L&T को मिलेगा एक और विदेशी ठेका, इस देश में बनाएगी पहली अंडरग्राउंड मेट्रो; भारत के बाहर लगातार चौथा प्रोजेक्ट
Larsen and Toubro new order: देश की दिग्गज इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी L&T को बांग्लादेश में ढाका की पहली अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन ...और पढ़ें
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भारत को आंख दिखाने वाले बांग्लादेश में पहली अंडरग्राउंड मेट्रो बनाएगी इंडियन कंपनी, लगातार मिला चौथा विदेशी प्रोजेक्ट
HighLights
L&T को ढाका में पहली अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन का ठेका मिला।
यह 31 किलोमीटर लंबी परियोजना 5,000-10,000 करोड़ रुपये की है।
JICA वित्त पोषित यह L&T का चौथा बड़ा विदेशी प्रोजेक्ट है।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| L&T latest News: देश की दिग्गज इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी लार्सन एंड टूब्रो यानी एलएंडटी (L&T international projects) को एक और बड़ा विदेशी ठेका मिला है। सऊदी अरब, यूएई और उज्बेकिस्तान के बाद एलएंडटी को पड़ोसी देश बांग्लादेश से 5,000 से 10,000 करोड़ रुपए का एक मेजर ठेका मिला है। इस प्रोजेक्ट के तहत कंपनी बांग्लादेश की राजधानी ढाका (L&T Dhaka Metro project) में देश की पहली अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन बनाने जा रही है।
31 किलोमीटर होगी प्रोजेक्ट की लंबाई
इस 'ढाका मेट्रो लाइन 1' प्रोजेक्ट को जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA funded projects) की तरफ से फंड किया जा रहा है। इस मेट्रो लाइन की कुल लंबाई लगभग 31 किलोमीटर होगी। यह एक बेहद आधुनिक मास ट्रांजिट सिस्टम होगा, जो ढाका के लोगों का सफर पूरी तरह बदल देगा।
इस प्रोजेक्ट में दो अहम रूट शामिल किए गए हैं। पहला रूट कमलापुर से एयरपोर्ट तक जाएगा। वहीं, दूसरा रूट नतुन बाजार से पुरबाचल टर्मिनल तक की दूरी तय करेगा। इस पूरे शानदार नेटवर्क में कुल 19 स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके साथ ही पीतलगंज में इसका एक बड़ा डिपो तैयार किया जाएगा।
L&T के ट्रांसपोर्टेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर बिजनेस को इस प्रोजेक्ट के दो सबसे अहम सिस्टम पैकेज (CP09 और CP10) का काम सौंपा गया है। पैकेज CP09 के तहत L&T अपने जापानी पार्टनर 'सुमितोमो कॉर्पोरेशन' के साथ मिलकर काम करेगी। ये दोनों कंपनियां मिलकर पूरा मेट्रो ट्रैक बिछाएंगी।
CP10 पैकेज की जिम्मेदारी L&T को
साथ ही पावर सप्लाई, डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम और बिजली से जुड़ी सभी जरूरी सुविधाएं भी तैयार करेंगी। वहीं, पैकेज CP10 की पूरी जिम्मेदारी अकेले L&T के कंधों पर होगी। इसके तहत पूरे मेट्रो नेटवर्क के लिए सिग्नलिंग सिस्टम और टेलीकम्युनिकेशन का काम होगा। इसके अलावा सुरक्षा के लिए प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर (PSD) भी लगाए जाएंगे।
दिलचस्प बात यह है कि ढाका के लिए L&T कोई नया नाम नहीं है। इससे पहले कंपनी ढाका मेट्रो लाइन 6 का काम भी सफलतापूर्वक पूरा कर चुकी है। यह बांग्लादेश का पहला मेट्रो रेल कॉरिडोर था। यह आज आम जनता के लिए पूरी तरह से चालू है और लोग इसका फायदा उठा रहे हैं।
तय समय में ही करेंगे पूरा काम
इस नई कामयाबी पर L&T के ट्रांसपोर्टेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर हेड और सीनियर एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट रामकुमार एस ने खुशी जताई। उन्होंने कहा, "ढाका मास ट्रांजिट कंपनी से दोबारा इतना बड़ा ऑर्डर मिलना हमारी काबलियत का प्रमाण है।
यह साबित करता है कि L&T ग्लोबल स्तर के प्रोजेक्ट्स को शानदार तरीके से पूरा करती है।" उन्होंने भरोसा जताया कि जकार्ता और ढाका मेट्रो के पुराने अनुभवों के दम पर वे इस नए प्रोजेक्ट को भी वर्ल्ड-क्लास क्वालिटी के साथ तय समय पर पूरा करेंगे।
कंपनी के पास कौन-कौन से विदेशी प्रोजेक्ट?
एलएंडटी को उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में एक नया और आधुनिक इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने का ऑर्डर मिला है। जिसकी कीमत 15000 करोड़ रुपए है। कंपनी को इस अल्ट्रा-मेगा ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट के लिए शुरुआती काम शुरू करने की मंजूरी मिल गई है।
इसके अलावा, 5 अक्टूबर को कंपनी को सऊदी अरब और यूएई से EPC ऑर्डर मिल चुके हैं। जिनकी वैल्यू ₹10,000 से 15,000 करोड़ रुपए है। प्रोजेक्ट के तहत कंपनी को ट्रांसमिशन लाइन, सबस्टेशन और केबलिंग का काम करना है।
भारत में कौन-कौन से प्रोजेक्ट हैं कंपनी के पास?
एलएंडटी को पिछले हफ्ते दो सरकारी ऑर्डर मिले थे। पहला ऑर्डर केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) की तरफ से मिला है। इसके तहत नई दिल्ली में कर्तव्य पथ के पास भारत सरकार के कॉमन सेंट्रल सचिवालय की बिल्डिंग नंबर 4 और 5 का निर्माण किया जाना है।
दूसरा ऑर्डर आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा दिया गया है। यह प्रोजेक्ट अमरावती क्वांटम कंप्यूटिंग सेंटर के दोनों ओर दो ऑफिस टावर बनाने से जुड़ा हुआ है। इन दोनों टावरों में बेसमेंट, ग्राउंड और 47 मंजिलें (Floors) होंगी, और इनका कुल बिल्ट-अप एरिया 37.5 लाख वर्ग फीट होगा।
यह एक डिजाइन एंड बिल्ड ऑर्डर है, जिसमें एलएंडटी मुख्य रूप से शेल और कोर का काम करेगी। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की समयसीमा 30 महीने रखी गई है।कंपनी के मुताबिक, प्रत्येक प्रोजेक्ट की वैल्यू 2,500 करोड़ से 5,000 करोड़ रुपए के बीच है।
