RBI MPC Meeting: आज से शुरू होगी आरबीआई की बैठक, क्या सस्ती होगी आपके Home Loan की EMI?
RBI Repo Rate: भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक (RBI MPC Meeting) आज से शुरू हो रही है। इस बैठक में रेपो रेट पर फैसला लिया जाएगा ...और पढ़ें

RBI Repo Rate: देश की केंद्रीय बैंक, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मौद्रिक समिति की बैठक (RBI MPC Meeting) आज से शुरू होने जा रही है। इस बैठक के दौरान वित्तीय संबंधित कई बड़े फैसले लिए जाते हैं। इसके साथ ही केंद्रीय बैंक यह भी तय करती है कि रेपो रेट (RBI Repo Rate) में कोई बदलाव करना है या नहीं।
रेपो रेट का सीधा असर आपके लोन की ईएमआई पर पड़ता है। यह समझने से पहले की रेपो रेट का होम लोन पर क्या असर पड़ता है। यह जानते हैं कि क्या इस बार रेपो रेट में कोई बदलाव होने वाला है या नहीं?
RBI Repo Rate: क्या होगा कोई बदलाव?
कई विशेषज्ञ ये आशंका जता रहे हैं कि आरबीआई इस रेपो रेट को स्थिर रखने वाली है। मौजूदा समय में रेपो रेट 5.25 फीसदी दर्ज की गई है।
एसबीआई के मुख्य अर्थशास्त्री सौम्य कांति घोष ने कहा कि दुनियाभर में चल रहे मौजूदा संकट से देश अछूता नहीं है। रुपया पहले ही 93 प्रति डॉलर के ऊपर बना हुआ है और कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर है, जिससे महंगाई बढ़ सकती है।’’ इस बीच आरबीआई रेपो रेट को स्थिर रखने की घोषणा कर सकता है।
क्रिसिल की प्रधान अर्थशास्त्री दीप्ति देशपांडे ने कहा कि यदि मुद्रास्फीति एमपीसी के लक्ष्य के करीब रहती है, तो मौद्रिक नीति में इस झटके को नजरअंदाज करके दरों को स्थिर रखा जा सकता है।
महंगाई से रेपो रेट का क्या नाता?
हमारे देश में महंगाई को सरकार और आरबीआई मिलकर महंगाई पर नियंत्रित करने की कोशिश करती है। सरकार राजकोषीय नीति (Fiscal Policy) के जरिए महंगाई कंट्रोल करने की कोशिश करती है। वहीं आरबीआई मौद्रिक नीति के जरिए महंगाई को नियंत्रित करने की कोशिश कर सकती है।
अगर महंगाई बढ़ती है तो आरबीआई रेपो रेट में बढ़ोतरी कर देता है, जिससे ज्यादा ब्याज पर लोन मिलता है। इसके बाद लोग महंगी वस्तु खरीदने से बचते हैं। फिर डिमांड कम होने से वस्तु और सेवाओं का प्राइस भी कम होता है। ऐसे ही अगर महंगाई कम होती है, तो आरबीआई रेपो रेट में कटौती करता है।
कब-कब कितना घटाया रेपो रेट?
| तारीख | रेपो रेट | बदलाव |
| 7 फरवरी | 6.25% | -0.25% |
| 9 अप्रैल | 6.00% | -0.25% |
| 6 जून | 5.50% | -0.50% |
| अगस्त | 5.50% | कोई बदलाव नहीं |
| 1 अक्टूबर | 5.50% | कोई बदलाव नहीं |
| 5 दिसंबर | 5.25% | -0.25% |
इस साल की पहली मौद्रिक समिति बैठक यानी फरवरी 2026 में भी आरबीआई ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया था।

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