अरब डॉलर का दावा बिल्कुल सच नहीं लगता। वर्तमान में भारत और अमेरिका के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार लगभग 200 अरब डॉलर के करीब है, न कि 500 अरब डॉलर के। इसका मतलब है कि ट्रंप के द्वारा बताए गए 500 अरब डॉलर का अमेरिकी सामान खरीदने का दावा वास्तविक व्यापार आंकड़ों से मेल नहीं खाता।

    ट्रेड डील के बारे में भी अभी तक दोनों सरकारों की तरफ से कोई आधिकारिक घोषणा सार्वजनिक नहीं हुई है, जिसमें इतना बड़ा बदलाव या टैरिफ कट घोषित किया गया हो।

    एक्सपर्ट्स का कहना है कि ट्रंप की पोस्ट में कुछ वाक्यों को गलत अर्थों में पेश किया गया है। भारत ने रोस्तो तेल के विकल्प और व्यापार बढ़ाने पर विचार किया है, लेकिन 500 अरब डॉलर का अमेरिकी सामान खरीदना फिलहाल वास्तविक आंकड़ों पर आधारित नहीं लगता।

    इसलिए अभी के लिए कहा जा सकता है कि ट्रंप का दावा आधा-अधूरा और वास्तविक व्यापार आंकड़ों से मेल नहीं खाता है।