सर्च करे
Home

Trending

    loading ads...
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    अनिल अग्रवाल के खिलाफ छत्तीसगढ़ हादसे को लेकर हुई FIR, तो सपोर्ट में उतरे नवीन जिंदल, बोले- ये दुख की बात...

    Updated: Sat, 18 Apr 2026 01:21 PM (IST)

    छत्तीसगढ़ में वेदांता प्लांट हादसे को लेकर अनिल अग्रवाल पर FIR दर्ज हुई है। इस पर जिंदल स्टील के चेयरमैन नवीन जिंदल ने अनिल अग्रवाल का समर्थन किया है। ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    अनिल अग्रवाल के खिलाफ छत्तीसगढ़ हादसे को लेकर हुई FIR, तो सपोर्ट में उतरे नवीन जिंदल, बोले- ये दुख की बात...

    नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ में वेदांता के प्लांट पर हुए हादसे को लेकर कंपनी के मालिक अनिल अग्रवाल (FIR Against Anil Agarwal) पर FIR दर्ज की गई है। अब इसी को लेकर जिंदल स्टील के चेयरमैन नवीन जिंदल, अनिल अग्रवाल (Naveen Jindal) के सपोर्ट में उतरे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अनिल अग्रवाल के खिलाफ दर्ज हुई FIR का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा कि छत्तीसगढ़ में हुई यह त्रासदी बेहद दुखद है। लेकिन अनिल अग्रवाल जी का नाम FIR में शािल करना कई गंभीर चिंताएं पैदा करता है।

    14 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के सिंगहतराई में वेदांता के थर्मल पावर प्लांट के अंदर हुआ जानलेवा धमाके में 20 मजदूरों की जान चली गई थी, जबकि कई मजदूरों का अभी इलाज चल रहा है।

    अनिल अग्रवाल के सपोर्ट में उतरे जिंदल स्टील के मालिक

    अब जब इस मामले में वेदांता के मालिक अनिल अग्रवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है तो उनके सपोर्ट में जिंदल स्टील के मालिक भी उतर आए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी बात लिखी।

    नवीन जिंदल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा- "छत्तीसगढ़ में हुई यह त्रासदी बेहद दुखद है। 20 परिवारों ने अपना सब कुछ खो दिया है। परिवारों के लिए उचित मुआवजा, आजीविका सहायता और इस हादसे की गहन जांच होनी चाहिए। इन मांगों पर कोई समझौता नहीं हो सकता।"

    'प्लांट के संचालन में उनकी कोई भूमिका नहीं'

    नवीन जिंदल ने आगे लिखा, "लेकिन, किसी भी जांच से पहले ही FIR में अनिल अग्रवाल जी का नाम शामिल करना गंभीर चिंताएं पैदा करता है। वह एक ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने अपनी मेहनत से सफलता पाई है। वह एक साधारण और पिछड़े समुदाय से आते हैं, जिन्होंने जीमीन से उठकर एक वैश्विक स्तर का उद्यम खड़ा किया। उस प्लांट के संचालन में उनकी कोई भूमिका नहीं थी।"

    उन्होंने आगे लिखा कि जब PSU प्लांट्स या रेलवे में दुर्घटनाएँ होती हैं, तो क्या हम चेयरमैन का नाम FIR में डालते हैं? हम ऐसा नहीं करते। यही मापदंड निजी क्षेत्र पर भी लागू होना चाहिए। पहले जांच करें। सबूतों के आधार पर जिम्मेदारी तय करें। उसके बाद ही कोई कार्रवाई करें।

    विकसित भारत के लिए अनिल अग्रवाल जैसे लोगों की है जरूरत

    नवीन जिंदल ने इस मुद्दे पर आगे लिखा कि भारत के विकसित भारत विजन कोअनिल अग्रवाल जी जैसे लोगों की जरूरत है, जो लगातार निवेश करते रहें और निर्माण कार्य जारी रखें। ऐसा तभी संभव है, जब निवेशकों का इस व्यवस्था पर भरोसा हो।

    यह भी पढ़ें- JP Associates: 'वेदांता को कभी विजेता घोषित नहीं किया गया', NCLAT के सामने किसने कही यह बात?