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    OPS vs NPS vs UPS vs एश्योर्ड पेंशन: इनमें क्या फर्क, किसमें ज्यादा फायदा? ओपीएस बहाली की मांग क्यों कर रहे कर्मचारी?

    Updated: Tue, 03 Mar 2026 04:32 PM (IST)

    8th Pay Commission: देश में आठवें वेतन आयोग की चर्चा के बीच पेंशन योजनाओं पर बहस तेज है। ऐसे में कर्मचारी OPS बहाली की मांग क्यों कर रहे हैं? जानें ...और पढ़ें

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    OPS vs NPS vs UPS vs एश्योर्ड पेंशन में क्या फर्क, किसमें ज्यादा फायदा? ओपीएस बहाली की मांग क्यों कर रहे कर्मचारी?

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    नई दिल्ली| देश में आठवें वेतन आयोग (8th pay commission) की चर्चा के बीच पेंशन का मुद्दा फिर सुर्खियों में है। नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS), यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS), एश्योर्ड पेंशन स्कीम और पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर कर्मचारियों के बीच लगातार बहस चल रही है।

    ऐसे में यह समझना जरूरी है कि आखिर इन चारों में फर्क क्या है? किसमें कितनी गारंटी है और क्यों बड़ी संख्या में कर्मचारी फिर से OPS बहाली की मांग कर रहे हैं?

    इसे लेकर जागरण बिजनेस ने ऑल इंडिया एनपीएस इंप्लॉईज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल से बात की। जिसमें उन्होंने चारों स्कीम का पूरा गणित समझा दिया।

    NPS क्या है, इससे कितना फायदा?

    डॉ. मंजीत सिंह पटेल के मुताबिक, NPS यानी नेशनल पेंशन स्कीम (National Pension Scheme) कॉर्पस आधारित योजना है। यानी कर्मचारी का जितना पैसा जमा होगा, उसी के हिसाब से पेंशन बनेगी। कर्मचारी अपनी सैलरी का 10% देता है और सरकार 14% योगदान करती है।

    कुल मिलाकर 24% हर महीने जमा होता है। लंबी नौकरी, जैसे 30 साल या उससे ज्यादा, तो बड़ा कॉर्पस बनेगा और पेंशन बेहतर मिलेगी। लेकिन जिनकी नौकरी कम साल की है या जल्दी रिटायरमेंट हो गया, उन्हें कम पेंशन मिल सकती है। यही NPS की सबसे बड़ी आलोचना है।

    UPS क्या है, इसमें क्या प्रावधान है?

    यूपीएस यानी यूनिफाइड फेंशन स्कीम (Unified Pension Scheme) ओपीएस जैसी दिखती है, क्योंकि इसमें 50% पेंशन का प्रावधान है। लेकिन एक शर्त है- कम से कम 25 साल की सेवा जरूरी।

    अगर 20 साल नौकरी की तो पेंशन घटकर लगभग 40% रह सकती है। एक और शिकायत यह है कि रिटायरमेंट पर कर्मचारी को अपना पूरा जमा पैसा वापस नहीं मिलता, सिर्फ सीमित हिस्सा मिलता है।

    यह भी पढ़ें- 8th Pay Commission: सैलरी-पेंशन, फिटमेंट फैक्टर और DA मर्जर पर बड़ा अपडेट! NC-JCM नेता ने सबकुछ कर दिया क्लियर

    केरल में लागू एश्योर्ड पेंशन स्कीम क्या है?

    हाल ही में केरल ने एश्योर्ड पेंशन स्कीम (Kerala Assured Pension Scheme) को लागू किया है। इसमें 30 साल की न्यूनतम सेवा की शर्त रखी गई है। यानी 30 साल पूरे होंगे तभी पूरी पेंशन मिलेगी। अगर भर्ती उम्र ज्यादा रही तो यह शर्त व्यवहारिक नहीं लगती। इसलिए इसे लेकर भी विवाद है।

    OPS को पसंद क्यों करते हैं कर्मचारी?

    ओपीएस यानी ओल्ड पेंशन स्कीम (Old Pension Scheme) में 10 साल की सेवा के बाद पेंशन का अधिकार बन जाता था। यानी दस वर्ष की नौकरी के बाद कभी भी रिटायरमेंट होने पर 50% पेंशन पक्की थी और जीपीएफ के रूप में कटा हुआ कर्मचारी का पैसा बिना कटौती के पूरा वापस मिल जाता था।

    सबसे बड़ी बात यह है कि 20 साल की नौकरी के बाद कर्मचारी कभी भी वॉलंटरी रिटायरमेंट ले सकता था जिसमें सारे लाभ पूर्ण रूप से मिलते थे और पेंशन अंतिम वेतन पर आधारित थी, कॉर्पस पर नहीं। इसलिए इसे 'गारंटीड' और सुरक्षित माना जाता है।

    कर्मचारी OPS बहाली की मांग क्यों कर रहे?

    कर्मचारी OPS की मांग (old pension restoration demand) इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि इसमें पेंशन की साफ गारंटी थी। उदाहरण के तौर पर अगर किसी कर्मचारी की आखिरी बेसिक सैलरी 60,000 रुपए है, तो OPS में उसे सीधा 50% यानी 30,000 रुपए मासिक पेंशन मिलती थी, चाहे बाजार की हालत कुछ भी हो।

    जबकि NPS में पेंशन इस बात पर निर्भर करती है कि 20-25 साल में कितना कॉर्पस जमा हुआ और उस पर कितना रिटर्न मिला। अगर नौकरी कम साल की रही तो पेंशन भी कम हो सकती है। UPS में भी 25 साल की सेवा जरूरी है। इसी अनिश्चितता के कारण कर्मचारी OPS को ज्यादा सुरक्षित मानते हैं।