ईरान का अल्टीमेटम: भारत में ₹200 लीटर पहुंचेगा पेट्रोल-डीजल! दूध-सब्जी से रोजमर्रा तक, क्या-क्या होगा महंगा?
Petrol Diesel Price Today: अमेरिकी-इजराइली हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि उस पर फिर हमला हुआ तो कच्चे तेल क ...और पढ़ें
-1772569101216_m.webp)
ईरान का अल्टीमेटम! भारत में ₹200 लीटर पहुंचेगा पेट्रोल-डीजल! दूध-सब्जी से रोजमर्रा तक, क्या-क्या होगा महंगा?

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नई दिल्ली| अमेरिकी-इजराइली हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव (middile east tensions) चरम पर है और इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर दिख रहा है। ईरान ने खुली चेतावनी दी है कि अगर उसके 'मुख्य केंद्रों' पर फिर हमला हुआ तो वह पूरे मिडिल ईस्ट के 'सभी आर्थिक केंद्रों' को निशाना बनाएगा।
ईरान की चेतावनी- 200 डॉलर पहुंचेगा क्रूड ऑयल!
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड के जनरल इब्राहिम जब्बारी ने साफ कहा,
अगर दुश्मन ने हमारे मुख्य ठिकानों को निशाना बनाया, तो हम क्षेत्र के सभी आर्थिक केंद्रों पर हमला करेंगे।"
उन्होंने यह भी दावा किया कि हमने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बंद कर दिया है। अभी तेल की कीमत 80 डॉलर से ऊपर है और जल्द ही 200 डॉलर प्रति बैरल (भारतीय करेंसी में 18,398 रुपए प्रति बैरल यानी 159 लीटर) तक पहुंचेगी।"
2024 के बाद पहली बार 85 डॉल पहुंचा क्रूड ऑयल
तनाव बढ़ते ही ब्रेंट क्रूड 85 डॉलर प्रति बैरल (भारतीय करेंसी में 7819 रुपए प्रति 159 लीटर) के पार चला गया, जो जुलाई 2024 के बाद पहली बार है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के लिए बेहद अहम रास्ता है, जहां से वैश्विक तेल कारोबार का करीब 20 फीसदी, यानी रोज लगभग 2 करोड़ बैरल तेल गुजरता है। कतर और यूएई जैसे देशों की एलएनजी सप्लाई भी इसी रास्ते से होती है।
तो ₹200 तक पहुंच सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम
अगर यह रास्ता लंबे समय तक बाधित रहा तो वैश्विक सप्लाई चेन और तेल आयात करने वाले देशों की अर्थव्यवस्था पर बड़ा झटका लगेगा। भारत अपनी जरूरत का 80 फीसदी से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है।
ऐसे में अगर अंतरराष्ट्रीय कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचती हैं, तो देश में पेट्रोल-डीजल 200 रुपए लीटर के करीब या उससे ऊपर जा सकते हैं।
यह भी पढ़ें- 'अब भी नहीं जागे तो चुकानी होगी भारी कीमत', वेदांता वाले अनिल अग्रवाल की चेतावनी; 90% तेल आयात पर निर्भर है भारत!
आखिर कैसे तय होती हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें?
उदाहरण के तौर पर दिल्ली के पेट्रोल-डीजल की कीमतों को मान लेते हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक कीमत 4 मुख्य हिस्सों में बंटी है:
- बेस प्राइस (BP): क्रूड ऑयल कॉस्ट + रिफाइनिंग + OMC मार्जिन + फ्रेट, जो क्रूड के साथ बदलता है।
- सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी (फिक्स्ड): पेट्रोल पर ₹19.98/लीटर, डीजल पर ₹15.8 प्रति लीटर
- डीलर कमीशन (फिक्स्ड): पेट्रोल पर ≈₹3.87/लीटर, डीजल पर ≈₹2.6/लीटर
- स्टेट VAT: पेट्रोल पर 19.40% (BP + एक्साइज + डीलर कमीशन पर लगता है), डीजल पर 16.75%
इस हिसाब से दकें तो अगर क्रूड ऑयल 200 डॉलर प्रति बैरल हो जाए तो दिल्ली में पेट्रोल की कीमत लगभग ₹177 प्रति लीटर और डीजल लगभग ₹168 प्रति लीटर तक पहुंच सकती है।
दूध, सब्जी से रोजमर्रा तक सब होगा महंगा
तेल महंगा होने का मतलब सिर्फ ईंधन महंगा होना नहीं है। ट्रांसपोर्ट, सब्जी-दूध, रोजमर्रा के सामान और महंगाई पर सीधा असर पड़ेगा। फिलहाल बाजार की नजर होर्मुज और अमेरिका-ईरान-इजराइल टकराव पर टिकी है। अगर हालात नहीं संभले, तो भारत में आम आदमी की जेब पर बड़ा वार तय है।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।