Success Story: पिता चलाते थे 10x14 फीट की दुकान, 24 साल पहले ₹10 हजार से की नई शुरुआत; आज हैं ₹10000 करोड़ के मालिक
रवि मोदी ने वेदांत फैशन्स की स्थापना कर भारतीय फैशन उद्योग में एक सफल साम्राज्य खड़ा किया। सेल्समैन से शुरुआत ...और पढ़ें

बहुत दिलचस्प है वेदांत फेशंस की कहानी
HighLights
रवि मोदी ने 2002 में वेदांत फैशन्स की स्थापना की
माँ से 10,000 रुपये उधार लेकर शुरू किया बिजनेस
आज 9,700 करोड़ की कंपनी के मालिक
नई दिल्ली। कोई भी बड़ा बिजनेस एक दिन में खड़ा नहीं होता। उसकी नींव मेहनत, धैर्य और लगातार सीखने की आदत से पड़ती है। छोटे स्तर से शुरुआत करके ग्राहक की जरूरत समझना, क्वालिटी पर फोकस रखना और ईमानदारी से काम करना जरूरी होता है। शुरुआती दिनों में मुनाफा कम और चुनौतियाँ ज्यादा होती हैं, लेकिन अनुशासन और सही प्लानिंग से धीरे-धीरे भरोसा बनता है। एक बार बाजार में साख बन जाए तो वही मेहनत बिजनेस को नई ऊँचाई पर ले जाती है। इस पूरी प्रोसेस को साबित किया है रवि मोदी ने, जो एक समय सेल्समैन का काम करते थे। मगर आज हजारों करोड़ रुपये की कंपनी चलाते हैं।
कब शुरू किया बिजनेस?
रवि मोदी ने साल 2002 में 'वेदांत फैशन्स' (Vedant Fashions) शुरू की और भारतीय फैशन इंडस्ट्री में एक कामयाब साम्राज्य तैयार किया। कोलकाता में शुरू हुई वेदांत फैशन्स कई ब्रांड्स के जरिए सेल्स करती है, जिनमें मान्यवर, मोहे (Mohey) और मंथन आदि शामिल हैं।
मोदी की दूरदर्शी लीडरशिप में कंपनी ने जबरदस्त तरक्की की, जिसकी एक बड़ी मिसाल 2022 में आया सफल IPO है। उनकी लिस्टिंग कंपनी की मार्केट कैप आज 10 हजार करोड़ रुपये है। इस कामयाबी ने मोदी को भारत के सबसे अमीर लोगों की लिस्ट में भी शामिल कर दिया।
सेल्समैन का किया काम
रवि मोदी का बिजनेस सफर बहुत साधारण तरीके से शुरू हुआ। सिर्फ 13 साल की उम्र में उन्होंने कोलकाता में अपने पिता की कपड़ों की छोटी-सी दुकान (140 वर्ग फीट) पर सेल्समैन के तौर पर काम करना शुरू किया। 1990 के दशक के बीच में, जब वे टीनएजर थे, रवि मोदी ने परिवार की कपड़ों की दुकान में मन लगाकर काम किया और सेल्स व रिटेल ऑपरेशन्स का कीमती अनुभव हासिल किया।
उनकी दुकान पर मुख्य रूप से पुरुषों के मॉडर्न कपड़े जैसे जींस, टी-शर्ट, ट्राउजर और शॉर्ट्स बिकते थे, लेकिन पारंपरिक भारतीय कपड़े नहीं मिलते थे। रवि के बार-बार कहने के बावजूद कि दुकान में पुरुषों के कुर्ते और पजामे भी रखे जाएं, उनके पिता इस बदलाव के लिए तैयार नहीं थे।
कैसे आजमाया अपना आइडिया?
एक बार रवि के पिता तीर्थयात्रा पर गए, तब रवि 19 साल थे। तब रवि ने अपने आइडिया को आजमाने का सोचा। उन्होंने पुरुषों के कुर्ते-पजामे के 100 सेट मंगवाए और एक हफ्ते के अंदर ही 80 सेट बेच दिए, जिससे एथनिक कपड़ों की भारी मांग का आइडिया लगा।
22 साल की उम्र तक, उन्होंने दुकान की कमान संभाल ली थी, भारतीय एथनिक कपड़े बेचना शुरू कर दिया था और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में कदम रख दिया था।
मां से उधार लिए पैसे
भारतीय संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा देने वाले ब्रांड को बनाने के विजन के साथ, रवि मोदी ने वेदांत फैशन्स की शुरुआत की। अपनी माँ से उधार लिए गए सिर्फ 10,000 रुपये के साथ, उन्होंने एक ऐसा बिजनेस शुरू किया जिसने भारतीय फैशन इंडस्ट्री की तस्वीर ही बदल दी।
आज, वेदांत फैशन्स भारत के 248 शहरों में 662 स्टोर और 16 इंटरनेशनल आउटलेट चलाती है। फिलहाल कंपनी की मौजूदा वैल्यूएशन 9,700 करोड़ रुपये है।
दुनिया के अमीरों में शामिल
आज रवि मोदी दुनिया के अमीरों की लिस्ट में शामिल हैं। वे दुनिया के 2890वें सबसे अमीर शख्स हैं। फोर्ब्स के अनुसार उनकी नेटवर्थ इस समय 1.3 अरब डॉलर है, जो भारतीय करेंसी में 12,389 करोड़ रुपये बनती है।
